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शादी के जश्न में अनुमति का पेंच
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:32 AM IST
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डीजे बजाने के लिए लेनी होगी अनुमति
मुजफ्फरनगर। शादी-विवाह में डीजे पर हुड़दंग अब देर रात तक नहीं चल सकेगा। शादी के जश्न में अनुमति का पेंच फंस गया है। शादी, पार्टी में बजने वाले डीजे की अनुमति लेनी होगी। उसके बाद ही शोर-शराबा किया जा सकता है। यह भी रात्रि केवल 10 तक लागू रहेगा। इसके बाद डीजे बजता मिला तो क्षेत्रीय पुलिस उसे जब्त करेगी। थानों और तहसील में डीजे अनुमति के लिए लोगों ने शादी के कार्ड के साथ अनुमति के लिए आवेदन किए हैं।
हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाई है। यह सब ध्वनि प्रदूषण को लेकर किया गया है। इस नियम की जद में डीजे संचालक भी आ गए हैं, जिसके चलते डीजे संचालकों, बैंड-बाजा वालों के आगे भी मुसीबत ने मुंह खोल लिया है। अब तक शादी, जन्मदिन पार्टी या अन्य समारोह में मनचाहे समय तक डीजे पर गीत-संगीत की धुन गूंजती थी, लेकिन अब इस पर भी पाबंदी लग गई है। डीजे संचालकों, बैंडबाजों वालों को नाच-गाना करने के लिए अनुमति लेनी होगी। इतना ही नहीं, जिसके यहां पर शादी-विवाह है और डीजे बजाना तो उसे भी अनुमति पत्र भरना होगा। डीजे की अनुमति तो मिलेगी, लेकिन रात्रि दस बजे तक ही लागू होगी। उसके बाद धूम-धड़ाका मिला तो कार्रवाई होगी। पुलिस डीजे को जब्त तक कर सकती है। शहर में डीजे की अनुमति लेने के लिए एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, सिविल लाइन, नई मंडी और कोतवाली थाने में लोग शादी के कार्ड के साथ आवेदन पत्र लगा रहे हैं। शहर कोतवाल अनिल सिंह कप्परवान ने बताया कि डीजे की अनुमति दी जा रही हैं, लेकिन यह केवल रात्रि दस बजे तक लागू होगी। रोजाना करीब 5 से 10 लोग अनुमति के लिए पहुंच रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। शादी-विवाह में डीजे पर हुड़दंग अब देर रात तक नहीं चल सकेगा। शादी के जश्न में अनुमति का पेंच फंस गया है। शादी, पार्टी में बजने वाले डीजे की अनुमति लेनी होगी। उसके बाद ही शोर-शराबा किया जा सकता है। यह भी रात्रि केवल 10 तक लागू रहेगा। इसके बाद डीजे बजता मिला तो क्षेत्रीय पुलिस उसे जब्त करेगी। थानों और तहसील में डीजे अनुमति के लिए लोगों ने शादी के कार्ड के साथ अनुमति के लिए आवेदन किए हैं।
हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाई है। यह सब ध्वनि प्रदूषण को लेकर किया गया है। इस नियम की जद में डीजे संचालक भी आ गए हैं, जिसके चलते डीजे संचालकों, बैंड-बाजा वालों के आगे भी मुसीबत ने मुंह खोल लिया है। अब तक शादी, जन्मदिन पार्टी या अन्य समारोह में मनचाहे समय तक डीजे पर गीत-संगीत की धुन गूंजती थी, लेकिन अब इस पर भी पाबंदी लग गई है। डीजे संचालकों, बैंडबाजों वालों को नाच-गाना करने के लिए अनुमति लेनी होगी। इतना ही नहीं, जिसके यहां पर शादी-विवाह है और डीजे बजाना तो उसे भी अनुमति पत्र भरना होगा। डीजे की अनुमति तो मिलेगी, लेकिन रात्रि दस बजे तक ही लागू होगी। उसके बाद धूम-धड़ाका मिला तो कार्रवाई होगी। पुलिस डीजे को जब्त तक कर सकती है। शहर में डीजे की अनुमति लेने के लिए एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, सिविल लाइन, नई मंडी और कोतवाली थाने में लोग शादी के कार्ड के साथ आवेदन पत्र लगा रहे हैं। शहर कोतवाल अनिल सिंह कप्परवान ने बताया कि डीजे की अनुमति दी जा रही हैं, लेकिन यह केवल रात्रि दस बजे तक लागू होगी। रोजाना करीब 5 से 10 लोग अनुमति के लिए पहुंच रहे हैं।
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