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अजब कारनामा: बिना सैंपल दिए राशन डीलर और रिटायर्ड शिक्षक को मिली संक्रमित होने की रिपोर्ट
Tue, 06 Apr 2021 02:26 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 06 Apr 2021 02:26 AM IST
सार
- डिलारी सीएचसी पर दो अप्रैल को गए थे कोरोना से बचाव का टीका लगवाने
- राशन डीलर, सेवानिवृत्त शिक्षक का दावा, कोरोना टेस्ट के लिए नहीं दिया था सैंपल
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ते संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग का अजब कारनामा सामना आया है। बिना सैंपल दिए ही राशन डीलर और रिटायर्ड शिक्षक को कोरोना संक्रमित बना दिया गया। दोनों का दावा है कि दो अप्रैल को डिलारी सीएचसी में कोरोना से बचाव का टीका लगवाया था। कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल नहीं कराया था। वहीं एसीएमओ का कहना है कि मामला संज्ञान में है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
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डिलारी थानाक्षेत्र के गांव महमूदपुर लाल निवासी नसीम अहमद गांव के राशन डीलर हैं। वह दो अप्रैल को गांव के ही सेवानिवृत्त शिक्षक खेमपाल सिंह तथा अन्य लोगों के साथ डिलारी सीएचसी पहुंचे थे। जहां कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। इसके बाद कार्ड लेकर गांव लौट आए। सोमवार शाम नसीम अहमद और खेमपाल के मोबाइल पर डिलारी सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी ने कॉल करके दोनों को कोरोना संक्रमित होना बताया। कोरोना संक्रमित की सूचना पर दोनों सकते में आ गए।
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नसीम अहमद और खेमपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने कोरोना टेस्ट के लिए जब सैंपल नहीं दिया तो वह पॉजिटिव कैसे आ गए। सोमवार को आई रिपोर्ट में दोनों के बाकायदा नाम, मोबाइल नंबर भी दर्शा दिए गए। यहीं नहीं सैंपल की तारीख तीन अप्रैल दर्शा दी गई। राशन डीलर और सेवानिवृत्त शिक्षक के सैंपल देने से इनकार के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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- मामला संज्ञान में है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। प्रधानी के चुनाव को लेकर किसी ने गलत नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करा दिया होगा। सीएचसी डिलारी के एलटी का दावा है कि उसने सैंपल लिया था। इस संबंध में डिलारी चिकित्सा प्रभारी से भी बात की गई है। - डा. डीके प्रेमी, एसीएमओ
- दो अप्रैल को सरकारी अस्पताल डिलारी गया था। स्वास्थ्य कर्मी ने आधार नंबर और मोबाइल नंबर लिया था। जिसे वेरीफाई करने के बाद कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। मैंने कोरोना टेस्ट के लिए कोई सैंपल नहीं दिया था, लेकिन सोमवार को कोरोना पॉजिटिव बता दिया गया। - नसीम अहमद, राशन डीलर
- कोरोना की जांच के लिए सैंपल नहीं दिया था। दो अप्रैल को डिलारी सीएचसी जरूर गया था, लेकिन टीकाकरण कराने। सुबह दस बजकर चालीस मिनट पर मुझे कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया था। सोमवार शाम अस्पताल से फोन आया कि मैं कोरोना संक्रमित हूं। - खेमपाल सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक