जौहर यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने निकाला पैदल मार्च, प्रशासन की कार्रवाई का किया विरोध
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'डीएम और एसपी साहब हमारी किताबें वापस करो। हमसे पढ़ने का अधिकार मत छीनो', कुछ ऐसे ही स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ जौहर यूनिवर्सिटी के छात्र छात्राओं ने रामपुर में मंगलवार को पैदल मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की। सभी छात्र- छात्राएं रामपुर के अंबेडकर पार्क में इकट्ठे हुए थे और वहां से पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट तक गए थे।
इस बीच छात्र छात्राओं को देख पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। बड़ी तादाद में फोर्स पहुंच गई और छात्र छात्राओं को गेट पर ही रोक दिया गया। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से स्लोगन लिखे पोस्टर भी ले लिए। इसके बाद छात्र छात्राएं वापस चले गए।
छात्र-छात्राओं का कहना था कि पुलिस प्रशासन ने यूनिवर्सिटी में छापेमारी की थी, जिसके बाद पुलिस उनकी किताबें जब्त कर के ले आई। लाइब्रेरी में किताबें न होने की वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र-छात्राओं के कलेक्ट्रेट ऑफिस आने की खबर सुनते ही नगर मजिस्ट्रेट सर्वेश बहादुर गुप्ता फोर्स के साथ कलक्ट्रेट गेट पर गए और उनसे बात की।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को मदद करने का अश्वासन दिया और धारा 144 के बारे में बताया। मजिस्ट्रेट ने उनसे कहा कि आप लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। लिहाजा, अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। ऐसी हरकत न करें, जिससे शांति व्यवस्था बाधित हो। इसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से तख्त्तियां ले लीं और उन्हें वापस भेज दिया। इस दौरान बड़ी तादाद में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों के अभिभावकों को जारी किए नोटिस
प्रदर्शन के बाद नगर मजिस्ट्रेट ने उनके अभिभावकों को नोटिस जारी कर दिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि आगे ऐसा कोई भी काम उनके बच्चों द्वारा न किया जाए, जिससे शांति व्यवस्था बाधित हो। धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुुमति के किए गए इस कार्य को लेकर प्रशासन की ओर से नाराजगी जताई गई है।
नगर मजिस्ट्रेट ने सभी प्रदर्शनकारियों के अभिभावकों को चेतावनी नोटिस जारी कर दिया है। इस नोटिस में कहा गया है कि बच्चों का काम पढ़ाई करना है। धारा 144 लागू होने के बाद भी प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि वे अपने बच्चों को कानून का उल्लंघन करने से रोकें, ताकि उनके भविष्य को नुकसान न हो।