{"_id":"5c33baf9bdec2256c333ef6f","slug":"101546894073-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहायक भर्ती परीक्षा का पांचवा आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सहायक भर्ती परीक्षा का पांचवा आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
सहायक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा और नकल के मामले में तीन लेखपाल और एक आरपीएफ सिपाही भी आरोपी बनाए गए हैं। इनमें से एक लेखपाल को नागफनी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को पकडे़ गए दो सॉल्वर सहित चार आरोपियों के साथ ही सोमवार को पकडे़ गए लेखपाल का चालान कर दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं हैं।
एसओ नागफनी दिनेश कुमार ने बताया कि रविवार को देवेंद्र को परीक्षार्थी अनुराग के स्थान पर अंबिका प्रसाद इंटर कालेज में परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया था। देवेंद्र से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह बीए का छात्र है। उसने बताया था कि अनुराग शर्मा असमोली का रहने वाला है। वह खुद लेखपाल के पद पर संभल में कार्यरत है। लेखपाल की नौकरी को छोड़कर वह सहायक अध्यापक बनना चाह रहा था, इस वजह से उसने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा पास करने के लिए योजना बनाई। परीक्षा में फेल होने का डर था, जिस वजह से उसने सॉल्वर देवेंद्र को ढाई लाख रुपये देकर परीक्षा के लिए राजी किया। देवेंद्र और अनुराग के बीच पैसों की डील फाइनल कराने में संभल के ही दो लेखपाल हितेश और सर्वेश खान निवासी असमोली शामिल थे। बिचौलिए दोनों लेखपाल लेखपाल अनुराग के साथी हैं। रविवार को परीक्षा शुरू होने से पहले 20 हजार रुपये अनुराग से लेकर सर्वेश ने देवेंद्र के पास पहुंचाए थे, इसके बाद वह परीक्षा देने के लिए गया था। एसओ ने बताया कि लेखपाल सर्वेश खान को सोमवार को डिप्टीगंज चौराहा से गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में लेखपाल हितेश और अनुराग वांछित हैं, दोनों की तलाश की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ मझोला पुलिस ने मोबाइल के जरिए नकल करने के आरोप में पकड़ी गई आरपीएफ के सिपाही की पत्नी रश्मि से पूछताछ के बाद उसके पति अंकित को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। उस पर पत्नी को मोबाइल पर दूसरी तरफ से नकल करवाने का आरोप है। दूसरे सॉल्वर महेंद्र के बयान के आधार पर ललित को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है, ललित ने पांच लाख रुपये में डील फाइनल कर सॉल्वर महेंद्र (सहायक अध्यापक) को अपने स्थान पर परीक्षा देने के लिए स्वरूपा देवी इंटर कालेज में भेजा था।
विज्ञापन
सहायक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा और नकल के मामले में तीन लेखपाल और एक आरपीएफ सिपाही भी आरोपी बनाए गए हैं। इनमें से एक लेखपाल को नागफनी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को पकडे़ गए दो सॉल्वर सहित चार आरोपियों के साथ ही सोमवार को पकडे़ गए लेखपाल का चालान कर दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं हैं।
एसओ नागफनी दिनेश कुमार ने बताया कि रविवार को देवेंद्र को परीक्षार्थी अनुराग के स्थान पर अंबिका प्रसाद इंटर कालेज में परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया था। देवेंद्र से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह बीए का छात्र है। उसने बताया था कि अनुराग शर्मा असमोली का रहने वाला है। वह खुद लेखपाल के पद पर संभल में कार्यरत है। लेखपाल की नौकरी को छोड़कर वह सहायक अध्यापक बनना चाह रहा था, इस वजह से उसने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा पास करने के लिए योजना बनाई। परीक्षा में फेल होने का डर था, जिस वजह से उसने सॉल्वर देवेंद्र को ढाई लाख रुपये देकर परीक्षा के लिए राजी किया। देवेंद्र और अनुराग के बीच पैसों की डील फाइनल कराने में संभल के ही दो लेखपाल हितेश और सर्वेश खान निवासी असमोली शामिल थे। बिचौलिए दोनों लेखपाल लेखपाल अनुराग के साथी हैं। रविवार को परीक्षा शुरू होने से पहले 20 हजार रुपये अनुराग से लेकर सर्वेश ने देवेंद्र के पास पहुंचाए थे, इसके बाद वह परीक्षा देने के लिए गया था। एसओ ने बताया कि लेखपाल सर्वेश खान को सोमवार को डिप्टीगंज चौराहा से गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में लेखपाल हितेश और अनुराग वांछित हैं, दोनों की तलाश की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ मझोला पुलिस ने मोबाइल के जरिए नकल करने के आरोप में पकड़ी गई आरपीएफ के सिपाही की पत्नी रश्मि से पूछताछ के बाद उसके पति अंकित को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। उस पर पत्नी को मोबाइल पर दूसरी तरफ से नकल करवाने का आरोप है। दूसरे सॉल्वर महेंद्र के बयान के आधार पर ललित को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है, ललित ने पांच लाख रुपये में डील फाइनल कर सॉल्वर महेंद्र (सहायक अध्यापक) को अपने स्थान पर परीक्षा देने के लिए स्वरूपा देवी इंटर कालेज में भेजा था।
विज्ञापन