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रीढ़ में फंसी थी गोली, पेट का करते रहे इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 04 Nov 2016 02:05 AM IST
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कारतूस
- फोटो : AmarUjala
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डिलारी के एक बेल्डर की पीठ में गोली लगी थी जबकि डाक्टर चौबीस घंटे तक उसका पेट दर्द का इलाज करते रहे। खुलासा तब हुआ जब पेट दर्द की वजह पता नहीं चलने पर युवक की तमाम जांचें शुरू हुईं। इस बीच एक्सरे में उसकी रीढ़ की हड्डी में बुलेट फंसी देख डाक्टर चौंक गए।
गोली उसके लीवर को भी जख्मी कर चुकी थी। देर रात डाक्टरों की टीम ऑपरेट करके युवक की रीढ़ में फंसी बुलेट को निकालने की कोशिशों में जुटी थी। डिलारी थानाक्षेत्र के गांव मानपुर निवासी बाबू हुसैन का बेटा यामीन हुसैन (15) अपने बड़े भाई आरिफ और फरीदपुर निवासी रिजवान व गोंदावाला निवासी इस्लाम के साथ उत्तराखंड के बागेश्वर में बेल्डिंग का कार्य करने गया था।
बुधवार की रात सभी लोग बागेश्वर से लौट रहे थे। बागेश्वर से जैसे ये सभी लोग अपने घर के लिए चले थोड़ा दूर चलते ही अचानक यामीन सड़क पर गिर गया। वह पेट पकड़कर चीखने लगा।
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उसने पेट में दर्द की शिकायत की जिस पर उसका भाई और साथी उसे किसी तरह हल्द्वानी अस्पताल ले गए और भर्ती करा दिया। यहां डाक्टरों ने यामीन की जांच किए बगैर उसके पेट दर्द का इलाज शुरू कर दिया। लेकिन दवाओं से यामीन को कोई राहत नहीं मिली।
बुधवार को हल्द्वानी में इलाज के बाद परिजन गुरुवार रात यामीन को लेकर टीएमयू के हास्पिटल पहुंचे। यहां डाक्टरों ने युवक के पेट दर्द की वजह ट्रेस नहीं होने के बाद उसकी जांचें शुरू कीं।
इस दौरान एक्सरे रिपोर्ट में पता चला कि यामीन की रीढ़ की हड्डी में गोली फंसी है। जिसने उसे लीवर को भी जख्मी कर दिया है। सूचना मिलने पर पाकबड़ा पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। देर रात यामीन का ऑपरेशन कर गोली निकालने का प्रयास किया जा रहा था।
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गोली उसके लीवर को भी जख्मी कर चुकी थी। देर रात डाक्टरों की टीम ऑपरेट करके युवक की रीढ़ में फंसी बुलेट को निकालने की कोशिशों में जुटी थी। डिलारी थानाक्षेत्र के गांव मानपुर निवासी बाबू हुसैन का बेटा यामीन हुसैन (15) अपने बड़े भाई आरिफ और फरीदपुर निवासी रिजवान व गोंदावाला निवासी इस्लाम के साथ उत्तराखंड के बागेश्वर में बेल्डिंग का कार्य करने गया था।
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बुधवार की रात सभी लोग बागेश्वर से लौट रहे थे। बागेश्वर से जैसे ये सभी लोग अपने घर के लिए चले थोड़ा दूर चलते ही अचानक यामीन सड़क पर गिर गया। वह पेट पकड़कर चीखने लगा।
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उसने पेट में दर्द की शिकायत की जिस पर उसका भाई और साथी उसे किसी तरह हल्द्वानी अस्पताल ले गए और भर्ती करा दिया। यहां डाक्टरों ने यामीन की जांच किए बगैर उसके पेट दर्द का इलाज शुरू कर दिया। लेकिन दवाओं से यामीन को कोई राहत नहीं मिली।
बुधवार को हल्द्वानी में इलाज के बाद परिजन गुरुवार रात यामीन को लेकर टीएमयू के हास्पिटल पहुंचे। यहां डाक्टरों ने युवक के पेट दर्द की वजह ट्रेस नहीं होने के बाद उसकी जांचें शुरू कीं।
इस दौरान एक्सरे रिपोर्ट में पता चला कि यामीन की रीढ़ की हड्डी में गोली फंसी है। जिसने उसे लीवर को भी जख्मी कर दिया है। सूचना मिलने पर पाकबड़ा पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। देर रात यामीन का ऑपरेशन कर गोली निकालने का प्रयास किया जा रहा था।