{"_id":"56f1b7564f1c1b7605f14d26","slug":"keep-a-few-things-in-mind-the-hajj-journey-easier","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुछ बातों का रखें ध्यान, हज का सफर होगा आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुछ बातों का रखें ध्यान, हज का सफर होगा आसान
मोहम्मद सलाम खां / मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:56 AM IST
विज्ञापन
हज यात्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिन आजमीनाें के नामों पर हजयात्री की मुहर लग गई है अगर वे कुछ बातों का ध्यान रखें तो हज का पाक सफर आसान हो जाएगा। अभी हजयात्रा में वक्त भी है। अगर किसी शख्स में पैदल चलने की आदत नहीं है तो उसे हज के पाक सफर में मुश्किलात पेश आ सकती है।
दरअसल, हजयात्रा के दौरान आजमीन को कम से कम पांच किलोमीटर रोज पैदल चलना होता है। इबादत के पांच दिनों में आजमीनाें को तैंतीस किमी का सफर पैदल तय करना होता है। इसको ध्यान में रखकर पैदल चलने की प्रैक्टिस कर लें, आपको सहूलियत होगी।
इस बार हज यात्रा के लिए यूपी से 48,673 आवेदन किए। लेकिन सोमवार को लखनऊ में निकाले गए कुर्रा में 21,828 आजमीनों के नामों पर ही मुहर लग सकी। इसमें मुरादाबाद के 741 आजमीन शामिल हैं। जबकि करीब चार सौ रिजर्व कैटेगरी के भी आजमीन हैं। इन आजमीनाें की खाना-ए-काबा की जियारत की ख्वाहिश पूरी होने वाली है।
विज्ञापन
लेकिन पाक सफर पर जाने से पहले अपने को तैयार करना होगा, ताकि हजयात्रा के दौरान कोई परेशानी हो। हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने कुर्रा में शामिल आवेदकों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज की तैयारी शुरू कर दें। हज के दौरान आजमीनों को पांच दिन में तैंतीस किमी पैदल चलना पड़ता है।
इबादत के पांच दिनों में इतना चलना पड़ता है पैदल
08 जिलहिज : आजमीन मक्का से मिना के लिए रवाना होते हैं। इसके लिए उन्हें पांच किमी का सफर तय करना होता है।
09 जिलहिज : सुबह के वक्त हजयात्री 6.5 किमी का सफर तय कर मिना से अरफात पहुंचते हैं।
09 जिलहिज : शाम के वक्त अरफात से मुजदफा के लिए रवाना होते हैं। इसकी दूरी 5.5 किमी है।
10 जिलहिज : सुबह एक किमी का सफर तय कर मुजलफा से मिना पहुंचना होता है।
10 जिलहिज : दोपहर में मिना से मक्का जाना होता है।
10 जिलहिज : शाम को फिर मक्का से मिना जाते हैं।
12 जिलहिज : शाम को मिना से आजमीन मक्का के लिए रवाना होते हैं।
विज्ञापन
दरअसल, हजयात्रा के दौरान आजमीन को कम से कम पांच किलोमीटर रोज पैदल चलना होता है। इबादत के पांच दिनों में आजमीनाें को तैंतीस किमी का सफर पैदल तय करना होता है। इसको ध्यान में रखकर पैदल चलने की प्रैक्टिस कर लें, आपको सहूलियत होगी।
विज्ञापन
इस बार हज यात्रा के लिए यूपी से 48,673 आवेदन किए। लेकिन सोमवार को लखनऊ में निकाले गए कुर्रा में 21,828 आजमीनों के नामों पर ही मुहर लग सकी। इसमें मुरादाबाद के 741 आजमीन शामिल हैं। जबकि करीब चार सौ रिजर्व कैटेगरी के भी आजमीन हैं। इन आजमीनाें की खाना-ए-काबा की जियारत की ख्वाहिश पूरी होने वाली है।
विज्ञापन
लेकिन पाक सफर पर जाने से पहले अपने को तैयार करना होगा, ताकि हजयात्रा के दौरान कोई परेशानी हो। हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने कुर्रा में शामिल आवेदकों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज की तैयारी शुरू कर दें। हज के दौरान आजमीनों को पांच दिन में तैंतीस किमी पैदल चलना पड़ता है।
इबादत के पांच दिनों में इतना चलना पड़ता है पैदल
08 जिलहिज : आजमीन मक्का से मिना के लिए रवाना होते हैं। इसके लिए उन्हें पांच किमी का सफर तय करना होता है।
09 जिलहिज : सुबह के वक्त हजयात्री 6.5 किमी का सफर तय कर मिना से अरफात पहुंचते हैं।
09 जिलहिज : शाम के वक्त अरफात से मुजदफा के लिए रवाना होते हैं। इसकी दूरी 5.5 किमी है।
10 जिलहिज : सुबह एक किमी का सफर तय कर मुजलफा से मिना पहुंचना होता है।
10 जिलहिज : दोपहर में मिना से मक्का जाना होता है।
10 जिलहिज : शाम को फिर मक्का से मिना जाते हैं।
12 जिलहिज : शाम को मिना से आजमीन मक्का के लिए रवाना होते हैं।