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काली मंदिर के महंत ने ऐसा क्या कर डाला.. जूना अखाड़ा ने डेरा डाला
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Thu, 16 Mar 2017 02:05 AM IST
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Juna
- फोटो : amarujala
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लालबाग स्थित काली मंदिर में बुधवार को जूना अखाड़े के दो बडे़ महंत पहुंचे। जूना अखाड़ा के महंत यहां काली मंदिर के महंत की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जांच करने पहुंचे हैं।
रात को स्थानीय लोगों, मंदिर सेवा दल और जूना अखाड़ा के बड़े महंतों के बीच हुई बातचीत में लोगों ने काली मंदिर के महंत पर पर दान के पैसे गबन करने, गृहस्थ जीवन जीने समेत कई आरोप लगाए।
इस संबंध में मामले की जांच करने आए जूना अखाड़ा के पूर्व सभापति/ पीठाधीश्वर आशापुरा मातापीठ गुजरात गिरिजा दत्त गिरी महाराज और जूना अखाड़ा के तेरह मणि के अंतरराष्ट्रीय मंत्री महाराज नारायण गिरी ने कहा कि अभी महंत सज्जन गिरी भी नहीं हैं।
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इसलिए इस मामले में गुरुवार को बैठक कर समस्या का समाधान किया जाएगा। लोगों की शिकायत के बाद बुधवार को दोनों महाराज काली मंदिर पहुंचे। मंदिर के एक कक्ष में रात को सेवा दल और जूना अखाड़े के महंतों की काफी देर तक चर्चा हुई।
लोगों ने गिरिजा दत्त गिरी महाराज और महाराज नारायण गिरी को बताया कि अक्टूबर 2015 में मंदिर में महंत सज्जन गिरी महाराज को मंदिर का कार्यभार सौंपा गया था। लेकिन अपने शुरूआती दिनों से ही महंत विवादों में रहे हैं। सेवा दल के लोग इनसे खुश नहीं है।
महंत अपनी मनमर्जी चलाते हैं और डेढ़ साल में ही मंदिर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नवरात्र आने को हैं लेकिन महंत की लापरवाही से अभी तक मंदिर में कोई तैयारी नहीं हो पाई है। महंत सेवा दल के सदस्यों से बिना राय मशविरा के ही मंदिर में कहीं दीवार तुड़वा देते हैं तो कहीं नए निर्माण शुरू करा देते हैं।
ऐसे में मंदिर का स्वरूप ही बदलता जाता है। ऐसे में नवरात्र में मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को दिक्कत होगी। लोगों ने बताया कि महंत मंदिर से ज्यादा अपने गृहस्थ जीवन में अधिक व्यस्त रहते हैं। यही कारण है कि महंत सप्ताह में मात्र दो दिन ही मंदिर में बैठते हैं। लोगों ने बताया कि बुधवार को भी महंत सज्जन गिरी लखनऊ हैं।
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रात को स्थानीय लोगों, मंदिर सेवा दल और जूना अखाड़ा के बड़े महंतों के बीच हुई बातचीत में लोगों ने काली मंदिर के महंत पर पर दान के पैसे गबन करने, गृहस्थ जीवन जीने समेत कई आरोप लगाए।
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इस संबंध में मामले की जांच करने आए जूना अखाड़ा के पूर्व सभापति/ पीठाधीश्वर आशापुरा मातापीठ गुजरात गिरिजा दत्त गिरी महाराज और जूना अखाड़ा के तेरह मणि के अंतरराष्ट्रीय मंत्री महाराज नारायण गिरी ने कहा कि अभी महंत सज्जन गिरी भी नहीं हैं।
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इसलिए इस मामले में गुरुवार को बैठक कर समस्या का समाधान किया जाएगा। लोगों की शिकायत के बाद बुधवार को दोनों महाराज काली मंदिर पहुंचे। मंदिर के एक कक्ष में रात को सेवा दल और जूना अखाड़े के महंतों की काफी देर तक चर्चा हुई।
लोगों ने गिरिजा दत्त गिरी महाराज और महाराज नारायण गिरी को बताया कि अक्टूबर 2015 में मंदिर में महंत सज्जन गिरी महाराज को मंदिर का कार्यभार सौंपा गया था। लेकिन अपने शुरूआती दिनों से ही महंत विवादों में रहे हैं। सेवा दल के लोग इनसे खुश नहीं है।
महंत अपनी मनमर्जी चलाते हैं और डेढ़ साल में ही मंदिर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नवरात्र आने को हैं लेकिन महंत की लापरवाही से अभी तक मंदिर में कोई तैयारी नहीं हो पाई है। महंत सेवा दल के सदस्यों से बिना राय मशविरा के ही मंदिर में कहीं दीवार तुड़वा देते हैं तो कहीं नए निर्माण शुरू करा देते हैं।
ऐसे में मंदिर का स्वरूप ही बदलता जाता है। ऐसे में नवरात्र में मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को दिक्कत होगी। लोगों ने बताया कि महंत मंदिर से ज्यादा अपने गृहस्थ जीवन में अधिक व्यस्त रहते हैं। यही कारण है कि महंत सप्ताह में मात्र दो दिन ही मंदिर में बैठते हैं। लोगों ने बताया कि बुधवार को भी महंत सज्जन गिरी लखनऊ हैं।