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पूरे दिन चला ऑपरेशन टिड्डी, अधिकारियों का दावा मुक्त हुआ रामपुर

Mon, 20 Jul 2020 03:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा बिलासपुर (रामपुर) 
बिलासपुर (रामपुर)  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 20 Jul 2020 03:49 AM IST
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Operation locusts went on all day and authorities claim free Rampur
Locusts - फोटो : Amar Ujala

किसानों की फसलों को बचाने के लिए रविवार को भी आपरेशन टिड्डी चला। कृषि, गन्ना विभाग के साथ ही प्रशासन और चीनी मिल के अधिकारियों ने टीमें बनाकर क्षेत्र में टिड्डियों के खात्मे को दवा का छिड़काव, आतिशबाजी और शोर किया। इसके लिए बांदा कृषि विवि से ड्रोन भी मंगवाए गए। दोपहर में अधिकारियों ने रामपुर की  सीमा में घुसे सभी टिड्डियों के खात्मे या फिर रामपुर की सीमा से बाहर चले जाने का दावा किया है। तीन दिन तक चले आपरेशन टिड्डी में भारी संख्या में दवा छिड़काव से टिड्डियों को मारा गया है।

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शुक्रवार 17 जुलाई की शाम बरेली जिले की ओर से टिड्डियों के दल ने क्षेत्र के गांव बीहट, खाता, मनुआपट्टी, करतारपुर, हजरतपुर, सुआनगला, लखीमपुर, आकिलपुर उर्फ बदनपुरी, मंगतपुर,  गोदी, बिढ़वानगला आदि गांवों के जंगल में प्रवेश किया था। रामपुर व बरेली जिले के संयुक्त गांवों टिड्डियों से निपटने को सभी गांवों के किसान निजी संसाधनों के साथ जंगल में मुस्तैद थे। वहीं, बरेली जिले की तहसील बहेड़ी व रामपुर के अधिकारी भी ग्रामीणों के साथ जंगल में टिड्डयों को भगाने के प्रयास करने में लगे थे। शुक्रवार रात के बाद शनिवार पूरे दिन और रात के बाद रविवार को भी दोपहर तक बिलासपुर क्षेत्र में आपरेशन टिड्डी चला। 
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जिला कृषि अधिकारी चंद्रगुप्त सागर, जिला गन्ना अधिकारी हेमराज सिंह के साथ तहसीलदार अशोक कुमार सिंह, नायब तहसीलदार अमरपाल सिंह, राजस्व कर्मियों, दो फायर बिग्रेड की गाड़ियों, 8 माउंटेड स्प्रे और ड्रोन के साथ पूरे दिन जंगल में डटे रहे। रविवार को भी अधिकारियों ने मानुपरओझा, बिजली फार्म, बीबरा, ढाकी, सकटुआ, ज्वालापुर, भैंसिया, धनौरा, अलीनगर कोटा समेत बीस से अधिक गांवों में टिड्डियों को भगाने के लिए कीटनाशक का स्प्रे कराया और किसानों ने खेतों में ट्रैक्टर व बाइकों के साइलेंसर निकालकर, पटाखे फोड़कर आवाजें भी की, मगर टिड्डियां भगाने के बजाय पेड़ों आदि पर बैठ गईं और आसमान में मंडराती रहीं। 
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पेड़ों पर बैठी टिड्डियों को मारने व भगाने के लिए ड्रोन से दवाई का डिड़काव पूरे दिन किया गया। किसान भी अपने निजी संसाधनों से दवाई का छिड़काव करते नजर आए। दोपहर में ही अधिकारियों ने 70 फीसदी टिड्डी के मारे जाने और शेष टिड्डी के उत्तराखंड में चले जाने की बात कहकर रामपुर को टिड्डी खतरे से बाहर घोषित कर दिया। हालांकि किसानों ने प्रशासन के दावों को गलत ठहराते हुए कहा कि अभी भी क्षेत्र में लाखों की तादाद में टिड्डियां मौजूद हैं, जो फसलों को नुकसान पहुंचा रहीं हैं। 


क्या बोले अधिकारी :
-70 फीसदी टिड्डी अभियान चलाकर दवा छिड़काव से मार दी गई है। जबकि करीब तीस फीसदी टिड्डी उत्तराखंड में निकल गई है।
 -डॉ. राजेश कुमार, एसडीएम-बिलासपुर।

जिलाधिकारी के निर्देशन में टिड्डियों के प्रवेश के साथ ही चलाए गए अभियान के फलस्वरूप रविवार दोपहर तक टिड्डियों का खतरा समाप्त हो गया है। बड़ी संख्या में टिड्डी मार दी गई है और शेष टिड्डी उत्तराखंड की ओर चली गई है। टिड्डी से निपटने के लिए अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी द्वारा समय रहते बांदा से ड्रोन की व्यवस्था भी करवाई गई, जिससे टिड्डी खात्मे में काफी मदद मिली। 
-चंद्रगुप्त सागर, जिला कृषि अधिकारी-रामपुर।

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