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सदाचार को प्रेरित करती वैदिक संस्कृति: शास्त्री
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:26 AM IST
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सदाचार को प्रेरित करती है वैदिक संस्कृति: शास्त्री
छपार। गांव बसेड़ा में आर्य समाज के वेद प्रचार सप्ताह कार्यक्रम में समाज के नवनिर्माण के लिए पाखंड, अंधविश्वास और बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। आचार्य देवपाल शास्त्री ने कहा कि वैदिक संस्कृति सत्य, सदाचार, चरित्र निर्माण और देश भक्ति को प्रेरित करती है।
आर्य समाज बसेड़ा के भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वेद मंत्रों के साथ यज्ञ से हुआ। आचार्य देवपाल शास्त्री ने कहा कि वैदिक संस्कृति विश्व में सबसे प्राचीन है। वेदों में सभ्यता, धर्म, सदाचार और संपूर्ण ज्ञान विज्ञान निहित है। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि समाज सुधार के लिए जो आवाज ऋषि दयानंद और आर्य समाज ने उठाई, उसे गांव-गांव पहुंचाए। चरित्रवान और अनुशासित युवा पीढ़ी ही देश की रक्षा करेंगी। सुरेंद्र सिंह ने बच्चों को संस्कारित बनाने का आहवान किया। प्रधान जोरावर आर्य, राजपाल सिंह आर्य, अशोक कुमार आदि ने भी विचार रखे। संचालन धर्मवीर सिंह आर्य ने किया।
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छपार। गांव बसेड़ा में आर्य समाज के वेद प्रचार सप्ताह कार्यक्रम में समाज के नवनिर्माण के लिए पाखंड, अंधविश्वास और बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। आचार्य देवपाल शास्त्री ने कहा कि वैदिक संस्कृति सत्य, सदाचार, चरित्र निर्माण और देश भक्ति को प्रेरित करती है।
आर्य समाज बसेड़ा के भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वेद मंत्रों के साथ यज्ञ से हुआ। आचार्य देवपाल शास्त्री ने कहा कि वैदिक संस्कृति विश्व में सबसे प्राचीन है। वेदों में सभ्यता, धर्म, सदाचार और संपूर्ण ज्ञान विज्ञान निहित है। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि समाज सुधार के लिए जो आवाज ऋषि दयानंद और आर्य समाज ने उठाई, उसे गांव-गांव पहुंचाए। चरित्रवान और अनुशासित युवा पीढ़ी ही देश की रक्षा करेंगी। सुरेंद्र सिंह ने बच्चों को संस्कारित बनाने का आहवान किया। प्रधान जोरावर आर्य, राजपाल सिंह आर्य, अशोक कुमार आदि ने भी विचार रखे। संचालन धर्मवीर सिंह आर्य ने किया।
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