{"_id":"5db8a0a08ebc3e0167563376","slug":"roadways-city-news-mbd3273992136","type":"story","status":"publish","title_hn":"भैयादूज पर रोडवेज के इंतजाम धड़ाम, नहीं मिले बसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भैयादूज पर रोडवेज के इंतजाम धड़ाम, नहीं मिले बसे
विज्ञापन
मुरादाबाद के पीतलनगरी रोडवेज बस स्टेशन में भाईदूज पर भाई से मिलने के लिये चलती बस में जगहा नही हो?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। भैयादूज पर भारी भीड़ के चलते रोडवेज की व्यवस्था फेल हो गई। बसों की कमी के चलते सवार होने के लिए खूब धक्का मुक्की हुई। लोग बसों के पीछे दौड़ते नजर आए। बस स्टैंड में घुसने से पूर्व ही बसें फुल हो जाती थी। लोगों ने बस की छतों पर सवार होकर यात्रा की। बसों की कमी के चलते बहनों व भाईयों को घंटों का इंतजार करना पड़ा। बसाें में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
भैयादूूज पर मंगलवार को सुबह से ही रोडवेज स्टैंड पर भारी भीड़ रही। मुरादाबाद डिपो, पीतल नगरी डिपो, प्राइवेट बस अड्डे, सभी जगह यात्री नजर आए। लोक रूट वाली बसों जबरदस्त भीड़ रही। बारह बजे के बाद भीड़ में दो गुने से अधिक वृद्धि हो गई। इसके बाद बसों में सीटों के लिए मारामारी शुरू हो गई। बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों ने एक दूसरे को धक्कामुक्की देने से भी गुरेज नहीं किया।
लोकल रूटों पर रही ज्यादा मारामारी
भैयादूज पर लोकल रूटों पर बसों के लिए ज्यादा मारामारी रही। मुरादाबाद से संभल, चंदौसी, बिजनौर के लिए ज्यादा भीड़ रही। इनके अलावा रामपुर, बरेली, रामनगर, अमरोहा, हल्द्वानी, ठाकुरद्वारा आदि रूटों पर खासी भीड़ रही। बसों में सवार होने के लिए लोगों को धक्कामुक्की करनी पड़ी।
विज्ञापन
प्राइवेट बस स्टैंड पर भी रही खूब भीड़
प्राइवेट बस स्टैंड पर भी यात्रियों की खूब भीड़ रही। यहां भी बसों का इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने खिड़की से सामान फेंक कर सीटों पर कब्जा किया।
ट्रेनों में चढ़ने को हुई खूब धक्का मुक्की
मुरादाबाद। मंगलवार को भैयादूज के त्योहार पर दिन भर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ रही। पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा करने लिए ज्यादा मारामारी रही।
बहनें अपने भाईयों के घर जाने के लिए सुबह से ही घर से निकलना शुरू हो गई थी। जिस कारण स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। स्टेशन पर आने वाली सभी ट्रेनें पीछे से ही फुल आ रही थी। स्टेशन पर इंतजार में बैठे लोग उनमें चढ़ने के प्रयास में जुट जाते है। इससे यात्रियों को ट्रेनों से उतरना भी मुश्किल हो गया। ट्रेनों में उतरने व चढ़ने की जद्दोजहद में खूब धक्का मुक्की हुई। भारी भीड़ के चलते कुछ ही लोग ट्रेन में चढ़ पाते। दस मिनट के स्टापेज के बावजूद कई महिलाएं ट्रेन में चढ़ भी नहीं पाई। अंदर जाने के लिए बच्चों को खिड़की व भीड़ के ऊपर से अंदर भेज दिया गया, इसके बाद धक्कामुक्की कर स्वयं भी किसी तरह ट्रेनों में सवार हुई। भारी भीड़ के चलते छोटे बच्चे रोते बिलखते दिखाई दिए।
