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Moradabad News: फिर घिरे रेलवे के एसएसई, अब हरे पेड़ कटवाए
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मुरादाबाद। रेलवे के एसएसई ने दलपतपुर-मूंढापांडे यार्ड के कई हरे-भरे पेड़ों पर आरी चलवा दी। सेक्शन के जेई ने मौका मुआयना किया तो पेड़ कटे मिले। स्थानीय लोगों से बातचीत में भ्रष्टाचार की आशंका पाई गई। इसके बाद जेई ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी। अब रेलवे इसकी विभागीय जांच कर रहा है। दो माह पहले एसएसई के ठिकाने पर विजिलेंस की चेकिंग भी हो चुकी है।
नया मामला बिना किसी अनुमति के हरे पेड़ों की कटाई का है। जेई ने 18 दिसंबर को अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में बताया कि कई सौ मीटर की दूरी तक पेड़ काट दिए गए हैं। यह सभी पेड़ रेलवे की बाउंड्री में लगे थे। जेई की आपत्ति के बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) ने तर्क दिया कि बाउंड्री गलत बनाई गई है। नक्शे के मुताबिक पेड़ बाउंड्री से बाहर हैं।
पेड़ काटने वाले व्यक्ति ने भी एसएसई का नाम लिया और उनके आदेश पर ही आरी चलाने की बात कही। इस मामले की भनक आरपीएफ को लगी तो शाखा ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। वहीं इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी स्पष्ट रूप से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। विवाद के बाद प्रशासन से मदद लेकर भूमि की पैमाइश भी कराई गई है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक सात जनवरी तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इसमें दोष सिद्ध होने पर एसएसई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नया मामला बिना किसी अनुमति के हरे पेड़ों की कटाई का है। जेई ने 18 दिसंबर को अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में बताया कि कई सौ मीटर की दूरी तक पेड़ काट दिए गए हैं। यह सभी पेड़ रेलवे की बाउंड्री में लगे थे। जेई की आपत्ति के बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) ने तर्क दिया कि बाउंड्री गलत बनाई गई है। नक्शे के मुताबिक पेड़ बाउंड्री से बाहर हैं।
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पेड़ काटने वाले व्यक्ति ने भी एसएसई का नाम लिया और उनके आदेश पर ही आरी चलाने की बात कही। इस मामले की भनक आरपीएफ को लगी तो शाखा ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। वहीं इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी स्पष्ट रूप से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। विवाद के बाद प्रशासन से मदद लेकर भूमि की पैमाइश भी कराई गई है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक सात जनवरी तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इसमें दोष सिद्ध होने पर एसएसई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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