UP Roadways: यात्रियों को सफर में धोखा दे रही रोडवेज, मुरादाबाद जोन की एक महीने में 41 बसें रास्ते में खराब
परिवहन विभाग के बसों की 100 प्रतिशत मरम्मत करने का दावा फेल हो रहा है। एक महीने के अंदर मुरादाबाद जोन की 41 बसें रास्ते में खराब हुई हैं। बसें डिपो से निकलकर 10 किलोमीटर भी नहीं चल पा रही हैं।
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यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान पर पहुंचाने वाली मुरादाबाद जोन की बसें इन दिनों कहीं पर भी खराब हो जा रही हैं। जिस वजह से ठंड में यात्रियों का सफर करना मुश्किल हो गया है। एक महीने में जोन की 41 बसें रास्ते में खराब हुई हैं। इतना ही नहीं जोन की जो बसें चल रही हैं, अधिकतर में गंदगी फैली होती है। इस कारण यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग द्वारा बसों की 100 प्रतिशत मरम्मत करने का दावा फेल हो गया है। एक महीने के अंदर मुरादाबाद जोन की 41 बसें रास्ते में खराब हुई हैं। बसें डिपो से निकलकर 10 किलोमीटर भी नहीं चल पा रही हैं। कुछ बस अड्डे पर खराब हो जा रहीं, तो कुछ शहर भी नहीं पार कर पा रही हैं।
जब कि अधिकारियों का कहना है कि बसें रोज चेक करने के बाद ही चलने के लिए भेजी जाती हैं। आए दिन बसों में स्टेयरिंग पाइप फटने, ब्रेकडाउन होने, पहिया जाम होने, करंट छोड़ देने, फैन बेल्ट खराब होने जैसी आदि समस्या आती है।
बसें खराब होने पर चालक और परिचालक हाथ खड़ा कर देते हैं और दूसरी बसों में यात्रियों को बैठा कर रवाना करते हैं। तमाम समस्याओं के बीच यात्रियों का सफर पूरा होता है। इस प्रकार के मामले हर दूसरे दिन आ रहे हैं। पिछले दो दिनों में दो बसें शहर में ही खराब हो गईं। परिवहन विभाग के अधिकारी अनजान बने रहे।
रास्ते में खराब हो रहीं ज्यादातर बसें
रास्ते में सबसे अधिक बसें पीतलनगरी और मुरादाबाद डिपो की खराब हो रही हैं। एक महीने में पीतलनगरी की 10, मुरादाबाद की सात, रामपुर की छह, अमरोहा की पांच, चांदपुर की दो, बिजनौर की छह, नजीबाबाद की पांच बसें खराब हो गई है।
केस-1
29 नवंबर को दिल्ली जा रही मुरादाबाद डिपो की एक बस चौधरी चरण सिंह चौराहे पर ही खराब हो गई, इस वजह से यात्रियों को सड़क पर उतार दिया गया। यात्रियों को करीब 20 मिनट तक दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा।
केस-2
28 नवंबर को पीली कोठी चौराहे के पास बिजनौर जाने वाली बस ने यात्रियों को धोखा दे दिया। अचानक बस बंद होने से यात्रियों को उतारकर दूसरी बस के जरिये भेजा गया।
केस-3
24 नवंबर को पीतल नगरी बस अड्डे पर संभल जाने वाली बस के खराब होने पर चालकों और परिचालकों ने धक्का लगाया, तब जाकर बस चालू हुई। चालकों-परिचालकों ने बताया कि कई दिनों से इसे धक्का लगाकर स्टार्ट किया जा रहा है।
ये बसें भी रास्ते में हुई खराब
दो नवंबर को 4038 चंदौसी में, पांच नवंबर को 8277 नूरपुर में, नौ नवंबर को 2019 महमूदपुर में, 10 नवंबर को 9086 बहजोई में, 11 नवंबर को 2144 हापुड़ में, 17 नवंबर को 1431 बिलासपुर में, 22 नवंबर को 8754 सहारनपुर, 25 नवंबर को 2733 रुद्रपुर में, 27 नवंबर को 2722 बुलंदशहर में खराब हो गई।
जो बसें वर्कशॉप में जांच-पड़ताल करने के बाद 10 किलोमीटर चलने पर ही खराब हो जा रही हैं, उनकी जांच की जाएगी, लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक, मुरादाबाद जोन