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मुरादाबाद बीएसएनएल में जीएम का पद समाप्त
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मुरादाबाद। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे भारतीय दूर संचार निगम लिमिटेड ने वित्तीय बोझ कम करने के लिए मुरादाबाद में जीएम पद समाप्त कर दिया है। शनिवार को मुरादाबाद जीएम का तबादला नैनीताल कर दिया गया। अब मुरादाबाद की जिम्मेदारी बरेली के जीएम संभालेंगे। मुरादाबाद में उच्च अधिकारी अब डीजीएम होंगे।
वर्ष 2019 में आर्थिक समस्याएं बढ़ने के बाद बीएसएनएल में जनवरी 2020 में 296 कर्मचारियों में से 147 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद आउट सोर्सिंग पर कर्मचारी रखे गए थे। अब और वित्तीय कटौती करने के लिए मुरादाबाद के जीएम संजय प्रसाद को नैनीताल का जीएम बना दिया गया है। यहां पर डीजीएम भुवनेश शर्मा उच्च अधिकारी होंगे।
बरेली को मिला पुराना जनपद होने का फायदा
मुरादाबाद में यहां के अलावा, संभल, अमरोहा और रामपुर का कार्यालय था, लेकिन अब रामपुर जनपद को बरेली के अधीन कर दिया गया है। मुरादाबाद मंडल (टेलीफोन) में चार सौ 15 टॉवर संचालित हो रहे हैं। मुरादाबाद का राजस्व अधिक होने की वजह से यहां पर जीएम कार्यालय होने की संभावनाएं थीं, लेकिन टेलीफोन के लिहाज से बरेली पुराना जनपद होने की वजह से जीएम कार्यालय अब वहीं रहेगा।
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मुरादाबाद में नहीं हो सकेंगे टेंडर
जीएम संजय प्रसाद ने बताया कि वह गुरुवार तक मुरादाबाद में हैं। इसके बाद ऑपरेशन (संचालन) और मार्केटिंग की जिम्मेदारी तो डीजीएम के पास रहेगी। वह भुगतान बिल भी पास कर सकेंगे, लेकिन एजेंसी या ठेकेदार की नियुक्ति के लिए अब प्रक्रिया बरेली जीएम अनिल कुमार के अधीन होगी।
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वर्ष 2019 में आर्थिक समस्याएं बढ़ने के बाद बीएसएनएल में जनवरी 2020 में 296 कर्मचारियों में से 147 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद आउट सोर्सिंग पर कर्मचारी रखे गए थे। अब और वित्तीय कटौती करने के लिए मुरादाबाद के जीएम संजय प्रसाद को नैनीताल का जीएम बना दिया गया है। यहां पर डीजीएम भुवनेश शर्मा उच्च अधिकारी होंगे।
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बरेली को मिला पुराना जनपद होने का फायदा
मुरादाबाद में यहां के अलावा, संभल, अमरोहा और रामपुर का कार्यालय था, लेकिन अब रामपुर जनपद को बरेली के अधीन कर दिया गया है। मुरादाबाद मंडल (टेलीफोन) में चार सौ 15 टॉवर संचालित हो रहे हैं। मुरादाबाद का राजस्व अधिक होने की वजह से यहां पर जीएम कार्यालय होने की संभावनाएं थीं, लेकिन टेलीफोन के लिहाज से बरेली पुराना जनपद होने की वजह से जीएम कार्यालय अब वहीं रहेगा।
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मुरादाबाद में नहीं हो सकेंगे टेंडर
जीएम संजय प्रसाद ने बताया कि वह गुरुवार तक मुरादाबाद में हैं। इसके बाद ऑपरेशन (संचालन) और मार्केटिंग की जिम्मेदारी तो डीजीएम के पास रहेगी। वह भुगतान बिल भी पास कर सकेंगे, लेकिन एजेंसी या ठेकेदार की नियुक्ति के लिए अब प्रक्रिया बरेली जीएम अनिल कुमार के अधीन होगी।