फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Ramjalebi ran 700 km for her rights, neither defeated by the situation, nor by the cold

Moradabad News: न हालात से हारीं, न कड़ाके की ठंड से, हक के लिए 700 किमी दौड़ीं रामजलेबी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2022 08:00 AM IST
विज्ञापन
Ramjalebi ran 700 km for her rights, neither defeated by the situation, nor by the cold
पूस के जिस महीने में रजाई से बाहर निकलते ही शरीर ठंड से कंपकंपा उठता है, उसमें ट्रेन की साधारण बोगी से लगभग साढ़े छह सौ किलोमीटर के सफर की कल्पना ही कठिन होती है। 45 वर्षीय रामजलेबी ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से इस कठिन को सरल बना डाला। पुलिस से न्याय न मिलने पर हक की लड़ाई के लिए देवर के साथ सीधी गोरखपुर में सीएम के जनता दरबार पहुंचीं। बोलीं, महाराज जी ने न सिर्फ पूरी बात ध्यान से सुनी बल्कि उन दोनों दरोगाओं को सजा भी दिला दी, जिन्होंने मेरी एक न सुनी थी।
विज्ञापन

रामजलेबी बताती हैं कि 15 साल पहले पति की मौत ने तोड़ दिया था। दो बच्चों की परवरिश का पूरा जिम्मा उन पर आ गया था। हालात हर कदम पर इम्तिहान ले रहे थे। जुलाई 2021 में पूर्व प्रधान ने उनकी जमीन के 20 मीटर हिस्से पर कब्जा कर लिया। विरोध पर पिटाई की। शिकायतों के बाद भी पुलिस या तहसील ने उनके हक में कार्रवाई नहीं की। उल्टे दूसरी ओर से मिली झूठी शिकायत पर उनके व परिवार के सदस्यों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। जब अफसरों ने भी उनकी नहीं सुनी तो भाई ने उन्हें गोरखपुर जाने की सलाह दी। कहा, वहां मुख्यमंत्री से आसानी से मुलाकात हो जाती है लेकिन इस जाड़े में गोरखपुर तक का सफर आसान नहीं है।
विज्ञापन

इस सलाह को न्याय की उम्मीद का रास्ता मानकर रामजलेबी देवर के साथ सफर पर निकल पड़ीं। रविवार को जुनावई से करीब 50 किलोमीटर दूर अलीगढ़ पहुंचीं और वहां से ट्रेन की साधारण बोगी में बैठकर करीब 650 किलोमीटर दूर गोरखपुर की यात्रा पूरी की। सोमवार को गोरखपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री के आने का इंतजार किया। मंगलवार को वह आए और जनता दरबार लगा। वहीं रामजलेबी ने सीएम को आपबीती बताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुधवार को वह गांव लौटीं। अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को ही तहसील की टीम ने उनकी जमीन से अवैध कब्जा हटवा दिया। शुक्रवार आने तक उन दोनों दरोगाओं के निलंबित होने की खबर मिल गई, जिन्होंने उनकी शिकायत को कार्रवाई के लायक नहीं समझा था।
पिछले महीने ग्राम चौपाल में यह शिकायत आई थी। लेखपाल और कानूनगो उस समय कब्जा नहीं हटवा पाए थे। बृहस्पतिवार को टीम के साथ मैं खुद मौके पर गया। अवैध कब्जा हटवा दिया है। महिला की जो शिकायत थी उसका निस्तारण हो गया। - संदीप कुमार वर्मा, एसडीएम, गुन्नौर
00
जमीन की पैमाइश अभी सही से नहीं की गई है। जमीन को कम करके नापा गया है। प्रशासन भूमि की पैमाइश सही से करवाए और पूरी तरह न्याय दिलाने का काम करे। वरना फिर मुख्यमंत्री से शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। - रामजलेबी, ग्राम अहरौला नवाजी

सीएम ने पूछा, फरियादियों को गोरखपुर आना पड़ रहा है...
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में मंडल के अफसरों से इस प्रकरण पर पूछताछ की। सवालिया शैली में कहा, फरियादियों को संभल से गोरखपुर आना पड़ रहा है...विधवा को तत्काल न्याय क्यों नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed