UP: 19 साल पहले गुम हुआ सत्यम राय, समीर बनकर लौटा, बेटे को ले जाने के लिए मां ने डाला डेरा
मां का कहना है कि एक दिन अचानक बचपन में गुम हुआ सत्यम राय 2017 में घर वापिस आया था, फिर लगभग 3-4 महीने साथ खुशहाल तरीके से रहता है। लेकिन सत्यम राय अब तक समीर चुका था।
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19 साल पहले बचपन में गुम हुआ सत्यम राय, समीर बनकर लौटा तो मामले ने तूल पकड़ लिया। लेकिन समीर अपनी सगी मां के साथ जाने से इंकार कर रहा है। गुम हुए बेटे को पाने के लिए सगी मां मंजू देवी ने हापुड़ जिले से आकर शाहबाद में डेरा डाल दिया है। वहीं मां का साथ देने के लिए हिन्दू संगठन के लोग इकट्ठे हो गए है। धर्मांतरण का आरोप लगाकर शाहबाद थाने में तहरीर दी है। लेकिन बेटा मां के साथ जाने को राजी नहीं था। जिसके बाद मां और बेटे की वार्ता चल रही है।
शाहबाद कोतवाली में शुक्रवार को एक नया मामला आया है। जिला हापुड़ के थाना पिलखुआ के मोहल्ला साकेत निवासी रामानंद की पत्नी मंजू देवी ने शाहबाद कोतवाली में तहरीर दी है। जिसमे आरोप लगाया है कि वर्ष 2005 में उनका बड़ा बेटा सत्यम राय घर से लापता हो गया था। उस दौरान मांता-पिता ने बेटे को ढूंढने के का हर संभव प्रयास किया, लेकिन लापता बेटे का कहीं सुराग न मिलने के बाद थाना पिलखुआ में गुमशुदगी का केस पुलिस ने दर्ज किया था। लेकिन मां की ममता ने लाडले को ढूंढती रही।
मां का कहना है कि एक दिन अचानक बचपन में गुम हुआ सत्यम राय 2017 में घर वापिस आया था, फिर लगभग 3-4 महीने साथ खुशहाल तरीके से रहता है। लेकिन सत्यम राय अब तक समीर चुका था। सारी बातें भूलकर मां उसको एक संस्थान में दाखिला दिलवा दिया था। उसी दौरान सत्यम राय हसी-खुशी पढ़ाई कर रहा था और परिवार साथ रहने लगा। एक दिन अचानक एक दूसरे समुदाय का युवक सत्यम राय को लेकर चला गया। लेकिन उसके बाद जब भी मां मंजू अपने बेटे से जब भी बात करता तो बेटा फोन यह कह कर काट देता था कि वह अभी काम कर रहा है। दोबारा बेटे को ढूंढते हुए मां शाहाबाद के मोहल्ला बेदान के पते पर पहुंच गई।
शुक्रवार को मां मंजू ने कोतवाली में तहरीर दी है। जिसमे कहा गया है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने उनके बेटे का अपहरण कर धर्मांतरण करा दिया। धर्मांतरण की सूचना के बाद विहिप के नगर अध्यक्ष शोभित गुप्ता, जोगेंद्र यदव, उमेश रस्तौगी, अर्जुन सिंह समेत सैकड़ों लोग कोतवाली पहुंच गए। हिंदू संगठन और महिला धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। उधर शाहबाद पुलिस पिलखुआ थाने से संपर्क कर रही थी। लेकिन बेटा अपनी सगी मां के साथ जाने से इंकार करता रहा, उसका कहना है कि वह अब बालिग है, उसकी मर्जी से शाहबाद रह रहा है। मामले में सगी मां बेटे को मनाने में लगी है।
19 साल पहले एक लड़का गुम हो गया था। लड़के से बात हुई है, तो वो बालिग है, बता रहा है कि उसने खुद धर्मांतरण किया था। इस पूरे प्रकरण की जांच करा रहे है। जांच के बाद एफआईआर कर वैधानिक कार्रवाई करेंगे। यह भी जांच करा रहे है कि उसका धर्मांतरण जबरदस्ती कराया था या नहीं। - संगम कुमार सीओ शाहबाद