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अमर उजाला एक्सक्लूसिव - पहले टैक्स चुकाया, बाद में रिफंड से चुराया
तरुण पाराशर / मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2016 03:54 AM IST
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आयकर विभाग
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छोटे-छोटे लाभ के लिए लोग बड़ा ‘रिस्क’ उठाने से बाज नहीं आते। आयकर विभाग ने भी ऐसे ही फर्जीवाड़ा करने वाले वालों को पकड़ा है। आयकर कटौती के बाद आय कम दिखाकर इनकम टैक्स विभाग से रिफंड ले लिया। मामला पकड़ में आने के बाद जांच कराई गई। जिसमें बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा कर रिफंड लेने वाले लोग पकड़ में आए हैं।
अब तक सौ मामले पकड़े गए और 200 से ज्यादा लोग आयकर अधिकारियों के संदेह के घेरे में हैं। आयकर विभाग ने वेतन से आयकर की कटौती के बाद रिटर्न फाइल करते समय कम आय दिखाकर रिफंड कराने का फर्जीवाड़ा पकड़ा है। फर्जीवाड़ा करने में रेलवे कर्मचारी और शिक्षक शामिल हैं।
अभी तक की जांच में इस प्रकार सौ से अधिक मामले पकड़ में आए हैं। जिसमें अकेले रेलवे के 50 से अधिक मामले हैं। इन सभी ने मिलकर आयकर विभाग से लाखों रुपये का रिफंड वापस लिया। इस मामले में इनका सहयोग इनके आर्थिक सलाहकारों ने किया। रिफंड से मिलने वाले रुपये के लालच में फंसकर इन सभी ने रिफंड में फर्जीवाड़ा कर डाला।
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एक शिकायत पर इस प्रकरण की जांच की गई तो एक एक करके मामले खुलने लगे। मामला बढ़ते देख सभी रीजन के आयकर अधिकारियों को जांच में लगाया गया। इस मामले में सबसे अधिक फर्जीवाड़ा करने में रेलवे कर्मचारियों के साथ ही शिक्षक निकले। इन सभी रिटर्न में आय कम करके दिखाई।
इसके साथ ही इनकम टैक्स फ्री बचत भी बढ़ाकर दिखाई थी। जिससे इन्होंने आयकर में जमा कराई गई राशि का 90 प्रतिशत तक रिफंड ले लिया। पकड़े गए आयकर दाताओं से रिफंड भी जमा करा लिया है और मोटी पेनाल्टी भी लगाई है।
अपना नाम न छापने की शर्त पर आयकर अधिकारी ने बताया कि अभी जांच चल रही है जिसमें 200 से अधिक लोग संदेह के दायरे में हैं। अभी तक करीब 22 लाख रुपये का रिफंड पेनाल्टी के साथ वापस जमा करा लिया गया है।
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अब तक सौ मामले पकड़े गए और 200 से ज्यादा लोग आयकर अधिकारियों के संदेह के घेरे में हैं। आयकर विभाग ने वेतन से आयकर की कटौती के बाद रिटर्न फाइल करते समय कम आय दिखाकर रिफंड कराने का फर्जीवाड़ा पकड़ा है। फर्जीवाड़ा करने में रेलवे कर्मचारी और शिक्षक शामिल हैं।
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अभी तक की जांच में इस प्रकार सौ से अधिक मामले पकड़ में आए हैं। जिसमें अकेले रेलवे के 50 से अधिक मामले हैं। इन सभी ने मिलकर आयकर विभाग से लाखों रुपये का रिफंड वापस लिया। इस मामले में इनका सहयोग इनके आर्थिक सलाहकारों ने किया। रिफंड से मिलने वाले रुपये के लालच में फंसकर इन सभी ने रिफंड में फर्जीवाड़ा कर डाला।
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एक शिकायत पर इस प्रकरण की जांच की गई तो एक एक करके मामले खुलने लगे। मामला बढ़ते देख सभी रीजन के आयकर अधिकारियों को जांच में लगाया गया। इस मामले में सबसे अधिक फर्जीवाड़ा करने में रेलवे कर्मचारियों के साथ ही शिक्षक निकले। इन सभी रिटर्न में आय कम करके दिखाई।
इसके साथ ही इनकम टैक्स फ्री बचत भी बढ़ाकर दिखाई थी। जिससे इन्होंने आयकर में जमा कराई गई राशि का 90 प्रतिशत तक रिफंड ले लिया। पकड़े गए आयकर दाताओं से रिफंड भी जमा करा लिया है और मोटी पेनाल्टी भी लगाई है।
अपना नाम न छापने की शर्त पर आयकर अधिकारी ने बताया कि अभी जांच चल रही है जिसमें 200 से अधिक लोग संदेह के दायरे में हैं। अभी तक करीब 22 लाख रुपये का रिफंड पेनाल्टी के साथ वापस जमा करा लिया गया है।