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रवि का ही निकला एवरेस्ट की बालकनी पर मिला शव
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 29 May 2017 02:22 AM IST
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पर्वतारोही रवि कुमार (फाइल फोटो)
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सर्च ऑपरेशन टीम को माउंट एवरेस्ट की बालकनी के पास मिला शव पर्वतारोही रवि का ही निकला। रविवार सुबह रवि के बड़े भाई मनोज कुमार ने काठमांडू पहुंचकर शव की पहचान कर ली है। रवि के शव के पास उसका बैग, मोबाइल और अन्य सामान भी मिल गया है।
पोस्टमार्टम के बाद आज (सोमवार) रवि के शव को एअर एंबुलेंस द्वारा भारत लाया जाएगा। सर्च ऑपरेशन टीम को इसी स्थान पर एक और शव मिला है। जो पश्चिम बंगाल के युवक घोष का बताया जा रहा है। घोष के साथ भी एक साल पहले इसी तरह का हादसा हुआ था।
मुरादाबाद के भोला सिंह की मिलक निवासी हरकेश सिंह के बेटे रवि कुमार ने छह अप्रैल को माउंट एवरेस्ट के लिए चढ़ाई शुरू की थी। 20 मई को रवि ने माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा लहरा दिया था। वहां से लौटते समय वे अपने शेरपा से बिछड़कर लापता हो गए थे।
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नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से जिला प्रशासन को रवि कुमार के गायब होने की जानकारी दी गई थी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद पर्वतारोही रवि की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। दो दिन पहले सर्च ऑपरेशन टीम को माउंट एवरेस्ट की बालकनी पर रवि कुमार का शव मिल गया था।
मौसम खराब होने की वजह से शव नीचे नहीं उतारा जा सका था। रविवार को शव एवरेस्ट से काठमांडू लाया गया। काठमांडू पहुंचे रवि के भाई ने शव देखकर मृतक की पहचान रवि कुमार के रूप में कर ली है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव एयर एंबुलेंस द्वारा भारत लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि रवि के शव के पास एक और शव मिला है।
जो वेस्ट बंगाल के घोष नाम के पर्वतारोही का बताया जा रहा है। घोष एक साल पहले रवि की तरह की हादसे का शिकार हो गए थे। उनकी लाश तब से वहीं पड़ी थी। रविवार को खबर मिलने के बाद रवि के घर और गांव में मातम छा गया।
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पोस्टमार्टम के बाद आज (सोमवार) रवि के शव को एअर एंबुलेंस द्वारा भारत लाया जाएगा। सर्च ऑपरेशन टीम को इसी स्थान पर एक और शव मिला है। जो पश्चिम बंगाल के युवक घोष का बताया जा रहा है। घोष के साथ भी एक साल पहले इसी तरह का हादसा हुआ था।
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मुरादाबाद के भोला सिंह की मिलक निवासी हरकेश सिंह के बेटे रवि कुमार ने छह अप्रैल को माउंट एवरेस्ट के लिए चढ़ाई शुरू की थी। 20 मई को रवि ने माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा लहरा दिया था। वहां से लौटते समय वे अपने शेरपा से बिछड़कर लापता हो गए थे।
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नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से जिला प्रशासन को रवि कुमार के गायब होने की जानकारी दी गई थी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद पर्वतारोही रवि की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। दो दिन पहले सर्च ऑपरेशन टीम को माउंट एवरेस्ट की बालकनी पर रवि कुमार का शव मिल गया था।
मौसम खराब होने की वजह से शव नीचे नहीं उतारा जा सका था। रविवार को शव एवरेस्ट से काठमांडू लाया गया। काठमांडू पहुंचे रवि के भाई ने शव देखकर मृतक की पहचान रवि कुमार के रूप में कर ली है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव एयर एंबुलेंस द्वारा भारत लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि रवि के शव के पास एक और शव मिला है।
जो वेस्ट बंगाल के घोष नाम के पर्वतारोही का बताया जा रहा है। घोष एक साल पहले रवि की तरह की हादसे का शिकार हो गए थे। उनकी लाश तब से वहीं पड़ी थी। रविवार को खबर मिलने के बाद रवि के घर और गांव में मातम छा गया।