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बीच से पढ़ाई छोड़ी तो टीचर पहुंच जाएंगे घर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 03:03 AM IST
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शिक्षा
- फोटो : dummy picture
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प्रदेश में ट्रांजेक्शन फ्री स्कीम शुरू कर दी गई है। इसके तहत परिषदीय स्कूलों से आठवीं पास करके निकलने वाले बच्चों को हर हाल में नवीं कक्षा में एडमिशन दिलाया जाएगा। योजना पूरे प्रदेश में लागू है, लेकिन इसके लिए पहले चरण में आदर्श स्थिति बनाने के लिए पांच जिलों को चयनित किया गया है।
इस स्कीम में आठवीं पास करने वाले बच्चों का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। इन पांच जिलों में मुरादाबाद मंडल का रामपुर भी शामिल है। आठवीं के बाद भी बच्चों की पढ़ाई जारी रख वे उच्च शिक्षा हासिल करें इसके लिए ट्रांजेक्शन फ्री स्कीम शुरू की गई है।
इसके तहत परिषदीय स्कूलों से पढ़ने वाले बच्चों को आठवीं पास करने के बाद माध्यमिक विद्यालयो में नवीं कक्षा में एडमिशन दिलाने की जिम्मेदारी अब सरकार की होगी। इसके लिए सभी जिलों में एडमिशन कराने की मुहिम शुरू कर दी गई है। लेकिन पांच जिलों को आदर्श बनाने के लिए चयनित किया गया है।
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इसमें रामपुर, बदायूं, बलरामपुर, श्रावस्ती और अंबेडकरनगर शामिल हैं। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक भगवत पटेल ने बताया कि योजना को सफल बनाने के लिए बीएसए, बीईओ , बीआरसी, एनपीआरसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसमें 2016 में आठवीं पास करने वाले शत प्रतिशत बच्चों को एडमिशन दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। पांच अगस्त तक प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजनी है। अगर कोई बच्चा बीच से पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे और उसके परिजनों को समझाया जाएगा।
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इस स्कीम में आठवीं पास करने वाले बच्चों का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। इन पांच जिलों में मुरादाबाद मंडल का रामपुर भी शामिल है। आठवीं के बाद भी बच्चों की पढ़ाई जारी रख वे उच्च शिक्षा हासिल करें इसके लिए ट्रांजेक्शन फ्री स्कीम शुरू की गई है।
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इसके तहत परिषदीय स्कूलों से पढ़ने वाले बच्चों को आठवीं पास करने के बाद माध्यमिक विद्यालयो में नवीं कक्षा में एडमिशन दिलाने की जिम्मेदारी अब सरकार की होगी। इसके लिए सभी जिलों में एडमिशन कराने की मुहिम शुरू कर दी गई है। लेकिन पांच जिलों को आदर्श बनाने के लिए चयनित किया गया है।
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इसमें रामपुर, बदायूं, बलरामपुर, श्रावस्ती और अंबेडकरनगर शामिल हैं। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक भगवत पटेल ने बताया कि योजना को सफल बनाने के लिए बीएसए, बीईओ , बीआरसी, एनपीआरसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसमें 2016 में आठवीं पास करने वाले शत प्रतिशत बच्चों को एडमिशन दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। पांच अगस्त तक प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजनी है। अगर कोई बच्चा बीच से पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे और उसके परिजनों को समझाया जाएगा।