रोडवेज की छत, ट्रेन के डिब्बों के बीच की यात्रा
भारी भीड़ के चलते यात्रियों को वाहन नहीं मिले। रोडवेज बस स्टैंड व प्राइवेट बस स्टैंड पर बसों में जगह न मिलने पर लोग छतों पर सवार हो गए। छत पर बैठकर खतरनाक ढ़ंग से यात्रा की। यही हाल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया। ट्रेनों के डिब्बों में जगह न मिलने पर लोग खिड़की पर टंग गए, कुछ ट्रेनों के डिब्बों के बीच ज्वाइंट पर खड़े होकर यात्रा करते नजर आए।
विज्ञापन
भैयादूूज पर मंगलवार को सुबह से ही रोडवेज स्टैंड पर भारी भीड़ रही। मुरादाबाद डिपो, पीतल नगरी डिपो, प्राइवेट बस अड्डे, सभी जगह यात्री नजर आए। लोक रूट वाली बसों जबरदस्त भीड़ रही। बारह बजे के बाद भीड़ में दो गुने से अधिक वृद्धि हो गई। इसके बाद बसों में सीटों के लिए मारामारी शुरू हो गई। बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों ने एक दूसरे को धक्कामुक्की देने से भी गुरेज नहीं किया।
विज्ञापन
लोकल रूटों पर रही ज्यादा मारामारी
भैयादूज पर लोकल रूटों पर बसों के लिए ज्यादा मारामारी रही। मुरादाबाद से संभल, चंदौसी, बिजनौर के लिए ज्यादा भीड़ रही। इनके अलावा रामपुर, बरेली, रामनगर, अमरोहा, हल्द्वानी, ठाकुरद्वारा आदि रूटों पर खासी भीड़ रही। बसों में सवार होने के लिए लोगों को धक्कामुक्की करनी पड़ी।
विज्ञापन
प्राइवेट बस स्टैंड पर भी रही खूब भीड़
प्राइवेट बस स्टैंड पर भी यात्रियों की खूब भीड़ रही। यहां भी बसों का इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने खिड़की से सामान फेंक कर सीटों पर कब्जा किया।
ट्रेनों में चढ़ने को हुई खूब धक्का मुक्की
मुरादाबाद। मंगलवार को भैयादूज के त्योहार पर दिन भर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ रही। पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा करने लिए ज्यादा मारामारी रही।
बहनें अपने भाईयों के घर जाने के लिए सुबह से ही घर से निकलना शुरू हो गई थी। जिस कारण स्टेशनों पर भारी भीड़ रही। स्टेशन पर आने वाली सभी ट्रेनें पीछे से ही फुल आ रही थी। स्टेशन पर इंतजार में बैठे लोग उनमें चढ़ने के प्रयास में जुट जाते है। इससे यात्रियों को ट्रेनों से उतरना भी मुश्किल हो गया। ट्रेनों में उतरने व चढ़ने की जद्दोजहद में खूब धक्का मुक्की हुई। भारी भीड़ के चलते कुछ ही लोग ट्रेन में चढ़ पाते। दस मिनट के स्टापेज के बावजूद कई महिलाएं ट्रेन में चढ़ भी नहीं पाई। अंदर जाने के लिए बच्चों को खिड़की व भीड़ के ऊपर से अंदर भेज दिया गया, इसके बाद धक्कामुक्की कर स्वयं भी किसी तरह ट्रेनों में सवार हुई। भारी भीड़ के चलते छोटे बच्चे रोते बिलखते दिखाई दिए।
रोडवेज की छत, ट्रेन के डिब्बों के बीच की यात्रा
भारी भीड़ के चलते यात्रियों को वाहन नहीं मिले। रोडवेज बस स्टैंड व प्राइवेट बस स्टैंड पर बसों में जगह न मिलने पर लोग छतों पर सवार हो गए। छत पर बैठकर खतरनाक ढ़ंग से यात्रा की। यही हाल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया। ट्रेनों के डिब्बों में जगह न मिलने पर लोग खिड़की पर टंग गए, कुछ ट्रेनों के डिब्बों के बीच ज्वाइंट पर खड़े होकर यात्रा करते नजर आए।