अमन को इंसाफ कब: तेरहवीं पर लाडले को याद कर छलके सभी के आंसू, थार सवार आरोपियों के नहीं पकड़े जाने से गुस्सा
मुरादाबाद में 15 सितंबर की रात थार सवारों ने अमन को कुचल दिया था। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया था लेकिन अन्य की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई। तेरहवीं पर अमन को याद कर सभी के आंसू आ गए।
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अमन की तेरहवीं में परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान अमन को याद कर सभी की आंखों से आंसू छलक आए। मां-बाप और बहनों से मिलकर लोगों ने संवेदनाएं व्यक्त कीं। सिविल लाइंस के चंद्र नगर एवं रेल कर्मी योगेंद्र कुमार के इकलौते बेटे अमन को 15 सितंबर की रात कंटेनर डिपो के सामने थार ने कुचल दिया था।
जिसमें उसकी मौत हो गई थी। हादसे के समय वह अपनी छोटी बहन माही के जन्मदिन के लिए केक लेकर घर लौट रहा था। बुधवार को अमन की तेरहवीं की रस्म थी। बुधवार सुबह से ही उनके घर दोस्त, परिचित, और रिश्तेदार जुटने शुरू हो गए थे। परिवार ने अमन की आत्मा की शांति के लिए हवन कराया।
इसके बाद तेरहवीं की रस्म पूरी की गई। इस दौरान अमन के परिवार को लोग सांत्वना देने पहुंचते रहे। इस दौरान अमन को याद कर सभी आंखें भर आईं। तेरहवीं के दाैरान परिवार के लोगों के आंसू एक पल भी नहीं थमे। वहीं, थार में सवार अनमोल के साथियों के अब तक न पकड़े जाने पर सभी ने नाराजगी जताई।
नहीं पकड़े गए अनमोल के साथी
अमन को थार से टक्कर मारने वाले अनमोल के साथी अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। अमन की मां ने सिविल लाइंस थाने में थार चालक अनमोल और उसके दो साथियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस अनमोल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन उसके साथी सुकेत और दिव्यम चौधरी को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
अमन के पिता का आरोप है कि पुलिस सुकेत और दिव्यम को बचाने में जुटी है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह का कहना है इस मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।