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सेहतनामा: नियंत्रित रखें वजन... मोटापा बढ़ाता है कैंसर का खतरा, डॉ. तृप्ति ने दिए मरीजों के सवालों के जवाब

Mon, 14 Oct 2024 12:45 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 14 Oct 2024 12:45 PM IST
सार

चिकित्सक डॉ. तृप्ति सक्सेना ने मरीजों को वजन नियंत्रित रखने की सलाह दी है। बताया कि मोटापा कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा यह शरीर के आंतरिक अंगों में सूजन और हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है। मोटापे से स्तन, गर्भाशय, पित्ताशय और गुर्दे के कैंसर की संभावना बढ़ती है।

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Sehatnama: Keep your weight under control... Obesity increases risk of cancer, Dr. Tripti gives suggestions
डॉ तृप्ति सक्सेना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यदि आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं तो अपना वजन जरूर नियंत्रित रखें। विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापा भी कैंसर के खतरे का बढ़ाता है। यह सलाह ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. तृप्ति सक्सेना ने दी। उनका कहना है कि मोटापे की वजह से शरीर के आंतरिक अंगों में लंबे समय तक सूजन रह सकती है।

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इंसुलिन जैसे विकास कारक, और सेक्स हार्मोन के स्तर में बदलाव हो सकता है। मोटापे की वजह से शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। बढ़े हुए इंसुलिन से एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का नियंत्रण प्रभावित होता है। ऐसे में मोटापे की वजह से कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।
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बढ़ा हुआ मोटापा एसोफैजियल कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर, पित्ताशय कैंसर, गुर्दे के कैंसर को बढ़ा सकता है। डॉ. तृप्ति ने मरीजों के सवालों के जवाब भी दिए हैं।

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सवाल : मेरी बेटी तीन साल की है, लगभग दो साल से उसके सिर में बड़ा फोड़ा है। डॉक्टर ने कैंसर बताया है, देसी दवा खिला रहा हूं। काफी आराम है, लेकिन ठीक नहीं हो रही है। क्या यह ठीक हो सकता है। - सचिन कुमार, मैनाठेर 

जवाब : डॉक्टर ने कैंसर बताया है, तो इसे हल्के में लेना उचित नहीं होगा। देसी दवाओं से आराम मिलना अच्छी बात है, लेकिन यह पूरी तरह से इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। कीमोथेरपी, रेडिएशन, या सर्जरी कैंसर के प्रकार और उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। आप तुरंत कैंसर विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) से परामर्श लें।

सवाल : मेरी उम्र 44 साल है। छह महीने पहले मेरे मुंह में छाले हुए थे, यह अभी तक ठीक नहीं हुए हैं। डॉक्टर ने कैंसर का खतरा बताकर जांच लिखी है। क्या मुंह के छाले सच में कैंसर हो सकते हैं, मुझे क्या करना चाहिए। - हरीश कटारिया, डिप्टी गंज 

जवाब : लंबे समय तक न ठीक होने वाले छाले, खासकर तंबाकू या धूम्रपान के सेवन के कारण, मुंह के कैंसर का संकेत हो सकते हैं। हालांकि, हर छाला कैंसर नहीं होता। इसकी जांच कराना जरूरी है, जिससे सही कारण पता चल सके। अगर जांच में कैंसर की पुष्टि होती है, तो इसका इलाज शुरुआती चरण में सफलतापूर्वक किया जा सकता है। 

सवाल : मेरे पापा की उम्र 72 साल है। उन्हें फैटी एसिड की समस्या हुई थी, फिर यह समस्या अल्सर में बदल गई। उन्होंने लगातार दवा खाई लेकिन ज्यादा फायदा नहीं हुआ। अब डॉक्टर कैंसर बता रहे हैं, क्या वह ठीक हो सकते हैं। - प्रवीण सागर, हरपाल नगर 

जवाब : यह गंभीर मामला है। कैंसर का प्रकार, उसकी स्टेज, और आपके पिताजी की शारीरिक स्थिति से यह तय होगा कि इलाज कितना प्रभावी हो सकता है। अगर यह कैंसर शुरुआती चरण में है, तो सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसका निर्णय विशेषज्ञ द्वारा विस्तृत जांच के बाद ही लिया जा सकता है।

सवाल : मेरे बेटे की उम्र 12 साल है। उसके शरीर पर दाने हो गए थे, कुछ नीले निशान बन गए थे। स्कूल से आते समय वह बेहोश हो गया था। डॉक्टर ने ब्लड कैंसर बताया है, जोकि सेकेंड स्टेज पर है। हमें बताएं कि कैसे इलाज कराना चाहिए। - कोमल भटनागर, संभल रोड 

जवाब : यदि डॉक्टर ने ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) की दूसरी स्टेज बताई है, तो इसका तुरंत इलाज बेहद जरूरी है। कीमोथेरेपी, रेडिएशन, स्टेम सेल ट्रांसप्लांट, इम्यून थेरेपी या टार्गेटेड थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। आपको तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। शुरुआती समय पर इलाज से ब्लड कैंसर के ठीक होने की संभावना अधिक होती है।

सवाल : मेरी मां की उम्र 52 साल है। उनके ब्रेस्ट में एक ओर गांठ हो गई है। काफी समय होने के बाद भी यह ठीक नहीं हो रही है। अब इसमें  दर्द भी रहता है। क्या यह कैंसर की गांठ हो सकती है, यदि हां तो उपचार बताएं। - ज्योति विश्नोई, हरथला

जवाब : यह गांठ ब्रेस्ट कैंसर का कारण हो सकती है, लेकिन सही जानकारी के लिए आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। ब्रेस्ट में गांठ कई कारणों से हो सकती है, जैसे कि हार्मोनल बदलाव, सिस्ट, या इंफेक्शन, लेकिन कैंसर की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मैमोग्राफी और बायोप्सी जैसी शुरुआती जांचें करनी होंगी।

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