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बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 28 May 2017 01:54 AM IST
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बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के सरकारी खाते से फर्जी चेक के जरिए 20.5 लाख रुपये एक फर्जी संस्था के अकाउंट में ट्रांसफर करने के मामले में पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) सिविल लाइंस मुरादाबाद के शाखा प्रबंधक और सहायक प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में पुलिस एक फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक और एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। सीडीपीओ के खाते से दो फरवरी को कान्हा इंटरप्राइजेज नाम की एक फर्जी संस्था के नाम पर फर्जी चेक कि जरिए 20.5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए थे।
यह रकम बैंक ऑफ बड़ौदा की सिविल लाइंस शाखा से कान्हा इंटरप्राइजेज संस्था के खाते में ट्रांसफर की गई थी। 23 मार्च को पासबुक में एंट्री कराने पर सीडीपीओ को फर्जीवाड़े का पता चला था। जिसके बाद सीडीपीओ लक्ष्मी टम्टा ने उसी दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ जसपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
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एसआई एनसी जुर्रार मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार सुबह बैंक ऑफ बड़ौदा की मुरादाबाद में सिविल लाइंस स्थित शाखा के प्रबंधक वीके सक्सेना और सहायक प्रबंधक अंकिता रोहतगी को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने कहा कि फर्जी चेक से जिस तरह फर्जी संस्था के खाते में बिना जांच के इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है वह बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर संभव नहीं है। इसके बाद पुलिस ने मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने बैंक के उच्चाधिकारियों को फोन से इसकी सूचना दे दी। विवेचक एनसी जुर्रार ने बताया कि दोनों को धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। उधर दोनों बैंक अधिकारियों का कहना है कि वह तो पुलिस के सहयोग के लिए थाने आए थे उन्हें गिरफ्तारी की उम्मीद नहीं थी। दोनों ने कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
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इस मामले में पुलिस एक फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक और एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। सीडीपीओ के खाते से दो फरवरी को कान्हा इंटरप्राइजेज नाम की एक फर्जी संस्था के नाम पर फर्जी चेक कि जरिए 20.5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए थे।
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यह रकम बैंक ऑफ बड़ौदा की सिविल लाइंस शाखा से कान्हा इंटरप्राइजेज संस्था के खाते में ट्रांसफर की गई थी। 23 मार्च को पासबुक में एंट्री कराने पर सीडीपीओ को फर्जीवाड़े का पता चला था। जिसके बाद सीडीपीओ लक्ष्मी टम्टा ने उसी दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ जसपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
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एसआई एनसी जुर्रार मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार सुबह बैंक ऑफ बड़ौदा की मुरादाबाद में सिविल लाइंस स्थित शाखा के प्रबंधक वीके सक्सेना और सहायक प्रबंधक अंकिता रोहतगी को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने कहा कि फर्जी चेक से जिस तरह फर्जी संस्था के खाते में बिना जांच के इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है वह बैंक अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर संभव नहीं है। इसके बाद पुलिस ने मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने बैंक के उच्चाधिकारियों को फोन से इसकी सूचना दे दी। विवेचक एनसी जुर्रार ने बताया कि दोनों को धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। उधर दोनों बैंक अधिकारियों का कहना है कि वह तो पुलिस के सहयोग के लिए थाने आए थे उन्हें गिरफ्तारी की उम्मीद नहीं थी। दोनों ने कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है।