{"_id":"5da234fe8ebc3e01376aa420","slug":"murder-in-moradabad-city-news-mbd325558946","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे कर्मचारी की गला रेतकर हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे कर्मचारी की गला रेतकर हत्या
विज्ञापन
murder in moradabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन और कपूर कंपनी पुल के बीच स्थित भंडारण गोदाम के पास रेलवे कर्मचारी की गला रेत कर हत्या कर दी गई। शुक्रवार रात साथी कर्मचारियों ने उसे पेड़ के नीचे लहूलुहान अवस्था में पड़ा देखा तो वह उसे उठाकर रेलवे अस्पताल ले गए। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके गले को किसी धारदार हथियार से काटा गया था। घटना की सूचना से कर्मचारी के परिवार में कोहराम मच गया। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। जीआरपी और सिविल पुलिस के सीमा विवाद के कारण देर रात तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। घटना की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।
धन प्रकाश(59) मेरठ जनपद के खरखौदा निवासी थे। वह रेलवे विभाग में ग्रुप डी में खलासी के पद कार्यरत थे। परिवार में चार बेटे राजीव शर्मा, प्रदीप शर्मा, दीपक शर्मा और अनुुज शर्मा व पत्नी शर्मा देवी हैं। बेटे राजीव ने बताया कि उनके पिता की ड्यूटी रेलवे स्टेशन पर भंडारण गोदाम में लगी थी। वह रोज सुबह घर से ट्रेन द्वारा आते थे और ड्यूटी करने के बाद शाम को घर लौट जाते थे। शुक्रवार रात वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे। सह कर्मचारी भूप राम ने शुक्रवार रात उन्होंने ने धन प्रकाश को भंडारण गोदाम के नजदीक ही पेड़ के नीचे लहूलुहान अवस्था में पड़ा देखा। उनके गले में गहरा घाव बना हुआ था, जबकि वह कुछ बोल नहीं पा रहे थे। भूपराम व अमित ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी तुरंत अपने अधिकारी को दी और वह एंबुलेंस बुलाकर धन प्रकाश को रेलवे अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रात में ही धन प्रकाश के परिजन यहां पहुंच गए थे। बेटे राजीव का कहना है कि उन्हें कुछ जानकारी नहीं कि ये घटना क्यों की गई है। जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज पंत ने बताया कि धनप्रकाश को उनके साथियों ने अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां घायल की मृत्यु हुई। अस्पताल की ओर से कोई पीआई नहीं दी गई। दोपहर बाद पोस्टमार्टम कराने के लिए जानकारी दी गई। इसके बाद घटनास्थल देखा गया और पंचनामा भरने के बाद शव पोस्टमार्टम को भिजवा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन माह बाद होना था रिटायरमेंट
मुरादाबाद। गला रेतकर मौत के घाट उतारे गए रेलवे कर्मचारी धन प्रकाश का तीन माह बाद रिटायरमेंट था।
उनके चार बेटे राजीव, प्रदीप और दीपक प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि चौथा बेटा अनुज शर्मा पढ़ाई कर रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे बेटे राजीव शर्मा ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। पिता ने भी नहीं बताया कि ड्यूटी पर किसी से कोई विवाद है। उनके समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर हमारे पिता के साथ क्या हो गया है।
विज्ञापन
सीमा विवाद में उलझी पुलिस, चौबीस घंटे भी पोस्टमार्टम नहीं
- रेलवे अस्पताल ने सिविल लाइंस थाने भेज दी थी पीआई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। घटनास्थल को लेकर जीआरपी और सिविल पुलिस उलझती रही। जिस कारण शनिवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। घटना शुक्रवार रात नौ बजे की है। साथी कर्मचारी उन्हें रेलवे अस्पताल लेकर गए थे। लेकिन रात में पुलिस को सूचना दी गई। सुबह सिविल लाइंस थाने में पीआई भेजी गई। लेकिन सिविल लाइंस थाने से पीआई को रिसीव नहीं किया गया। घटनास्थल जीआरपी क्षेत्र में होने के कारण कर्मचारी को लौटा दिया गया। इसके बाद पीआई जीआरपी थाने में भेजी गई। यहां भी पुलिस का रवैया वैसे ही रहा। परिजन रेलवे स्टेशन और सिविल लाइंस थाने के चक्कर लगाते रहे। इसके बाद भी कोई पंचनामा भरने को तैयार नहीं हो पाया। दोपहर बाद जीआरपी ने घटनास्थल का मुआयना किया। घटनास्थल जीआरपी क्षेत्र में ही आ रहा था। तब जाकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भिजवा गया। लेकिन तब तक पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर जा चुके थे। पुलिस और जीआरपी की इस लापरवाही की वजह से चौबीस घंटे बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
