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बसपा किस मुंह से लड़ेगी 2017 का इलेक्शन: आजम
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:09 AM IST
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आजम खान
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बिलारी सीट पर हो रहे उपचुनाव में सपा प्रत्याशी का नामांकन कराने पहुंचे कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा कि बसपा 2017 का इलेक्शन भी लड़ने की स्थिति में नहीं है। किस मुंह से चुनाव लड़ेगी। अवाम जानती है कि बसपा केवल भाजपा की सरकार बनवाने के लिए ही इलेक्शन लड़ेगी।
बृहस्पतिवार को अंबेडकर पार्क में सपाइयों की सभा को संबोधित करते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि आने वाले 2017 के इलेक्शन का माहौल सूबे में बनने लगा है। भाजपा तो इस चुनाव में कहीं नजर भी नहीं आएगी। बस जनता को सूझबूझ का परिचय देना होगा।
अगर अवाम से कोई सियासी गलती हो गई और सपा की सरकार नहीं बनी तो भाजपा की मिलीजुली सरकार बन जाएगी। यह जनता के लिए बेहद खतरनाक होगा। यूं मानिए कि बंटवारे की सियासत करने वालों के दोनों हाथों में तलवार होगी।
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उन्होंने पब्लिक से सवाल पूछने के अंदाज में कहा कि क्या आप सपा से सिर्फ इसलिए नाराज होंगे कि सपा का एजेंडा नफरत नहीं है। गुजरात और मुजफ्फरनगर में दंगे कराने वालों की सपा ने मुखालफत की है। आज भाजपा नफरत की राजनीति कर रही है।
कलेक्ट्रेट में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जब बसपा की सरकार थी तब जनता ने खून के आंसू रोए थे। उस सरकार ने यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलवा दिया था। उन्होंने कहा कि मरहूम विधायक ने क्षेत्र के विकास में कसर नहीं छोड़ी थी। वक्त आ गया है मरहूम की मोहब्बत का कर्ज अदा करें।
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बृहस्पतिवार को अंबेडकर पार्क में सपाइयों की सभा को संबोधित करते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि आने वाले 2017 के इलेक्शन का माहौल सूबे में बनने लगा है। भाजपा तो इस चुनाव में कहीं नजर भी नहीं आएगी। बस जनता को सूझबूझ का परिचय देना होगा।
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अगर अवाम से कोई सियासी गलती हो गई और सपा की सरकार नहीं बनी तो भाजपा की मिलीजुली सरकार बन जाएगी। यह जनता के लिए बेहद खतरनाक होगा। यूं मानिए कि बंटवारे की सियासत करने वालों के दोनों हाथों में तलवार होगी।
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उन्होंने पब्लिक से सवाल पूछने के अंदाज में कहा कि क्या आप सपा से सिर्फ इसलिए नाराज होंगे कि सपा का एजेंडा नफरत नहीं है। गुजरात और मुजफ्फरनगर में दंगे कराने वालों की सपा ने मुखालफत की है। आज भाजपा नफरत की राजनीति कर रही है।
कलेक्ट्रेट में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जब बसपा की सरकार थी तब जनता ने खून के आंसू रोए थे। उस सरकार ने यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलवा दिया था। उन्होंने कहा कि मरहूम विधायक ने क्षेत्र के विकास में कसर नहीं छोड़ी थी। वक्त आ गया है मरहूम की मोहब्बत का कर्ज अदा करें।