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समाज कल्याण दफ्तर में जमकर हंगामा, तोड़फोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Tue, 12 Apr 2016 03:29 AM IST
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तोड़फोड़ करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण आफिस में तोड़फोड़ कर दी। समाज कल्याण अधिकारी के दफ्तर में घुसकर कुर्सियों को उठाकर इधर उधर फेंक दिया गया। कार्यकर्ताओं के तेवर देख आफिस में भी अफरातफरी मच गई थी। समाज कल्याण अधिकारी के आफिस में न होने पर कार्यकर्ता भड़क गए थे।
इन लोगों का आरोप था कि दफ्तर में भ्रष्टाचार व्याप्त है। सरकारी भूमि पर भी कब्जा कराया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता सोमवार की दोपहर को समाज कल्याण आफिस पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। यहां समाज कल्याण अधिकारी का पुतला भी फूंका गया।
पदाधिकारियों का कहना है कि दफ्तर में बगैर सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं किया जा रहा है। विभाग की पंद्रह बीघा जमीन पर माफियाओं का कब्जा करा दिया गया है। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच से कुछ युवक जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित के आफिस में घुस गए और कुर्सियों को उठाकर इधर उधर फेंकना शुरू कर दिया।
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कुर्सियां टूट गईं थीं। हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को शांत कराने के लिए आफिस के लोग पहुंचे भी मगर उनके तेवर देखकर कोई हिम्मत नहीं कर पाया। बाद में जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह ने सभी को शांत किया और शांतिपूर्ण आंदोलन करने को कहा। कार्यकर्ताओं का गुस्सा देख कार्यालय में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।
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इन लोगों का आरोप था कि दफ्तर में भ्रष्टाचार व्याप्त है। सरकारी भूमि पर भी कब्जा कराया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता सोमवार की दोपहर को समाज कल्याण आफिस पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। यहां समाज कल्याण अधिकारी का पुतला भी फूंका गया।
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पदाधिकारियों का कहना है कि दफ्तर में बगैर सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं किया जा रहा है। विभाग की पंद्रह बीघा जमीन पर माफियाओं का कब्जा करा दिया गया है। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच से कुछ युवक जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित के आफिस में घुस गए और कुर्सियों को उठाकर इधर उधर फेंकना शुरू कर दिया।
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कुर्सियां टूट गईं थीं। हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को शांत कराने के लिए आफिस के लोग पहुंचे भी मगर उनके तेवर देखकर कोई हिम्मत नहीं कर पाया। बाद में जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह ने सभी को शांत किया और शांतिपूर्ण आंदोलन करने को कहा। कार्यकर्ताओं का गुस्सा देख कार्यालय में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।