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इलाज नहीं मिला तो अस्पताल की छत से कूदकर दे दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Sat, 07 May 2016 11:14 AM IST
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छत से कूदकर दी जान
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जिला अस्पताल में करीब तीन दिनों से भर्ती एक बुजुर्ग मरीज शुक्रवार तड़केे पहली मंजिल की छत से कूद गए। गंभीर हालत में उन्हें टीएमयू में भर्ती कराया है। हालत में सुधार नहीं होने पर डाक्टराें ने मरीज को रेफर कर दिया। घर लाते समय मरीज की मौत हो गई।
मरीज को यूरिन और गुर्दे की बीमारी थी। अस्पताल प्रशासन ने छत से कूदने की घटना से इंकार किया है। कहा कि, टायलेट जाते समय मरीज गिरकर घायल हो गया था। वहीं परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के खामोशी के साथ बुजुर्ग को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
मुगलपुरा थाना क्षेत्र के एक सत्तर वर्षीय बुजुर्ग की तीन दिन पहले अचानक हालत बिगड़ गई। वह काफी दिनों से बीमार थे। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का कहना है कि बेहतर इलाज न होने और तकलीफ से परेशान होकर वह शुक्रवार तड़के पहली मंजिल से कूद गए। इसके चलते उनके सिर में चोटें आई।
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बाद में जिला अस्पताल के डाक्टरों ने न्यूरो का मामला बताकर उन्हें टीएमयू रेफर कर दिया। जहां हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। घर लाते समय उनकी मौत हो गई। घर की हालत ठीक न होने पर परिजनों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। बाद नमाज-ए-ईशा बुजुर्ग को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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मरीज को यूरिन और गुर्दे की बीमारी थी। अस्पताल प्रशासन ने छत से कूदने की घटना से इंकार किया है। कहा कि, टायलेट जाते समय मरीज गिरकर घायल हो गया था। वहीं परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के खामोशी के साथ बुजुर्ग को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
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मुगलपुरा थाना क्षेत्र के एक सत्तर वर्षीय बुजुर्ग की तीन दिन पहले अचानक हालत बिगड़ गई। वह काफी दिनों से बीमार थे। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का कहना है कि बेहतर इलाज न होने और तकलीफ से परेशान होकर वह शुक्रवार तड़के पहली मंजिल से कूद गए। इसके चलते उनके सिर में चोटें आई।
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बाद में जिला अस्पताल के डाक्टरों ने न्यूरो का मामला बताकर उन्हें टीएमयू रेफर कर दिया। जहां हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। घर लाते समय उनकी मौत हो गई। घर की हालत ठीक न होने पर परिजनों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। बाद नमाज-ए-ईशा बुजुर्ग को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।