मुलायम ने स्वीकारी मोदी की ये चुनौती
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रैली को लेकर एक बार फिर मोदी और मुलायम में मुकाबला होगा। दरअसल, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली में भीड़ जुटाने की चुनौती नेताजी (मुलायम सिंह) ने कबूल कर ली है।
तीन अप्रैल को नेता जी की रैली शिकारपुर तिराहे पर नयागांव के उसी मैदान में होगी, जहां 26 मार्च को नरेंद्र मोदी ने सभा की थी।
पहले चरण में नरेंद्र मोदी की रैलियों का जवाब रैली से देने वाले सपा मुखिया ने यहां भी वही रणनीति अपनाई है। सपा मुख्यालय से तीन अप्रैल का बुलंदशहर रैली का कार्यक्रम तय कर दिया है।
नयागंव के मैदान में मोदी की रैली में भारी भीड़ जुटी थी। हालांकि खुफिया विभाग ने तादाद 36 हजार आंकी थी। इस रैली को सभी दल अपनी रैली का मानक मान रहे थे। जयंत चौधरी, अखिलेश यादव जिले में सभा कर चुके लेकिन रिकार्ड नहीं तोड़ सके।
मुलायम सिंह की सभा का स्थान मोदी के सभास्थल को चुने जाने के पीछे सपा की खास रणनीति मानी जा रही है। प्रचार में भी वह मोदी को टक्कर देकर जनता में अपनी ताकत का अहसास कराना चाहते हैं।
भीड़ जुटाने का सपाइयों पर दबाव
दरअसल, इस रैली में भीड़ जुटाने का सपाइयों पर दबाव रहेगा। सपाइयों को डर है कि अगर रैली में भीड़ कम आई तो चुनाव में गलत संदेश जाएगा।
पार्टी मुखिया की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती हैं। पार्टी के सामने बड़ी चुनौती इसलिए भी है कि सपा यहां गुटों में बंटी हुई हैं। पहले प्रत्याशी बनाए गए रवि गौतम शांत हैं। दूसरी बार प्रत्याशी बनाई गई सुनीता चौहान गौतम बुद्धनगर में ज्यादा वक्त दे रही हैं।
मौजूदा प्रत्याशी कमलेश बाल्मीकि सबको साथ लेकर चलने की कोशिश तो कर रहे है लेकिन जिला संगठन, विधायक बंधु और विधानसभा का चुनाव लड़ चुके कई नेता यहां अलग अलग राग अलाप रहे हैं। जिलाध्यक्ष हिमायत अली ने बताया कि जिस स्थान पर नरेंद्र मोदी की रैली हुई थी, नेताजी की सभा वहीं पर कराने के लिए अनुमति लेने को आवेदन किया है। सभा एतिहासिक होगी। पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी से उन्होंने इनकार किया है।