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बुलडोजर चला कर प्रशासन से गरूद्वारे के पास से हटाये बीस से ज्यादा दलित परिवार
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पाकबड़ा। दिल्ली रोड पर मझोला थाना के निकट स्थित गुरुद्वारे के निकट करीब 18 बीघा भूमि पर निर्माण कर रह रहे कई लोगों के भवन पर तहसील प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। यहां रहने वाले लोगों ने संबंधित भूमि को अपनी बताते हुए प्रशासन पर बिना नोटिस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आरोप लगाया है।
गुरुद्वारे के निकट स्थित भूमि पर पिछले कई सालों से कुछ लोग भवन आदि बनाकर वहां रह रहे थे। एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी की अगुवाई में तहसील प्रशासन की एक टीम बृहस्पतिवार को बुलडोजर के साथ वहां पहुंची और वहां किए गए कई पक्के मकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान वहां रहने वाले परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। वहां रहने वाले नानक सिंह, परमजीत सिंह, गुरवचन सिंह, गुरमीत सिंह, गुरविंर सिंह, जसवीर सिंह, गुरुनाम सिंह, मेहर सिंह, रंजीत सिंह, बलजीत सिंह, अल्का कौर आदि ने बताया की वह लोग कई सालों से यहां रह रहे हैं। मामला कोर्ट में चल रहा है। इसके बाद भी प्रशासन ने उन लोगों को बिना किसी सूचना व नोटिस के घर से बेघर कर दिया। इन परिवारों का कहना है कि अब उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई है। इन लोगों ने अपने को अनुसूचित जाति का होने का आरोप लगाते हुए तहसील प्रशासन पर बेजा उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। इन परिवारों का कहना था कि प्रशासन ने उन्हें घर के अंदर से सामान भी बाहर नहीं निकालने दिया। इन लोगों का कहना था कि वह लोग गुरुद्वारे को संचालित करते हैं।
इस संबंध में एसडीएम प्रशांत तिवारी ने बताया की करीब 18 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर कुछ लोगों ने घर बना लिए थे। जबकि उन लोगों के पास पड़ोस के ग्राम में खुद की जमीन है। इन लोगों से लगातार संबंधित भूमि को खाली करने का अनुरोध किया जा चुका है। इससे पहले भी टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इन लोगों ने एक दिन की मोहलत मांगी थी वह दी गई थी। हाईकोर्ट भी अतिक्रमणकारी गए थे। लेकिन उन्हें किसी तरह की कोई राहत नहीं मिल सकी।
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गुरुद्वारे के निकट स्थित भूमि पर पिछले कई सालों से कुछ लोग भवन आदि बनाकर वहां रह रहे थे। एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी की अगुवाई में तहसील प्रशासन की एक टीम बृहस्पतिवार को बुलडोजर के साथ वहां पहुंची और वहां किए गए कई पक्के मकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान वहां रहने वाले परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। वहां रहने वाले नानक सिंह, परमजीत सिंह, गुरवचन सिंह, गुरमीत सिंह, गुरविंर सिंह, जसवीर सिंह, गुरुनाम सिंह, मेहर सिंह, रंजीत सिंह, बलजीत सिंह, अल्का कौर आदि ने बताया की वह लोग कई सालों से यहां रह रहे हैं। मामला कोर्ट में चल रहा है। इसके बाद भी प्रशासन ने उन लोगों को बिना किसी सूचना व नोटिस के घर से बेघर कर दिया। इन परिवारों का कहना है कि अब उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई है। इन लोगों ने अपने को अनुसूचित जाति का होने का आरोप लगाते हुए तहसील प्रशासन पर बेजा उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। इन परिवारों का कहना था कि प्रशासन ने उन्हें घर के अंदर से सामान भी बाहर नहीं निकालने दिया। इन लोगों का कहना था कि वह लोग गुरुद्वारे को संचालित करते हैं।
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इस संबंध में एसडीएम प्रशांत तिवारी ने बताया की करीब 18 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर कुछ लोगों ने घर बना लिए थे। जबकि उन लोगों के पास पड़ोस के ग्राम में खुद की जमीन है। इन लोगों से लगातार संबंधित भूमि को खाली करने का अनुरोध किया जा चुका है। इससे पहले भी टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इन लोगों ने एक दिन की मोहलत मांगी थी वह दी गई थी। हाईकोर्ट भी अतिक्रमणकारी गए थे। लेकिन उन्हें किसी तरह की कोई राहत नहीं मिल सकी।
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