फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Cobalt will Macssi Scanner Testing Machine

भारत के प्रोडक्ट पर नहीं लगेगा रेडिएशन का दाग 

Wed, 22 Jun 2016 12:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Wed, 22 Jun 2016 12:37 PM IST
विज्ञापन
Cobalt will Macssi Scanner Testing Machine
कोबाल्ट टेस्टिंग मशीन
 कोबाल्ट अभी तक मुरादाबाद के लिए सिरदर्द ही साबित हो रहा है। विदेशों में निर्यात होने वाले प्रोडक्ट में कोबाल्ट मिलने पर निर्यातकों के सामने दिक्कत खड़ी हो जाती हैं। जिसके चलते उन्हें न केवल नुकसान होता है बल्कि भारत की छवि पर भी धब्बा लगता है। इसकी जांच की व्यवस्था नहीं होने के कारण मुरादाबाद के निर्यातकों को विदेशों दिक्कत उठानी पड़ती है। इस मामले में सरकार भी उनकी कोई मदद नहीं करती। लेकिन अब इस समस्या से जल्द मुक्ति मिल जाएगी। जल्द ही कोबाल्ट टेस्टिंग मशीन आईसीडी में लग जाएगी। इसके लिए प्रक्रियाएं तेजी से चल रही हैं। सभी विभागों से भी इसके लिए एनओसी मिल चुकी है। 
विज्ञापन


  कोबाल्ट रेडियो एक्टिव तत्व है। जिसके चलते यह शरीर के लिए भी खतरनाक है। इसके शरीर में जाने से कैंसर का खतरा रहता है। इसके बावजूद इसे विभिन्न धातुओं में मिलाया जाता है विशेषक स्टेनलस स्टील के प्रोडक्ट में इसका प्रयोग होता है। कोबाल्ट की गंभीरता को देखते हुए अधिकांश देशों ने कोबाल्ट मिश्रित धातुओं से बने प्रोडक्ट की एंट्री पर ही बैन लगा दिया। भारत से बने प्रोडक्ट में अनजाने या जांच नहीं होे पाने के कारण अमेरिका और अन्य यूरोपियन देशों में स्केनिंग के दौरान प्रोडक्ट में कोबाल्ट की मात्रा पकड़े जाने पर उन्हें जब्त कर लिया गया।
विज्ञापन


इतना नहीं एक्सपोर्टर्स का माल तो गया ही उन पर जुर्माना भी लगा दिया गया। वहीं सरकार की ओर से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली। लाख सावधानी बरतने के बावजूद इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कारण कोबाल्ट की जांच के लिए व्यवस्था न होना। इससे बचने के लिए अब निर्यातकों ने कंटेनर डिपो में स्कैनर लगाने की मांग की। अब जल्द ही समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। एमएचएससी के लैब प्रमुख डा. रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि एमएचएससी कोबाल्ट टेस्टिंग के लिए व्यवस्था करने जा रही है। इसे बड़े स्तर पर किया जा सकेगा। इसके लिए मुख्यालय स्तर से कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी होती है टेस्टिंग 
हालांकि टेस्टिंग अभी भी की जा रही है। लेकिन वह केवल धातु की होती है। इसमें कोबाल्ट नहीं होने की ओके रिपोर्ट मिलने के बाद निर्यातक इससे प्रोडक्ट तैयार करते हैं। लेकिन कई बार हर धातु की टेस्टिंग नहीं हो पाने गड़बड़ हो जाती है। 


विदेशों से ही आता है कोबाल्ट 
मुरादाबाद। कोबाल्ट भारत में नहीं पाया जाता। यह विदेशों से ही भारत पहुंचता है। भारत में विशेषकर मुरादाबाद में प्रोडक्ट तैयार करने के लिए विदेशों से धातुओं के साथ ही स्क्रैप भी मंगाया जाता है। इसी स्क्रैप में कोबाल्ट आता है। लेकिन यही यूरोपियन कंट्री अपने यहां सुरक्षा नियमों का हवाला देकर माल रोक देती हैं, लेकिन अपने यहां उसी प्रोडक्ट तैयार करा लेती हैं। बाद में वही स्क्रैप के रूप में विकासशील देशों में पहुंचता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed