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मैनेजर के जेल जाने से बैंक में ‘कैद’ केसीसी की फाइलें, खाद पानी के लिए भटक रहे किसान
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मुरादाबाद। किसान से रिश्वत लेने के आरोपी मैनेजर गिरीश चंद्र के जेल जाने के बाद से केसीसी की फाइलें बैंक में ही ‘कैद’ हो गईं हैं। वहीं अब तक किसी अन्य मैनेजर की शाखा में तैनाती नहीं हो सकी है।
फील्ड ऑफिसर को कार्यवाहक प्रभारी बनाया गया तो वो भी छुट्टी पर चले गए हैं। इस कारण क्षेत्र के 100 से ज्यादा किसान केसीसी के लिए भटक रहे हैं। किसानों का कहना है कि पैसे की कमी के कारण वह अपने खेतों में खड़ी फसलों को खाद पानी तक नहीं दे पा रहे हैं, जिसका असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा।
मूंढापांडे थानाक्षेत्र के वीरपुर बरियार उर्फ खड़ग निवासी किसान खैराती की शिकायत पर तीस नवंबर को सीबीआई गाजियाबाद की टीम ने तीस नवंबर को लालाटीकर स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में छापा मारा था। टीम ने यहां मैनेजर गिररीश चंद्र को आठ हजार रुपये और एक दलाल कयूम को 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
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दोनों पर आरोप है कि उन्होंने किसान से केसीसी बनवाने के नाम पर रिश्वत ली थी। टीम ने एक नवंबर को आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। विभाग की ओर से जांच के बाद मैनेजर पर निलंबित की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अलावा शाखा में तैनात फील्ड ऑफिसर सुमन कुमार को प्रभारी बना दिया गया था। दो सप्ताह बीतने के बाद भी केसीसी से संबंधित कार्य शुरू नहीं हो पाया है। किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन एक भी फाइल पास नहीं हो सकी है। किसान भटकने को मजबूर हैं। वह अपने खेतों को खाद पानी तक नहीं लगा पा रहे हैं। जिन फील्ड ऑफिसर को शाखा की जिम्मेदारी दी गई है वो भी छुट्टी लेकर चले गए हैं।
आरओ से पास होंगी फाइलें
मुरादाबाद। बैंक मैनेजर के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद से केसीसी के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब फाइलें शाखा से सत्यापन के बाद क्षेत्रीय कार्यालय भेजी जाएगीं। यहां क्षेत्रीय प्रबंधक फाइल पास करने का निर्णय लेंगे। अगर फाइल में कोई कमी होगी तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।
मेरे पास तीन बीघा जमीन है। मैंने किसान क्रेडिट कार्ड पर पचास हजार का लोन लेने के लिए आवेदन किया था। एक माह बीत गया है, लेकिन अभी तक मेरी फाइल पास नहीं हो पाई है। बैंक जाते हैं तो कोई सही जानकारी नहीं देता है।
- हमेंद्र सिंह, निवासी घौंडा
मेरे पास पांच बीघा जमीन है। लालाटीकर स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा से 70 हजार रुपये के सी सी सी बनवाने के लिए फाइल भरवाई थी। बैंक में सीबीआई छापा पड़ गया। प्रबंधक के न होने के कारण लोन स्वीकृत नहीं हो रहा है। गेहूं में पानी खाद डालने की जरूरत है।
- महीपाल किसान
00000
मैंने किसान क्रेडिट कार्ड पर 60 हजार रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया था। एक माह बीत गया है, लेकिन फाइल पास नहीं हो पाई है। खेत में खाद और पानी डालना है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।
- धर्मेंद्र सिंह
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शाखा में अभी तक मैनेजर की तैनाती नहीं हो पाई है। मैनेजर को ही फाइल पास करने का अधिकार होता है। जब तक मैनेजर की तैनाती नहीं होती है। तब सभी फाइल रीजनल ऑफिस भेजी जाएंगी। मैं भी अभी छूट्टी पर हूं। छुट्टी से वापस आने के बाद फाइलों को रीजनल ऑफिस भेजी जाएंगी।
सुमन कुमार, फील्ड ऑफिसर
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फील्ड ऑफिसर को कार्यवाहक प्रभारी बनाया गया तो वो भी छुट्टी पर चले गए हैं। इस कारण क्षेत्र के 100 से ज्यादा किसान केसीसी के लिए भटक रहे हैं। किसानों का कहना है कि पैसे की कमी के कारण वह अपने खेतों में खड़ी फसलों को खाद पानी तक नहीं दे पा रहे हैं, जिसका असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा।
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मूंढापांडे थानाक्षेत्र के वीरपुर बरियार उर्फ खड़ग निवासी किसान खैराती की शिकायत पर तीस नवंबर को सीबीआई गाजियाबाद की टीम ने तीस नवंबर को लालाटीकर स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में छापा मारा था। टीम ने यहां मैनेजर गिररीश चंद्र को आठ हजार रुपये और एक दलाल कयूम को 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
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दोनों पर आरोप है कि उन्होंने किसान से केसीसी बनवाने के नाम पर रिश्वत ली थी। टीम ने एक नवंबर को आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। विभाग की ओर से जांच के बाद मैनेजर पर निलंबित की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अलावा शाखा में तैनात फील्ड ऑफिसर सुमन कुमार को प्रभारी बना दिया गया था। दो सप्ताह बीतने के बाद भी केसीसी से संबंधित कार्य शुरू नहीं हो पाया है। किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन एक भी फाइल पास नहीं हो सकी है। किसान भटकने को मजबूर हैं। वह अपने खेतों को खाद पानी तक नहीं लगा पा रहे हैं। जिन फील्ड ऑफिसर को शाखा की जिम्मेदारी दी गई है वो भी छुट्टी लेकर चले गए हैं।
आरओ से पास होंगी फाइलें
मुरादाबाद। बैंक मैनेजर के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद से केसीसी के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब फाइलें शाखा से सत्यापन के बाद क्षेत्रीय कार्यालय भेजी जाएगीं। यहां क्षेत्रीय प्रबंधक फाइल पास करने का निर्णय लेंगे। अगर फाइल में कोई कमी होगी तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।
मेरे पास तीन बीघा जमीन है। मैंने किसान क्रेडिट कार्ड पर पचास हजार का लोन लेने के लिए आवेदन किया था। एक माह बीत गया है, लेकिन अभी तक मेरी फाइल पास नहीं हो पाई है। बैंक जाते हैं तो कोई सही जानकारी नहीं देता है।
- हमेंद्र सिंह, निवासी घौंडा
मेरे पास पांच बीघा जमीन है। लालाटीकर स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा से 70 हजार रुपये के सी सी सी बनवाने के लिए फाइल भरवाई थी। बैंक में सीबीआई छापा पड़ गया। प्रबंधक के न होने के कारण लोन स्वीकृत नहीं हो रहा है। गेहूं में पानी खाद डालने की जरूरत है।
- महीपाल किसान
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मैंने किसान क्रेडिट कार्ड पर 60 हजार रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया था। एक माह बीत गया है, लेकिन फाइल पास नहीं हो पाई है। खेत में खाद और पानी डालना है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।
- धर्मेंद्र सिंह
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शाखा में अभी तक मैनेजर की तैनाती नहीं हो पाई है। मैनेजर को ही फाइल पास करने का अधिकार होता है। जब तक मैनेजर की तैनाती नहीं होती है। तब सभी फाइल रीजनल ऑफिस भेजी जाएंगी। मैं भी अभी छूट्टी पर हूं। छुट्टी से वापस आने के बाद फाइलों को रीजनल ऑफिस भेजी जाएंगी।
सुमन कुमार, फील्ड ऑफिसर