कोलकाता के पीएनबी घोटाले में महाप्रबंधक के घर सीबीआई का छापा, साढ़े सात घंटे तक चली पूछताछ
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2014 में कोलकाता स्थित पंजाब नेशनल बैंक से एक स्टील कंपनी को दिए गए 10 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार सुबह शहर में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के जीएम शैलेश रंजन के आवास पर छापा मारा। कांठ रोड स्थित इंपीरियल ग्रीन्स अपार्टमेंट में नवीं मंजिल पर स्थित जीएम के फ्लैट पर सुबह करीब सात बजे पहुंची सीबीआई टीम ने शैलेश से साढ़े सात घंटे पूछताछ की। दोपहर ढाई बजे जीएम के फ्लैट से बाहर आई टीम एक लैपटॉप और कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले गई है। ऋण घोटाले के समय शैलेश रंजन कोलकाता की उसी पीएनबी शाखा में तैनात थे।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में इंपीरियल ग्रीन्स अपार्टमेंट की नवीं मंजिल पर फ्लैट संख्या 901 में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक शैलेश रंजन सिंह पिछले तीन माह से रह रहे हैं। 2014 में शैलेश रंजन की तैनाती कोलकाता में पंजाब नेशनल बैंक की सॉल्ट फ्लिक शाखा में थी। 2014 में पीएनबी की इस शाखा से एक स्टील कंपनी को 10 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था। जिसकी जांच सीबीआई कर रही है।
बुधवार सुबह छह बजकर 57 मिनट पर गाजियाबाद नंबर की एक गाड़ी से सात सदस्यीय सीबीआई टीम इंपीरियल ग्रीन्स अपार्टमेंट में पहुंची। गार्ड से शैलेश के फ्लैट का पता पूछने के बाद सीबीआई टीम लिफ्ट की ओर बढ़ी तो गार्ड ने फोन से जीएम को सूचना देने की कोशिश की। टीम ने उसे रोक दिया और सीधा नवीं मंजिल पर स्थित उनके फ्लैट पर पहुंची। सीबीआई टीम ने घंटी बजाई तो दरवाजा खुद जीएम शैलेश रंजन ने खोला। गेट खुलते ही सीबीआई टीम अंदर घुसी और महाप्रबंधक से उनका फोन कब्जे में ले लिया। इस फ्लोर पर सभी की एंट्री रोक दी गई। दोपहर ढाई बजे तक टीम के सदस्य महाप्रबंधक से पूछताछ करते रहे। ढाई बजे फ्लैट से बाहर आए सीबीआई अधिकारियों ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया और कार में बैठकर रवाना हो गए।
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक शैलेश रंजन ने बताया कि, मामला वर्ष 2014 का है। मेरी नियुक्ति कोलकाता की पंजाब नेशनल बैंक की सॉल्टफ्लिक शाखा में थी। स्टील की एक कंपनी को दस करोड़ रुपये का लोन किया था। वह कंपनी नहीं चल पाई, जिसकी वजह से लोन चुकता नहीं हुआ। मेरा स्थानांतरण हो चुका था। इसलिए मुझे कोई जानकारी नहीं थी। बैंक का नियम है कि पांच करोड़ रुपये से अधिक का कोई लोन खराब होता है तो उसकी जांच सीबीआई करती है। इसलिए इस मामले की जांच भी सीबीआई के अधिकारी कर रहे हैं।