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सिंचाई के लिए पंद्रह हजार हेक्टेयर जमीन प्यासी
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Wed, 18 May 2016 11:55 AM IST
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पानी समस्या
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सिंचाई के लिए पंद्रह हजार हेक्टेयर जमीन प्यासी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सूखा है, रामगंगा नदी पूरी तरह से सूख चुकी है। सिंचाई के लिए हजारों एकड़ जमीन प्यासी है। लेकिन रामगंगा के कालागढ़ बांध का हजारों क्यूसेक पानी एटा, इटावा, फिरोजाबाद, कन्नौज आदि 14 जिलों को भेजा जा रहा है। इस तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिंचाई के पानी का फायदा मध्य यूपी के जिलों को मिल रहा है। कालागढ़ बांध के जलाशय में पहले से ही 28 मीटर पानी पिछले साल के मुकाबले कम है, पानी और घटने होने पर वहां बिजली उत्पादन भी ठप हो सकता है।
रामगंगा नदी उत्तराखंड में गैरसैण की पहाड़ियों से निकलती है। यूपी और उत्तराखंड के बार्डर पर कालागढ़ में बांध बनाकर सिंचाई विभाग पानी स्टोर करता है। इस पानी से 198 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। पानी खेतों की सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाता है। खरीफ और रबी के सीजन में रामगंगा कैनाल कालागढ़ से बनाई गई नहरों से करीब 15145 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई कराती है। लेकिन इस बार पूरे पश्चिमी उत्तर में सूखा पड़ा हुआ है।
जमीन प्यासी है, लेकिन बांध के जलाशय में पानी कम होने से सिंचाई में दिक्कत हो रही है। रामगंगा में कालागढ़ बांध से बिल्कुल पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। लेकिन कालागढ़ बांध से दो हजार क्यूसेक पानी रामगंगा उपपोषक नहर में छोड़ा जा रहा है। यह नहर गढ़मुक्तेश्वर से दस किलोमीटर पहले दारानगर गांव के पास गंगा नदी में गिराई गई है। गंगानदी में नरौरा से समानांतर गंगनहर के द्वारा यह पानी बुलंदशहर, एटा, इटावा, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, हाथरस आदि 14 जिलों को भेजा जा रहा है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सूखा है, रामगंगा नदी पूरी तरह से सूख चुकी है। सिंचाई के लिए हजारों एकड़ जमीन प्यासी है। लेकिन रामगंगा के कालागढ़ बांध का हजारों क्यूसेक पानी एटा, इटावा, फिरोजाबाद, कन्नौज आदि 14 जिलों को भेजा जा रहा है। इस तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिंचाई के पानी का फायदा मध्य यूपी के जिलों को मिल रहा है। कालागढ़ बांध के जलाशय में पहले से ही 28 मीटर पानी पिछले साल के मुकाबले कम है, पानी और घटने होने पर वहां बिजली उत्पादन भी ठप हो सकता है।
रामगंगा नदी उत्तराखंड में गैरसैण की पहाड़ियों से निकलती है। यूपी और उत्तराखंड के बार्डर पर कालागढ़ में बांध बनाकर सिंचाई विभाग पानी स्टोर करता है। इस पानी से 198 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। पानी खेतों की सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाता है। खरीफ और रबी के सीजन में रामगंगा कैनाल कालागढ़ से बनाई गई नहरों से करीब 15145 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई कराती है। लेकिन इस बार पूरे पश्चिमी उत्तर में सूखा पड़ा हुआ है।
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जमीन प्यासी है, लेकिन बांध के जलाशय में पानी कम होने से सिंचाई में दिक्कत हो रही है। रामगंगा में कालागढ़ बांध से बिल्कुल पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। लेकिन कालागढ़ बांध से दो हजार क्यूसेक पानी रामगंगा उपपोषक नहर में छोड़ा जा रहा है। यह नहर गढ़मुक्तेश्वर से दस किलोमीटर पहले दारानगर गांव के पास गंगा नदी में गिराई गई है। गंगानदी में नरौरा से समानांतर गंगनहर के द्वारा यह पानी बुलंदशहर, एटा, इटावा, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, हाथरस आदि 14 जिलों को भेजा जा रहा है।
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