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Moradabad News: नई पर भारी पड़ रहीं अंग्रेजों के जमाने की ईंटें, कीमत चार गुनी
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मुरादाबाद। अंग्रेजों के जमाने की ईंटें आधुनिक दाैर की ईंटों पर भारी पड़ रही हैं। मुरादाबाद में रेलवे की चार कॉलोनियों में करीब 500 जर्जर आवास तोड़े गए हैं। यह आवास 100 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। जर्जर आवासों को तोड़कर निकाली जा रही ईंटें 20 रुपये प्रति ईंट के हिसाब से बिक रही हैं। वहीं आज नई ईंट का भाव पांच रुपये प्रति ईंट है। पुरानी ईंटें, नई ईंटों से चार गुनी कीमत पर बिक रही हैं।
रेलवे ने जर्जर आवासों को तोड़ने के लिए ठेका दिया है। ठेकेदार 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से रेलवे को भुगतान कर रहे हैं। बदले में जर्जर भवनों से निकलने वाला सरिया, ईंट, पत्थर, लोहा व लकड़ी का सारा सामान ठेकेदार ले रहे हैं। मुरादाबाद में लोको कॉलोनी, लाइनपार रेलवे कॉलोनी, स्टेशन कॉलोनी, रेलवे हरथला कॉलोनी में कई हजार वर्ग मीटर में यह तोड़-फोड़ की गई है।
आवासों को तोड़कर निकाली गईं सुरक्षित ईंटों को ठेकेदार मौके पर ही बेच रहे हैं। पुरानी ईंटें होने के कारण लोग इन्हें खरीद रहे हैं। रेलवे के इंजीनियरों का कहना है कि एक वर्ग मीटर में अधिकतम 25 ईंटें लगाई जा सकती हैं यानी ठेकेदार को एक वर्ग मीटर में करीब 25 ईंटें मिल रही हैं। इस हिसाब से एक ईंट की कीमत लगभग 20 रुपये पड़ रही है। साथ ही ठेकेदार को पत्थर, सरिया व अन्य सामान भी मिल रहा है। वहीं वर्तमान में ेेेेेईंट भट्ठों पर पांच हजार रुपये प्रति एक हजार ईंट का भाव है। इस हिसाब से एक ईंट की कीमत पांच रुपये है।
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दो साल पहले लखनऊ में जर्जर रेल आवास की छत गिरने से पांच लोगों की मौत के बाद देशभर में ऐसी संपत्तियों का चिह्नित किया गया था। मुरादाबाद के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, हरिद्वार, देहरादून, रामपुर, नजीबाबाद समेत सभी स्टेशनों के पास बने जर्जर आवास तोड़ने का ठेका दिया गया है।
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रेलवे ने जर्जर आवासों को तोड़ने के लिए ठेका दिया है। ठेकेदार 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से रेलवे को भुगतान कर रहे हैं। बदले में जर्जर भवनों से निकलने वाला सरिया, ईंट, पत्थर, लोहा व लकड़ी का सारा सामान ठेकेदार ले रहे हैं। मुरादाबाद में लोको कॉलोनी, लाइनपार रेलवे कॉलोनी, स्टेशन कॉलोनी, रेलवे हरथला कॉलोनी में कई हजार वर्ग मीटर में यह तोड़-फोड़ की गई है।
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आवासों को तोड़कर निकाली गईं सुरक्षित ईंटों को ठेकेदार मौके पर ही बेच रहे हैं। पुरानी ईंटें होने के कारण लोग इन्हें खरीद रहे हैं। रेलवे के इंजीनियरों का कहना है कि एक वर्ग मीटर में अधिकतम 25 ईंटें लगाई जा सकती हैं यानी ठेकेदार को एक वर्ग मीटर में करीब 25 ईंटें मिल रही हैं। इस हिसाब से एक ईंट की कीमत लगभग 20 रुपये पड़ रही है। साथ ही ठेकेदार को पत्थर, सरिया व अन्य सामान भी मिल रहा है। वहीं वर्तमान में ेेेेेईंट भट्ठों पर पांच हजार रुपये प्रति एक हजार ईंट का भाव है। इस हिसाब से एक ईंट की कीमत पांच रुपये है।
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दो साल पहले लखनऊ में जर्जर रेल आवास की छत गिरने से पांच लोगों की मौत के बाद देशभर में ऐसी संपत्तियों का चिह्नित किया गया था। मुरादाबाद के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, हरिद्वार, देहरादून, रामपुर, नजीबाबाद समेत सभी स्टेशनों के पास बने जर्जर आवास तोड़ने का ठेका दिया गया है।