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स्कूल की चौखट से दूर बच्चों को खोजेगा विभाग
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:51 AM IST
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स्कूल की चौखट से दूर बच्चों को खोजेगा विभाग
मुजफ्फरनगर। ग्रामीण अंचलों और नगर क्षेत्र में स्कूल की दहलीज से दूर बच्चों को खोजने के लिए सर्वे किया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को आदेश जारी किए हैं। डोर-टू-डोर बच्चों का सर्वे कर स्कूल आने और न आने वाले बच्चों का रिकार्ड बनाया जाएगा। जो बच्चे स्कूली शिक्षा से महरूम हैं, उनके अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बनाने के साथ जागरूक किया जाएगा।
जुलाई माह से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नया सत्र प्रारंभ होगा। नए सत्र में ही सर्व शिक्षा अभियान के अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके चलते परियोजना निदेशक ने आदेश जारी किए हैं कि गांवों और नगरीय क्षेत्रों में हाउस होल्ड सर्वे किया जाए। क्योंकि लगातार सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या घट रही है। नामांकन की स्थिति भी धीमी रहती है। अब फिर से विभाग सर्वे कर बच्चों की स्थिति का पता लगाएगा। बीआरसी स्तर पर नगर शिक्षा अधिकारी, समन्वयक कम से कम 20-20 गांवों का दौरा करेंगे। इसके साथ ही जिला स्तर पर बीएसए खुद कम से कम पांच बस्ती, मजरे और 100 का घरों सत्यापन कर बच्चों के स्कूल आने, न आने का कारणों का पता लगाएंगे। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि बच्चों का सर्वे तो पूर्व में भी किया गया है। नए सत्र में अधिक बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएग। कई क्षेत्रों में रैंडम जांच की गई है। जिस क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है, वहां अधिक जोर दिया जा रहा है।
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मुजफ्फरनगर। ग्रामीण अंचलों और नगर क्षेत्र में स्कूल की दहलीज से दूर बच्चों को खोजने के लिए सर्वे किया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को आदेश जारी किए हैं। डोर-टू-डोर बच्चों का सर्वे कर स्कूल आने और न आने वाले बच्चों का रिकार्ड बनाया जाएगा। जो बच्चे स्कूली शिक्षा से महरूम हैं, उनके अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बनाने के साथ जागरूक किया जाएगा।
जुलाई माह से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नया सत्र प्रारंभ होगा। नए सत्र में ही सर्व शिक्षा अभियान के अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके चलते परियोजना निदेशक ने आदेश जारी किए हैं कि गांवों और नगरीय क्षेत्रों में हाउस होल्ड सर्वे किया जाए। क्योंकि लगातार सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या घट रही है। नामांकन की स्थिति भी धीमी रहती है। अब फिर से विभाग सर्वे कर बच्चों की स्थिति का पता लगाएगा। बीआरसी स्तर पर नगर शिक्षा अधिकारी, समन्वयक कम से कम 20-20 गांवों का दौरा करेंगे। इसके साथ ही जिला स्तर पर बीएसए खुद कम से कम पांच बस्ती, मजरे और 100 का घरों सत्यापन कर बच्चों के स्कूल आने, न आने का कारणों का पता लगाएंगे। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि बच्चों का सर्वे तो पूर्व में भी किया गया है। नए सत्र में अधिक बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएग। कई क्षेत्रों में रैंडम जांच की गई है। जिस क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है, वहां अधिक जोर दिया जा रहा है।
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