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UP: अवैध नर्सिंगहोम सील करने में अंदर बंद हो गई छह माह की बच्ची, एक घंटे बाद सीढ़ी लगाकर मासूम को बाहर निकाला
Fri, 17 Nov 2023 01:26 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 17 Nov 2023 01:26 PM IST
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बच्ची को बचाया गया
- फोटो : अमर उजाला
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संभल के असमोली ब्लॉक के गांव ओबरी में बृहस्पतिवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप का अवैध नर्सिंगहोम सील कर दिया। टीम को देखते ही झोलाछाप और नर्सिंगहोम की छत पर बने मकान में रह रही उसकी पत्नी भाग गए।
इससे भीतर सो रही छह माह की बेटी सील परिसर में बंद हो गई। एक घंटे बाद लौटे नर्सिंगहोम संचालक अशरफ सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंचे और बच्ची को बाहर निकाला। अशरफ का कहना है कि नर्सिंगहोम और उसकी छत पर स्थित मकान का एक ही रास्ता है, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया था।
उन्होंने सीढ़ी लगाने से पहले सीएमओ को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी। एक घंटे बंद घर में अकेले रहने से रोते-रोते बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। दूसरी ओर नोडल अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी का कहना है कि अवैध नर्सिंगहोम संचालक झोलाछाप है।
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बिना डिग्री और पंजीकरण के अवैध नर्सिंगहोम चलाने में फंसने के कारण वह झूठा आरोप लगा रहा है। कार्रवाई से पहले नर्सिंगहोम में भर्ती चार मरीज बाहर निकाल दिए गए थे। छत पर स्थित उसके मकान का अलग से भी रास्ता है।
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इससे भीतर सो रही छह माह की बेटी सील परिसर में बंद हो गई। एक घंटे बाद लौटे नर्सिंगहोम संचालक अशरफ सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंचे और बच्ची को बाहर निकाला। अशरफ का कहना है कि नर्सिंगहोम और उसकी छत पर स्थित मकान का एक ही रास्ता है, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया था।
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उन्होंने सीढ़ी लगाने से पहले सीएमओ को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी। एक घंटे बंद घर में अकेले रहने से रोते-रोते बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। दूसरी ओर नोडल अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी का कहना है कि अवैध नर्सिंगहोम संचालक झोलाछाप है।
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बिना डिग्री और पंजीकरण के अवैध नर्सिंगहोम चलाने में फंसने के कारण वह झूठा आरोप लगा रहा है। कार्रवाई से पहले नर्सिंगहोम में भर्ती चार मरीज बाहर निकाल दिए गए थे। छत पर स्थित उसके मकान का अलग से भी रास्ता है।
सीएमओ डॉ. तरन्नुम रजा का कहना है कि नर्सिंगहोम संचालक का फोन आने के बाद नोडल अधिकारी को गांव भेजा गया था। उस समय बच्ची अपने परिजनों के पास मिली।