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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Income Tax: Notice issued to 1300 businessmen who have not deposited tax for two years

Income Tax Department: दो साल से टैक्स जमा नहीं करने वाले 1300 कारोबारियों को नोटिस जारी, 200 के खाते जब्त

Tue, 16 Jan 2024 04:49 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 16 Jan 2024 04:49 PM IST
सार

आयकर विभाग ने दो साल से टैक्स का भुगतान नहीं करने वालें कारोबारियों को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही दो से अधिक लोगों के बैंक खातों को जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में इन कारोबारियों की गड़बड़ी पकड़ी गई है। 

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Income Tax: Notice issued to 1300 businessmen who have not deposited tax for two years
आयकर विभाग - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

आयकर विभाग ने दो साल में आयकर का भुगतान नहीं करने वाले 1300 व्यापारियों को नोटिस जारी किया है। 15 दिनों में नोटिस का उचित जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। आयकर जांच में गड़बड़ी मिलने पर 200 व्यापारियों के बैंक खातों को विभाग ने जब्त कर लिया है।

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आयकर विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 में 50 लाख से अधिक बकाया करने वाले 231 कारोबारियों को चिह्नित किया गया था। आयकर समय से नहीं देने पर विभाग ने सभी कारोबारियों को नोटिस जारी कर दिया है। इसी प्रकार 2019-20 में 1085 लोगों ने आयकर का भुगतान नहीं किया।
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दोनों वर्ष में आयकर जमा नहीं करने वाले करीब 1300 व्यापारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें मुरादाबाद जिले के 330 व्यापारी शामिल हैं। आयकर अधिकारी नोटिस के जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जवाब नहीं देने पर आयकर विभाग ऐसे लोगों की संपत्ति का ब्योरा जुटाकर गंभीर कार्रवाई कर सकता है।

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200 लोगों की गड़बड़ी पकड़ी गई

आयकर अधिकारियों की जांच के दौरान करीब 200 कारोबारियों की गड़बड़ी पकड़ी गई है। पता चला कि इन लोगों ने 204 करोड़ रुपये की संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। डिमांड होने के बाद आयकर अधिकारियों ने सभी 200 व्यापारियों के बैंक खाते को जब्त कर दिए हैं। इन मामलों में आयकर अधिकारियों ने क्रय विक्रय के कागजात मांगे हैं। इसके बाद आयकर विभाग कारोबारियों के संस्थान की जांच शुरू करेगा।


ईमानदारी के साथ लोगों को आयकर जमा करना चाहिए। नोटिस का जवाब नहीं देने पर विभाग संबंधित व्यक्तियों की गहराई से जांच करेगा। - नीलम शर्मा संयुक्त आयुक्त आयकर विभाग मुरादाबाद

आठ सालों से अपीलें लंबित

आयकर के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद सिंघल ने बताया कि डिमांड क्रिएट होने पर लोग 10 से 20 प्रतिशत जमा कर अपील में जाते हैं। आठ सालों से अपील की फाइलें लटकी पड़ी हैं। उनका निस्तारण नहीं हो सका है। केंद्र सरकार ने सिस्टम को फेसलेस बनाया है। उसमें अपील का सेटअप नहीं बनाया है।

दूसरी कमी यह है कि अब विभाग की तरफ से ऑनलाइन नोटिस जारी किया जा रहा है, जो ऑनलाइन नहीं है। उनको नोटिस का पता नहीं चलेगा। इस कारण फिजिकल नोटिस तामील कराने के लिए भेजा जाना चाहिए। सरकार का मंतब्य पैसा वसूल करने के लिए होना चाहिए, ब्याज वसूलने के लिए नहीं।



कुछ इस प्रकार की शिकायतें उनके पास आई हैं। धरातल पर इसको समझना जरूरी है। सरकार और जनता के बीच सीधा संपर्क नहीं होने के कारण आयकर वसूली की प्रक्रिया बाधित हो गई है। वसूली तत्काल संपर्क कर किया जाना चाहिए। ब्याज का बोझ बढ़ने पर कोई भी परेशान हो जाता है।

 

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