{"_id":"5747ec1f4f1c1b2f2d692927","slug":"farmers-demonstrated-at-collectorate","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकाया गन्ना भुगतान और बिजली की समस्या पर गरजे किसान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकाया गन्ना भुगतान और बिजली की समस्या पर गरजे किसान
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 27 May 2016 12:12 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कई घंटे तक कलेक्ट्रेट किसानों की गिरफ्त में रहीं। बाद में महापौर के निधन की सूचना मिलने पर उन्हें श्रद्धांजलि देकर धरना समाप्त कर दिया गया। गुरुवार को किसान अंबेडकर पार्क में इकट्ठा हुए। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा ने की। उन्होंने कहा कि मिल संचालक किसानों का पैसा दबाए हुए हैं। अब आर पार की लड़ाई होगी।
किसानों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके बाद सभी अंबेडकर पार्क से किसान जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। किसानों को आता देख कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया। पहले तो किसान गेट पर ही नारेबाजी करते हुए उसे खुलवाने की मांग करने लगे। जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो उन्होंने गेट पर धक्का लगाना शुरू कर दिया। कुछ किसान गेट पर चढ़ गए। काफी मशक्कत के बाद कलेक्ट्रेेट का गेट खुलवाया।
इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। वहीं सभा शुरू हो गई। वक्ताओं ने अपने विचार रखे। किसानों से मिलने के लिए केवल उप गन्ना आयुक्त ही पहुंचे। जिसको लेकर किसान भड़क उठे और कार्यालय में तालाबंद करने लगे। इसके बाद एडीएम सिटी और किसानों से वार्ता की। इसके बाद सभी मिलों के जीएम के साथ ही विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड, नगर विभाग, एनएचआई विभाग के गन्ना विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
आश्वासन दिया गया कि राणा शुगर मिल किसानों को दस करोड़ का भुगतान तीस मई एवं बकाया भुगतान तीस जून तक करेगा। दीवान शुगर मिल छह करोड़ 29 मई और दस करोड़ दस जून, दस करोड़ी की दूसरी किस्त बीस जून और शेष भुगतान तीस जून तक करेगा। बिलारी मिल तीन करोड़ रुपये तीस मई, तीन करोड़ जून के पहलेे सप्ताह, चार करोड़ दूसरे सप्ताह के साथ बाकी का भुगतान जुलाई अंतिम सप्ताह तक करेगी। नहरों में पानी सुचारु करने का वादा किया।
किसानों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके बाद सभी अंबेडकर पार्क से किसान जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। किसानों को आता देख कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया। पहले तो किसान गेट पर ही नारेबाजी करते हुए उसे खुलवाने की मांग करने लगे। जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो उन्होंने गेट पर धक्का लगाना शुरू कर दिया। कुछ किसान गेट पर चढ़ गए। काफी मशक्कत के बाद कलेक्ट्रेेट का गेट खुलवाया।
विज्ञापन
इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। वहीं सभा शुरू हो गई। वक्ताओं ने अपने विचार रखे। किसानों से मिलने के लिए केवल उप गन्ना आयुक्त ही पहुंचे। जिसको लेकर किसान भड़क उठे और कार्यालय में तालाबंद करने लगे। इसके बाद एडीएम सिटी और किसानों से वार्ता की। इसके बाद सभी मिलों के जीएम के साथ ही विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड, नगर विभाग, एनएचआई विभाग के गन्ना विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन
आश्वासन दिया गया कि राणा शुगर मिल किसानों को दस करोड़ का भुगतान तीस मई एवं बकाया भुगतान तीस जून तक करेगा। दीवान शुगर मिल छह करोड़ 29 मई और दस करोड़ दस जून, दस करोड़ी की दूसरी किस्त बीस जून और शेष भुगतान तीस जून तक करेगा। बिलारी मिल तीन करोड़ रुपये तीस मई, तीन करोड़ जून के पहलेे सप्ताह, चार करोड़ दूसरे सप्ताह के साथ बाकी का भुगतान जुलाई अंतिम सप्ताह तक करेगी। नहरों में पानी सुचारु करने का वादा किया।