फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   CBI raid on Gramin bank GM residence in Moradabad over Kolkata PNB scam

कोलकाता के पीएनबी घोटाले में महाप्रबंधक के घर सीबीआई का छापा, साढ़े सात घंटे तक चली पूछताछ

Thu, 11 Jul 2019 05:43 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Published by: देव कश्यप Updated Thu, 11 Jul 2019 05:43 AM IST
विज्ञापन
CBI raid on Gramin bank GM residence in Moradabad over Kolkata PNB scam
सीबीआई ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के जीएम शैलेश रंजन के आवास पर छापा मारा - फोटो : अमर उजाला

2014 में कोलकाता स्थित पंजाब नेशनल बैंक से एक स्टील कंपनी को दिए गए 10 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार सुबह शहर में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के जीएम शैलेश रंजन के आवास पर छापा मारा। कांठ रोड स्थित इंपीरियल ग्रीन्स अपार्टमेंट में नवीं मंजिल पर स्थित जीएम के फ्लैट पर सुबह करीब सात बजे पहुंची सीबीआई टीम ने शैलेश से साढ़े सात घंटे पूछताछ की। दोपहर ढाई बजे जीएम के फ्लैट से बाहर आई टीम एक लैपटॉप और कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले गई है। ऋण घोटाले के समय शैलेश रंजन कोलकाता की उसी पीएनबी शाखा में तैनात थे। 

विज्ञापन


सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में इंपीरियल ग्रीन्स अपार्टमेंट की नवीं मंजिल पर फ्लैट संख्या 901 में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक शैलेश रंजन सिंह पिछले तीन माह से रह रहे हैं। 2014 में शैलेश रंजन की तैनाती कोलकाता में पंजाब नेशनल बैंक की सॉल्ट फ्लिक शाखा में थी। 2014 में पीएनबी की इस शाखा से एक स्टील कंपनी को 10 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था। जिसकी जांच सीबीआई कर रही है।
विज्ञापन


बुधवार सुबह छह बजकर 57 मिनट पर गाजियाबाद नंबर की एक गाड़ी से सात सदस्यीय सीबीआई टीम इंपीरियल ग्रीन्स अपार्टमेंट में पहुंची। गार्ड से शैलेश के फ्लैट का पता पूछने के बाद सीबीआई टीम लिफ्ट की ओर बढ़ी तो गार्ड ने फोन से जीएम को सूचना देने की कोशिश की। टीम ने उसे रोक दिया और सीधा नवीं मंजिल पर स्थित उनके फ्लैट पर पहुंची। सीबीआई टीम ने घंटी बजाई तो दरवाजा खुद जीएम शैलेश रंजन ने खोला। गेट खुलते ही सीबीआई टीम अंदर घुसी और महाप्रबंधक से उनका फोन कब्जे में ले लिया। इस फ्लोर पर सभी की एंट्री रोक दी गई। दोपहर ढाई बजे तक टीम के सदस्य महाप्रबंधक से पूछताछ करते रहे। ढाई बजे फ्लैट से बाहर आए सीबीआई अधिकारियों ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया और कार में बैठकर रवाना हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक शैलेश रंजन ने बताया कि, मामला वर्ष 2014 का है। मेरी नियुक्ति कोलकाता की पंजाब नेशनल बैंक की सॉल्टफ्लिक शाखा में थी। स्टील की एक कंपनी को दस करोड़ रुपये का लोन किया था। वह कंपनी नहीं चल पाई, जिसकी वजह से लोन चुकता नहीं हुआ। मेरा स्थानांतरण हो चुका था। इसलिए मुझे कोई जानकारी नहीं थी। बैंक का नियम है कि पांच करोड़ रुपये से अधिक का कोई लोन खराब होता है तो उसकी जांच सीबीआई करती है। इसलिए इस मामले की जांच भी सीबीआई के अधिकारी कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed