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आठ घंटे के जाम से निकले 28 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Wed, 03 Feb 2016 06:48 PM IST
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दिल्ली-लखनऊ हाईवे और हरिद्वार मार्ग पर लगे जाम का असर दिखने लगा है। मुरादाबाद मंडल की चीनी मिलों ने मंगलवार को 28 करोड़ का पेमेंट कर दिया है। इसमें 21 करोड़ रुपया मौजूदा पेराई सत्र का है जबकि सात करोड़ पिछले साल का है। वहीं 10 चीनी मिलों ने पंद्रह दिन के भीतर किए जाने वाले पेमेंट का कलेंडर जारी कर दिया है।
मंडल में 21 चीनी मिलों द्वारा गन्ने की खरीद की जा रही है।
शुगर लॉबी ने करोड़ों रुपया किसानों का दबा रखा है। मौजूदा पेराई सत्र का तो पेमेंट फंसा ही है पिछले साल का भुगतान भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इन समस्याओं को लेकर ही किसानों ने सोमवार को दिल्ली-लखनऊ हाईवे और हरिद्वार मार्ग जाम किया था। दोपहर को 1 बजे से शाम 8 बजे तक ट्रैफिक रोका गया।
पूरा दिन हल्ला मचा रहा। इस आंदोलन का असर अब दिखने लगा है। मंगलवार को मंडल की बरकातपुर, गजरौला, असमौली और रजपुरा चीनी मिल ने मौजूदा पेराई सत्र का 21 करोड़ रुपया पेमेंट दे दिया है। जबकि बेलवाड़ा और करीमगंज चीनी मिल ने पिछले पेराई सत्र का सात करोड़ रुपया दे दिया है।
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उपगन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि पेमेंट के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। वह खुद हर रोज मिल मालिकों से इस संबंध में बात कर रहे हैं। जिन चीनी मिलों द्वारा पेमेंट नहीं किया जाएगा उनकी आरसी भी जारी की जाएगी। दस चीनी मिलों ने पेमेंट के लिए कलेंडर जारी कर दिया है। कब तक कितना भुगतान किया जाएगा इसकी रिपोर्ट गन्ना विभाग को दे दी है।
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मंडल में 21 चीनी मिलों द्वारा गन्ने की खरीद की जा रही है।
शुगर लॉबी ने करोड़ों रुपया किसानों का दबा रखा है। मौजूदा पेराई सत्र का तो पेमेंट फंसा ही है पिछले साल का भुगतान भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इन समस्याओं को लेकर ही किसानों ने सोमवार को दिल्ली-लखनऊ हाईवे और हरिद्वार मार्ग जाम किया था। दोपहर को 1 बजे से शाम 8 बजे तक ट्रैफिक रोका गया।
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पूरा दिन हल्ला मचा रहा। इस आंदोलन का असर अब दिखने लगा है। मंगलवार को मंडल की बरकातपुर, गजरौला, असमौली और रजपुरा चीनी मिल ने मौजूदा पेराई सत्र का 21 करोड़ रुपया पेमेंट दे दिया है। जबकि बेलवाड़ा और करीमगंज चीनी मिल ने पिछले पेराई सत्र का सात करोड़ रुपया दे दिया है।
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उपगन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि पेमेंट के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। वह खुद हर रोज मिल मालिकों से इस संबंध में बात कर रहे हैं। जिन चीनी मिलों द्वारा पेमेंट नहीं किया जाएगा उनकी आरसी भी जारी की जाएगी। दस चीनी मिलों ने पेमेंट के लिए कलेंडर जारी कर दिया है। कब तक कितना भुगतान किया जाएगा इसकी रिपोर्ट गन्ना विभाग को दे दी है।