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Moradabad News: एमडीए की कमजोर पैरवी से फंसी करोड़ों की जमीन, डाला जा रहा कूड़ा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 02:07 AM IST
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Land worth crores stuck due to weak advocacy of MDA, garbage being dumped
मुरादाबाद। एमडीए की भैसिया गांव के निकट एकता विहार उत्तरी योजना की गाटा संख्या 45 की चार एकड़ भूमि पिछले 35 सालों से विवादों में हैं, उचित पैरवी नहीं होने के कारण आवेदकों और आवंटियों की करोड़ों की धनराशि भी फंसी हुई है। जिस पर कूड़ा डाला जा रहा है। मामले की शिकायत होने के बाद जिलाधिकारी ने एमडीए से जवाब मांगा है। एमडीए ने इस मामले में बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय को जवाब दिया है, जिसमें मामला कोर्ट में बताकर पल्ला झाड़ लिया गया है।
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एकता विहार उत्तरी आरडब्ल्यूए के सचिव तंजील अहमद ने संमन्वित शिकायत प्रणाली के माध्यम से शिकायत की थी, जिसमें कहा गया था कि ग्राम भेंसिया स्थित गाटा संख्या 45 को एमडीए ने एकता विहार उत्तरी योजना के अंतर्गत बसाने के लिए अधिग्रहित किया था। करीब चार एकड़ इस इस भूमि पर निर्गत भू-खंडों के आवंटन के लिए आवेदकों से धनराशि जमा कराई गई, प्लॉटों का आवंटित किया तो आवंटियों से भी पैसा जमा कराया। इसी बीच मुआवजा में परेशानी को लेकर भू-स्वामी इनामुल हक़ कोर्ट में चला गया तो आवंटन भी ठहर गया। यदि मुआवजा समय पर दिया गया होता तो भूमि का विकास कार्य पूर्ण होकर भू-खंडों का आवंटन सुचारु रूप से हो चुका होता, प्राधिकरण को बार-बार विकास कार्य पर अतिरिक्त व्यय भी नहीं करना पड़ता। इसमें तंजील अहमद ने इस भूमि पर मुआवजा भुगतान की स्थिति, आवंटियों व आवेदकों के पैसे के बारे में जानकारी चाही गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने 23 दिसंबर को एमडीए से जवाब मांगा था।
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एमडीए के सचिव ने बुधवार को जिलाधिकारी को भेजे जवाब में कहा है कि गाटा संख्या 45 में विधिवत रूप से अर्जित की गई 3.91 एकड़ कब्जा प्राप्त भूमि है, जो एमडीए के नाम दर्ज है, इसकी पूर्ण प्रतिकर धनराशि भी जमा की जा चुकी है। लेकिन मामला सिविल जड (सीनियर डिवीजन) मुरादाबाद व हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इधर, तंजील अहमद का कहना है कि यह करीब 64 करोड़ रुपये की भूमि का मामला है, एमडीए इसका निपटारा नहीं कर पा रहा है, एमडीए के अच्छी पैरवी करके शीघ्र निपटारा करना चाहिए, क्योंकि आवेदकों, आवंटियों की बड़ी धनराशि फसी है। इस जमीन पर अब कूड़े का अंबार लगा है।
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