लूट रंजिश या फिर कोई और वजह
मुरादाबाद। कर्मचारी धन प्रकाश शर्मा की गला रेत कर हत्या कर दी गई। इस घटना कांड को इस विवाद में अंजाम दिया गया। लूट, रंजिश या फिर कोई और वजह है। इसकी तस्वीर अभी साफ होनी बाकी है। चौबीस घंटे में तो पुलिस पोस्टमार्टम तक नहीं हो पाया। परिजन रंजिश से इनकार कर रहे हैं। जबकि साथी कर्मचारियों ने भी किसी को हमला करते नहीं देखा, जबकि कुछ ही दूरी पर भंडारण गोदाम में साथी कर्मचारी मौजूद थे। तीन माह बाद धन प्रकाश सेवा निवृत्त होने वाले थे।
विज्ञापन
धन प्रकाश(59) मेरठ जनपद के खरखौदा निवासी थे। वह रेलवे विभाग में ग्रुप डी में खलासी के पद कार्यरत थे। परिवार में चार बेटे राजीव शर्मा, प्रदीप शर्मा, दीपक शर्मा और अनुुज शर्मा व पत्नी शर्मा देवी हैं। बेटे राजीव ने बताया कि उनके पिता की ड्यूटी रेलवे स्टेशन पर भंडारण गोदाम में लगी थी। वह रोज सुबह घर से ट्रेन द्वारा आते थे और ड्यूटी करने के बाद शाम को घर लौट जाते थे। शुक्रवार रात वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे। सह कर्मचारी भूप राम ने शुक्रवार रात उन्होंने ने धन प्रकाश को भंडारण गोदाम के नजदीक ही पेड़ के नीचे लहूलुहान अवस्था में पड़ा देखा। उनके गले में गहरा घाव बना हुआ था, जबकि वह कुछ बोल नहीं पा रहे थे। भूपराम व अमित ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी तुरंत अपने अधिकारी को दी और वह एंबुलेंस बुलाकर धन प्रकाश को रेलवे अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रात में ही धन प्रकाश के परिजन यहां पहुंच गए थे। बेटे राजीव का कहना है कि उन्हें कुछ जानकारी नहीं कि ये घटना क्यों की गई है। जीआरपी इंस्पेक्टर पंकज पंत ने बताया कि धनप्रकाश को उनके साथियों ने अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां घायल की मृत्यु हुई। अस्पताल की ओर से कोई पीआई नहीं दी गई। दोपहर बाद पोस्टमार्टम कराने के लिए जानकारी दी गई। इसके बाद घटनास्थल देखा गया और पंचनामा भरने के बाद शव पोस्टमार्टम को भिजवा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
तीन माह बाद होना था रिटायरमेंट
मुरादाबाद। गला रेतकर मौत के घाट उतारे गए रेलवे कर्मचारी धन प्रकाश का तीन माह बाद रिटायरमेंट था।
उनके चार बेटे राजीव, प्रदीप और दीपक प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि चौथा बेटा अनुज शर्मा पढ़ाई कर रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे बेटे राजीव शर्मा ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। पिता ने भी नहीं बताया कि ड्यूटी पर किसी से कोई विवाद है। उनके समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर हमारे पिता के साथ क्या हो गया है।
विज्ञापन
सीमा विवाद में उलझी पुलिस, चौबीस घंटे भी पोस्टमार्टम नहीं
- रेलवे अस्पताल ने सिविल लाइंस थाने भेज दी थी पीआई
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। घटनास्थल को लेकर जीआरपी और सिविल पुलिस उलझती रही। जिस कारण शनिवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। घटना शुक्रवार रात नौ बजे की है। साथी कर्मचारी उन्हें रेलवे अस्पताल लेकर गए थे। लेकिन रात में पुलिस को सूचना दी गई। सुबह सिविल लाइंस थाने में पीआई भेजी गई। लेकिन सिविल लाइंस थाने से पीआई को रिसीव नहीं किया गया। घटनास्थल जीआरपी क्षेत्र में होने के कारण कर्मचारी को लौटा दिया गया। इसके बाद पीआई जीआरपी थाने में भेजी गई। यहां भी पुलिस का रवैया वैसे ही रहा। परिजन रेलवे स्टेशन और सिविल लाइंस थाने के चक्कर लगाते रहे। इसके बाद भी कोई पंचनामा भरने को तैयार नहीं हो पाया। दोपहर बाद जीआरपी ने घटनास्थल का मुआयना किया। घटनास्थल जीआरपी क्षेत्र में ही आ रहा था। तब जाकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भिजवा गया। लेकिन तब तक पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर जा चुके थे। पुलिस और जीआरपी की इस लापरवाही की वजह से चौबीस घंटे बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
लूट रंजिश या फिर कोई और वजह
मुरादाबाद। कर्मचारी धन प्रकाश शर्मा की गला रेत कर हत्या कर दी गई। इस घटना कांड को इस विवाद में अंजाम दिया गया। लूट, रंजिश या फिर कोई और वजह है। इसकी तस्वीर अभी साफ होनी बाकी है। चौबीस घंटे में तो पुलिस पोस्टमार्टम तक नहीं हो पाया। परिजन रंजिश से इनकार कर रहे हैं। जबकि साथी कर्मचारियों ने भी किसी को हमला करते नहीं देखा, जबकि कुछ ही दूरी पर भंडारण गोदाम में साथी कर्मचारी मौजूद थे। तीन माह बाद धन प्रकाश सेवा निवृत्त होने वाले थे।