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घनी आबादी में कैसे संजोएंगे स्मार्ट सिटी का सपना
Updated Sat, 21 May 2016 11:43 AM IST
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स्मार्ट सिटी
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रिट्रोफिटिंग के लिए चयनित क्षेत्र के रूप में यदि आप एरिया नंबर दो को स्मार्ट सिटी के लिए चुनते हैं तो यह पुराना शहरी क्षेत्र है। इस घनी आबादी को स्मार्ट सिटी कैसे बनाया जाएगा। तमाम बुनियादी समस्याएं इसमें मौजूद हैं, पहले इनका समाधान हो तब ही स्मार्ट सिटी की बात की जा सकती है। स्मार्ट सिटी के लिए वेबसाइट खुली हुई है। कोई भी अपना मत देकर रिट्रोफिटिंग के लिए क्षेत्र को चुन सकता है।
पांच क्षेत्र इसमें दिए गए हैं। लेकिन कौन सा क्षेत्र आप चुनेंगे यह आप खुद तय कर सकते हैं। एरिया नंबर दो शहर के पुराने इलाकों की घनी आबादी वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र में प्रदूषण और गंदगी सबसे बड़ी समस्या है। अधिकांश इलाका रामगंगा नदी से जुड़ा हुआ है। रामगंगा नदी से सटे इलाकों में बाढ़ की समस्या भी आती है। इस इलाके में पतली सड़कें हैं। अतिक्रमण भी एक बढ़ी समस्या है।
अब यह इलाका कैसे स्मार्ट सिटी बनेगा यह एक सवाल है। नगर निगम की ओर से इस इलाके में समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं हुए हैं। यही ऐसा अब तक का इलाका है, इस इलाके के बारे में वेबसाइट पर अपना वोट देने वालों की संख्या बहुत कम है।
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यह इलाके हैं एरिया नंबर-दो में
बंगला गांव, दौलतबाग, नवाबपुरा, महाकाली भैरों मंदिर, जाम मसजिद, कटघर रेलवे स्टेशन, गुलाबवाड़ी चौक, प्रभात मार्केट, पीतलनगरी रोडवेज डिपो, इंपीरियल चौक, घासमंडी, गुरहट्टी चौराहा, डिप्टी गंज चौराहा से बगला गांव तक ।
रामगंगा किनारे तटबंध बने
एरिया नंबर दो में रामगंगा किनारे एक तटबंध की जरूरत है। इस तटबंध के ऊपर रिंग रोड बनाकर रामगंगा विहार से कटघर रेलवे स्टेशन तक इलाके को जोड़ा जा सकता है। इससे बाढ़ के समय में दिक्कतें आसान होंगी। दूसरा शहर में जाम की समस्या का समाधान होगा। इस रोड को पिकनिक स्पॉट की तरह भी बेहतर करके शहर की खूबसूरती को बढ़ाया जा सकता है। तटबंध और उसके ऊपर रोड बनने से यह इलाका स्मार्ट सिटी की तरह हो जाएगा।
ई-कचरा से फैला प्रदूषण
मुरादाबाद शहर के एरिया नंबर दो में ई-कचरा से प्रदूषण की समस्या वाले क्षेत्र भी हैं। इस क्षेत्र में शामिल इलाके गंदगी से भी अटे पड़े हैं। रामगंगा किनारों को इतना गंदा कर रखा है, जोकि स्मार्ट सिटी कहलाने लायक इलाका नहीं हैं।
पूरे शहर के गंदे नाले गिरते हैं रामगंगा में
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का उल्लंघन करते हुए नगर निगम महानगर के नालों का पानी सीधे रामगंगा में डाल रहा है। जो 22 नाले रामगंगा में गिराए जाते हैं, उनमें सभी नाले स्मार्ट सिटी में चयन के लिए बनाए गए एरिया नंबर दो में ही आते हैं।
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पांच क्षेत्र इसमें दिए गए हैं। लेकिन कौन सा क्षेत्र आप चुनेंगे यह आप खुद तय कर सकते हैं। एरिया नंबर दो शहर के पुराने इलाकों की घनी आबादी वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र में प्रदूषण और गंदगी सबसे बड़ी समस्या है। अधिकांश इलाका रामगंगा नदी से जुड़ा हुआ है। रामगंगा नदी से सटे इलाकों में बाढ़ की समस्या भी आती है। इस इलाके में पतली सड़कें हैं। अतिक्रमण भी एक बढ़ी समस्या है।
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अब यह इलाका कैसे स्मार्ट सिटी बनेगा यह एक सवाल है। नगर निगम की ओर से इस इलाके में समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं हुए हैं। यही ऐसा अब तक का इलाका है, इस इलाके के बारे में वेबसाइट पर अपना वोट देने वालों की संख्या बहुत कम है।
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यह इलाके हैं एरिया नंबर-दो में
बंगला गांव, दौलतबाग, नवाबपुरा, महाकाली भैरों मंदिर, जाम मसजिद, कटघर रेलवे स्टेशन, गुलाबवाड़ी चौक, प्रभात मार्केट, पीतलनगरी रोडवेज डिपो, इंपीरियल चौक, घासमंडी, गुरहट्टी चौराहा, डिप्टी गंज चौराहा से बगला गांव तक ।
रामगंगा किनारे तटबंध बने
एरिया नंबर दो में रामगंगा किनारे एक तटबंध की जरूरत है। इस तटबंध के ऊपर रिंग रोड बनाकर रामगंगा विहार से कटघर रेलवे स्टेशन तक इलाके को जोड़ा जा सकता है। इससे बाढ़ के समय में दिक्कतें आसान होंगी। दूसरा शहर में जाम की समस्या का समाधान होगा। इस रोड को पिकनिक स्पॉट की तरह भी बेहतर करके शहर की खूबसूरती को बढ़ाया जा सकता है। तटबंध और उसके ऊपर रोड बनने से यह इलाका स्मार्ट सिटी की तरह हो जाएगा।
ई-कचरा से फैला प्रदूषण
मुरादाबाद शहर के एरिया नंबर दो में ई-कचरा से प्रदूषण की समस्या वाले क्षेत्र भी हैं। इस क्षेत्र में शामिल इलाके गंदगी से भी अटे पड़े हैं। रामगंगा किनारों को इतना गंदा कर रखा है, जोकि स्मार्ट सिटी कहलाने लायक इलाका नहीं हैं।
पूरे शहर के गंदे नाले गिरते हैं रामगंगा में
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का उल्लंघन करते हुए नगर निगम महानगर के नालों का पानी सीधे रामगंगा में डाल रहा है। जो 22 नाले रामगंगा में गिराए जाते हैं, उनमें सभी नाले स्मार्ट सिटी में चयन के लिए बनाए गए एरिया नंबर दो में ही आते हैं।