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आतंकी कनेक्शन न लापरवाही, रेल फ्रैक्चर से भी आफत आई
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Thu, 20 Apr 2017 02:16 AM IST
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रामपुर में राज्यरानी एक्सप्रेस के 9 डिब्बे पटरी से उतरे
- फोटो : self
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अफसरों का दुख देखकर तो लगता है कि काश! राज्यरानी एक्सप्रेस हादसे की वजह कोई मामूली बात निकले। जांच में जुड़ी एजेंसियां भी यही चाह रही हैं। ताकि हादसे में हर कोई पाक साफ निकल जाए।
आतंकी कनेक्शन निकलने पर सुरक्षा एजेंसियाें की गर्दन फंसेगी तो लापरवाही पर रेलवे के कई विभाग कार्रवाई की जद में आएंगे। ऐसे में अपनी गर्दन बचाने के चक्कर में राज्यरानी एक्सप्रेस हादसे की जांच फुटबाल बन गई है।
हर कोई अपनी साख बचाने में लगा है। ऐसे में अगर आतंकी कनेक्शन और लापरवाही की बात सामने नहीं आती है तो रेल फ्रैक्चर में ट्रैक से जुड़े इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के लिए आफत हो जाएगी। फिलहाल हेडक्वार्टर की गठित सीएजी कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही हादसे की असल वजह सामने आएगी। अफसोस यह है कि सीएजी टीम अब तक जांच को पहुंची ही नहीं।
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वहीं दूसरे दिन बुधवार को भी पांच रेल अधिकारी बयान देने एसपी रेल कार्यालय नहीं पहुंचे। इन अधिकारियों को दोबारा नोटिस भेजा गया है। अगर गुरुवार को कोई अधिकारी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा तो जीआरपी कोर्ट का सहारा लेगी।
शनिवार को रामपुर स्टेशन से दो किमी पहले हुए रेल हादसे में जीआरपी ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच सीओ जीआरपी गाजियाबाद रनवीर सिंह कर रहे हैं।
सीओ ने सोमवार को रेलवे के सीनियर डीईएन, डीईएन, एईएन, पीडब्ल्यूवाई और आपरेटिंग के अधिकारी को नोटिस भेजकर बयान लेने के एसपी कार्यालय बुलाया था, लेकिन कोई भी अधिकारी बयान देने नहीं पहुंचा। दूसरे दिन बुधवार को भी अधिकारियों ने नोटिस पर अमल नहीं किया। वहीं जीआरपी ने दोबारा नोटिस देकर गुरुवार को अधिकारियों को तलब किया है।
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आतंकी कनेक्शन निकलने पर सुरक्षा एजेंसियाें की गर्दन फंसेगी तो लापरवाही पर रेलवे के कई विभाग कार्रवाई की जद में आएंगे। ऐसे में अपनी गर्दन बचाने के चक्कर में राज्यरानी एक्सप्रेस हादसे की जांच फुटबाल बन गई है।
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हर कोई अपनी साख बचाने में लगा है। ऐसे में अगर आतंकी कनेक्शन और लापरवाही की बात सामने नहीं आती है तो रेल फ्रैक्चर में ट्रैक से जुड़े इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के लिए आफत हो जाएगी। फिलहाल हेडक्वार्टर की गठित सीएजी कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही हादसे की असल वजह सामने आएगी। अफसोस यह है कि सीएजी टीम अब तक जांच को पहुंची ही नहीं।
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सेफ्टी अफसरों-कर्मचारियों को भी भेजा नोटिस
रामपुर रेल हादसे की जांच कर रहे जीआरपी सीओ ने पांच रेल अफसरों के बार संरक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी नोटिस भेजा है। सीओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षा के सभी अभिलेखों के साथ एसपी कार्यालय में तलब किया है।वहीं दूसरे दिन बुधवार को भी पांच रेल अधिकारी बयान देने एसपी रेल कार्यालय नहीं पहुंचे। इन अधिकारियों को दोबारा नोटिस भेजा गया है। अगर गुरुवार को कोई अधिकारी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा तो जीआरपी कोर्ट का सहारा लेगी।
शनिवार को रामपुर स्टेशन से दो किमी पहले हुए रेल हादसे में जीआरपी ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच सीओ जीआरपी गाजियाबाद रनवीर सिंह कर रहे हैं।
सीओ ने सोमवार को रेलवे के सीनियर डीईएन, डीईएन, एईएन, पीडब्ल्यूवाई और आपरेटिंग के अधिकारी को नोटिस भेजकर बयान लेने के एसपी कार्यालय बुलाया था, लेकिन कोई भी अधिकारी बयान देने नहीं पहुंचा। दूसरे दिन बुधवार को भी अधिकारियों ने नोटिस पर अमल नहीं किया। वहीं जीआरपी ने दोबारा नोटिस देकर गुरुवार को अधिकारियों को तलब किया है।