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मामला ना तो मंदिर का है और ना ही रामचंद्र जी का, मुद्दा चुनाव का है: आजम खां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
Updated Thu, 22 Nov 2018 03:13 AM IST
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आजम खां
- फोटो : amar ujala
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पूर्व मंत्री आजम खां ने संसद में कानून बनाकर राम मंदिर मामले का हल निकालने के सवाल पर कहा है कि जब तक यह मामला अदालत में है, कोई कानून नहीं बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह मामला ना तो मंदिर का है और ना ही रामचंद्र जी का। यह मामला चुनाव का है।
राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद की अयोध्या में धर्मसभा के कार्यक्रम और लाखों राम भक्तों के जुटने के सवाल पर आजम खां ने कहा कि बस मुसलमानों के खून से न बनाएं, बाकी जैसा चाहें करें।
हम तो कानून को मानेंगे, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानेंगे। हमने पहले भी उन्हें कभी नहीं रोका। दिल्ली में साधु-संतों के साथ कई लाख लोग जमा होने पर आजम खां ने कहा कि पिछले दिनों एक बात आई थी कि अब संघर्ष नहीं संग्राम होगा।
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तब भी हमने कहा था कि मुसलमानों का नाम हटा दिया जाए इस संग्राम से। मुसलमान 6 दिसंबर के संग्राम में भी शामिल नहीं थे । कानून की बात आपने नहीं मानी । कौन अदालत, कौन कानून आपको रोक सकता है।
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राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद की अयोध्या में धर्मसभा के कार्यक्रम और लाखों राम भक्तों के जुटने के सवाल पर आजम खां ने कहा कि बस मुसलमानों के खून से न बनाएं, बाकी जैसा चाहें करें।
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हम तो कानून को मानेंगे, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानेंगे। हमने पहले भी उन्हें कभी नहीं रोका। दिल्ली में साधु-संतों के साथ कई लाख लोग जमा होने पर आजम खां ने कहा कि पिछले दिनों एक बात आई थी कि अब संघर्ष नहीं संग्राम होगा।
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तब भी हमने कहा था कि मुसलमानों का नाम हटा दिया जाए इस संग्राम से। मुसलमान 6 दिसंबर के संग्राम में भी शामिल नहीं थे । कानून की बात आपने नहीं मानी । कौन अदालत, कौन कानून आपको रोक सकता है।
सरकार आपकी है और आने वाली सरकारें भी आपकी होंगी। खुला मैदान है जो चाहे करिए। अगर बिना किसी वजह जमा हो रहे हैं कि मुसलमानों के खून से राम मंदिर का गारा बनाएंगे तो बुरी बात है।
आप दिल्ली में क्यों जमा हो रहे हैं, अयोध्या में क्यों नहीं जमा होते । वहां राम मंदिर बन रहा हैं और वहां राम मंदिर एक नहीं अनेक हैं सब यही कहते हैं कि राम यहां जन्मे हैं हर जगह भव्य मंदिर बनाएं। हम आप से यह कहते हैं लेकिन अयोध्या में करे दिल्ली में नहीं और अगर दिल्ली में आप यह कर रहे हैं तो यह राजनीतिक नौटंकी है।
आप दिल्ली में क्यों जमा हो रहे हैं, अयोध्या में क्यों नहीं जमा होते । वहां राम मंदिर बन रहा हैं और वहां राम मंदिर एक नहीं अनेक हैं सब यही कहते हैं कि राम यहां जन्मे हैं हर जगह भव्य मंदिर बनाएं। हम आप से यह कहते हैं लेकिन अयोध्या में करे दिल्ली में नहीं और अगर दिल्ली में आप यह कर रहे हैं तो यह राजनीतिक नौटंकी है।