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विवादित जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए पुलिस की बर्बरता
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 26 Feb 2017 02:43 AM IST
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जमीन
- फोटो : अमर उजाला
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दान सहाय की मिलक में शनिवार को विवादित जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए थाना मझोला पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आया। कब्जे का विरोध कर रही एक पक्ष की महिला को पुलिसकर्मियों ने जमकर पीटा, उसे बाल पकड़ कर घसीटा।
पुलिसकर्मियों ने यह समझने की जहमत भी नहीं उठाई कि महिला क्यों विरोध कर रही है। विवादित जमीन पर कब्जा कर निर्माण करा रहे लोग अपने पक्ष में बैनामा होने का दावा कर रहे हैं तो दूसरा पक्ष बैनामे को फर्जी बता रहा है। इस दौरान वहां कई घंटे तक हंगामे का माहौल रहा। दूसरी ओर पुलिस ने महिला पक्ष के खिलाफ केस भी दर्ज कर दिया।
मझोला थाना क्षेत्र के दान सहाय की मिलक में अशोक कुमार और अनुज उर्फ पिंटू पुत्र महेंद्र सिंह के परिवार रहते हैं। दोनों के आपस में पारिवारिक संबंध बताए जाते हैं। इसी क्षेत्र में करीब पांच बीघा जमीन है, जो अशोक कुमार और अनुज की मां सरोज देवी के नाम है। इस जमीन के एक हिस्से में आम का बाग भी है।
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शनिवार को लाइनपार निवासी अधिवक्ता योगेंद्र धारीवाल और उनकी पत्नी रू बी धारीवाल दान सहाय की मिलक में पहुंच गए। उन्होंने जमीन पर निर्माण शुरू करा दिया। इसकी जानकारी जब सरोज देवी को हुई तो वह अपने बेटे अनुज उर्फ पिंटू, बेटी गुड्डी उर्फ सोनिया, नरेश पुत्र भगवान दास के साथ मौके पर पहुंच गईं।
इन लोगों ने जमीन पर निर्माण का विरोध किया। सरोज देवी का कहना था कि इस जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है, तो कोर्ट का फैसला आने से पहले निर्माण कैसे हो सकता है, जबकि दूसरे पक्ष के अधिवक्ता योगेंद्र धारीवाल ने कहा कि अशोक ने अपने हिस्से की जमीन के 220 गज के प्लाट का उनकी पत्नी रूबी धारीवाल के नाम बैनामा किया है।
इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर में वहां जमीन पर कब्जा करने के लिए कुछ लोग लाठियां लेकर आ गए और महिलाओं पर हमलावर हो गए। सरोज देवी और सोनिया ने अपना बचाव किया और ईंट उठाकर हमलावरों को डराने की कोशिश की।
महिलाओं को हावी होता देख कब्जा कर रहे लोगों ने इसकी जानकारी खुशहालपुर पुलिस चौकी और मझोला थाने को दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। सोनिया ने पुलिसकर्मियों को बताया कि जमीन विवादित है इसलिए इस पर निर्माण नहीं कराया जा सकता, लेकिन पुलिसकर्मी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए और सोनिया को धकियाना शुरू कर दिया।
बाद में महिला पुलिसकर्मी ने बाल पकड़ कर सोनिया को घसीटा। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की बर्बरता का विरोध करने की कोशिश भी की, लेकिन कार्रवाई की चेतावनी देकर लोगों को दूर कर दिया।
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पुलिसकर्मियों ने यह समझने की जहमत भी नहीं उठाई कि महिला क्यों विरोध कर रही है। विवादित जमीन पर कब्जा कर निर्माण करा रहे लोग अपने पक्ष में बैनामा होने का दावा कर रहे हैं तो दूसरा पक्ष बैनामे को फर्जी बता रहा है। इस दौरान वहां कई घंटे तक हंगामे का माहौल रहा। दूसरी ओर पुलिस ने महिला पक्ष के खिलाफ केस भी दर्ज कर दिया।
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मझोला थाना क्षेत्र के दान सहाय की मिलक में अशोक कुमार और अनुज उर्फ पिंटू पुत्र महेंद्र सिंह के परिवार रहते हैं। दोनों के आपस में पारिवारिक संबंध बताए जाते हैं। इसी क्षेत्र में करीब पांच बीघा जमीन है, जो अशोक कुमार और अनुज की मां सरोज देवी के नाम है। इस जमीन के एक हिस्से में आम का बाग भी है।
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शनिवार को लाइनपार निवासी अधिवक्ता योगेंद्र धारीवाल और उनकी पत्नी रू बी धारीवाल दान सहाय की मिलक में पहुंच गए। उन्होंने जमीन पर निर्माण शुरू करा दिया। इसकी जानकारी जब सरोज देवी को हुई तो वह अपने बेटे अनुज उर्फ पिंटू, बेटी गुड्डी उर्फ सोनिया, नरेश पुत्र भगवान दास के साथ मौके पर पहुंच गईं।
इन लोगों ने जमीन पर निर्माण का विरोध किया। सरोज देवी का कहना था कि इस जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है, तो कोर्ट का फैसला आने से पहले निर्माण कैसे हो सकता है, जबकि दूसरे पक्ष के अधिवक्ता योगेंद्र धारीवाल ने कहा कि अशोक ने अपने हिस्से की जमीन के 220 गज के प्लाट का उनकी पत्नी रूबी धारीवाल के नाम बैनामा किया है।
इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर में वहां जमीन पर कब्जा करने के लिए कुछ लोग लाठियां लेकर आ गए और महिलाओं पर हमलावर हो गए। सरोज देवी और सोनिया ने अपना बचाव किया और ईंट उठाकर हमलावरों को डराने की कोशिश की।
महिलाओं को हावी होता देख कब्जा कर रहे लोगों ने इसकी जानकारी खुशहालपुर पुलिस चौकी और मझोला थाने को दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। सोनिया ने पुलिसकर्मियों को बताया कि जमीन विवादित है इसलिए इस पर निर्माण नहीं कराया जा सकता, लेकिन पुलिसकर्मी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए और सोनिया को धकियाना शुरू कर दिया।
बाद में महिला पुलिसकर्मी ने बाल पकड़ कर सोनिया को घसीटा। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की बर्बरता का विरोध करने की कोशिश भी की, लेकिन कार्रवाई की चेतावनी देकर लोगों को दूर कर दिया।