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तेजस जैसी ट्रेनें चलाने में लग जाएंगे दस साल
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 24 Sep 2016 02:34 AM IST
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तेजस
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ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के मामले में मंडल फिसड्डी साबित हो रहा है। दूसरे मंडलाें में ट्रेनों की रफ्तार लगातार बढ़ रही है वहीं मंडल अभी भी रफ्तार 100 के पार नहीं जा पाई है। वहीं मंडल में ट्रैक की स्थिति को देखते हुए मंडल के ट्रैक पर स्पीड बढ़ा पाना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है।
भारत की सबसे तेज ट्रेनों को चलाने के लिए रूट का चयन कर लिया गया है, लेकिन इसमें मुरादाबाद होते हुए एक भी ट्रेन शामिल नहीं है। जबकि दिल्ली वाया मुरादाबाद होते हुए हावड़ा तक का रूट महत्वपूर्ण रूट है।
जम्मू से हावड़ा तक ट्रेन सहारनपुर होते हुए मुरादाबाद होकर गुजरती हैं तो कई गाड़ियां दिल्ली से मुरादाबाद होकर गुजारी जाती है। जम्मे से हावड़ा के बीच मुरादाबाद मंडल बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन अभी भी मंडल में ट्रेनों की रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है।
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जहां एक ओर हर मंडल में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने लगी है। यहां तक कि हजरत निजामुद्दीन से आगरा तक 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ रही हैं। वहीं अपने मंडल में अभी 100 की रफ्तार भी सुरक्षित नहीं मानी जा रही। गाजियाबाद से मुरादाबाद तक ट्रेनाें को अधिकतम 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जा सकता है।
जबकि मुरादाबाद से लखनऊ के बीच अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा की है। इसे 110 किमी तक लाने के लिए 2017 तक का समय दिया गया है। जबकि 120 की स्पीड करने के लिए 2019 तक का टारगेट निर्धारित किया गया है।
कारण मंडल में ट्रैक की स्थिति बेहद खराब है। आनंद विहार से लखनऊ तक तेजस ट्रेन चलाने की स्वीकृति मिल गई है। इसे आनंद विहार, अलीगढ़ कानपुर होते हुए चलाया जाएगा। बताया जा रहा है कि रूट की खराब स्थिति के कारण इस रूट को तेजस के लिए नहीं चुना गया।
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भारत की सबसे तेज ट्रेनों को चलाने के लिए रूट का चयन कर लिया गया है, लेकिन इसमें मुरादाबाद होते हुए एक भी ट्रेन शामिल नहीं है। जबकि दिल्ली वाया मुरादाबाद होते हुए हावड़ा तक का रूट महत्वपूर्ण रूट है।
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जम्मू से हावड़ा तक ट्रेन सहारनपुर होते हुए मुरादाबाद होकर गुजरती हैं तो कई गाड़ियां दिल्ली से मुरादाबाद होकर गुजारी जाती है। जम्मे से हावड़ा के बीच मुरादाबाद मंडल बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन अभी भी मंडल में ट्रेनों की रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है।
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जहां एक ओर हर मंडल में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने लगी है। यहां तक कि हजरत निजामुद्दीन से आगरा तक 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ रही हैं। वहीं अपने मंडल में अभी 100 की रफ्तार भी सुरक्षित नहीं मानी जा रही। गाजियाबाद से मुरादाबाद तक ट्रेनाें को अधिकतम 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जा सकता है।
जबकि मुरादाबाद से लखनऊ के बीच अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा की है। इसे 110 किमी तक लाने के लिए 2017 तक का समय दिया गया है। जबकि 120 की स्पीड करने के लिए 2019 तक का टारगेट निर्धारित किया गया है।
कारण मंडल में ट्रैक की स्थिति बेहद खराब है। आनंद विहार से लखनऊ तक तेजस ट्रेन चलाने की स्वीकृति मिल गई है। इसे आनंद विहार, अलीगढ़ कानपुर होते हुए चलाया जाएगा। बताया जा रहा है कि रूट की खराब स्थिति के कारण इस रूट को तेजस के लिए नहीं चुना गया।