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Moradabad News: गोशाला में अव्यवस्थाओं का अंबार, पशु बीमार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:57 AM IST
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There is chaos in the cowshed, animals are sick.
अगवानपुर। भटावली की अस्थाई गोशाला में ठंड से गोवंशीय पशुओं का बुरा हाल है। कड़ाके की ठंड की वजह से 15 पशु बीमार हो गए हैं। इनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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गोशाला में मौजूद 142 पशुओं को ठंड से बचाव के लिए टाट भी मयस्सर नहीं है। चारों ओर तिरपाल ढककर और कुछ मर्करी लगाकर ठंड से बचाने की कोशिश की गई है। दिन में 15 डिग्री और रात को छह डिग्री तापमान के आगे तिरपाल और मर्करी बेअसर हो गई है। बीमार पशु ठंड में कांप रहे हैं। केयरटेकर पशुओं की हालत से परेशान हैं। बृहस्पतिवार को गोशाला में 15 पशु बीमार पाए गए। खुले में लेटे हुए पशुओं के जख्म को कौवे नोच रहे हैं। गांव के बलवीर सिंह का कहना है कि गोशाला में पशुओं की दुर्गति हो रहीं है। केयरटेकर तो खाने पीने पर ध्यान रख रहे हैं। डॉक्टर समय से आकर इलाज कर रहे हैं। इस कड़ाके की ठंड में इंसान जैकेट समेत कई गर्म कपड़े पहनकर ठंड से बचाव कर रहे है, लेकिन गोशाला में पशुओं को ढकने के लिए प्रशासन के पास कोई इंतजाम नहीं है।
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इनसेट



गोशाला में बगैर टैग लगाए मिले पशु



गोशाला में आने वाले पशुओं को एक बिल्ला मिलता है। इससे उनकी पहचान होती है। पशु के आने से मौत तक का डेटा इस बिल्ले के आधार पर होता है। इसकी पूरी जानकारी बिल्ले के क्रम से रजिस्टर में भी अंकित की जाती है। भटावली की गोशाला में कई पशु ऐसे थे कि जिनको आए महीने भर का समय बीत गया लेकिन अभी तक उनको बिल्ला (जिओ टैग) नहीं मिला है।
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इनसेट



तिरपाल की टाट बनाकर बीमार पशुओं को ओढ़ा रहे

गोशाला में पशुओं को ढकने के लिए टाट या अन्य किसी साधन की व्यवस्था नहीं है, जबकि 142 पशुओं में केवल चार से पांच टाट की बोरी है। ठंड से पशु बेहाल हैं। बीमार पशुओं को ढकने के लिए जब टाट नहीं मिली तो तिरपाल का चादर बनाकर ओढ़ाया जा रहा है। ठंड से बचाने के लिए टाट की बोरियों को कई बार कहा गया था।




वर्जन



वृद्ध और कमजोर जानवरों को छोड़ दिया जाता है। ऐसे पशु बीमार होंगे, लेकिन ऐसे पशुओं को समय समय पर बेहतर इलाज की सुविधा दी जाती है। इस समय ठंड का भी मौसम है। फिर भी यदि गोशाला में ऐसा है तो अलग से डॉक्टर भेजकर और बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाएगी।




डॉ सुनील दत, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी



वर्जन



गोशाला का एक तरफ का क्षेत्र अधिकार कार्यक्षेत्र में नहीं आता। उस तरफ का ही खड़ंजा पक्का होने से रह गया है। वहीं पशुओं को ठंड से बचाने के लिए हाइड्रोजन लाइटें व तिरपाल की व्यवस्था की गई है।जबकि कुछ पशुओं को पशुकोट बनाए गए हैं।जल्द ही सभी पशुओं के लिए पशु कोट का इंतजाम किया जाएगा।



स्वाति सिंह, खंड विकास अधिकारी
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