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भाजपा नेता की हत्या: एक साल से रची जा रही थी अनुज के मर्डर की साजिश, मुरादाबाद में ही मोबाइल छोड़ भागे शूटर
Tue, 15 Aug 2023 08:39 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Aug 2023 08:39 AM IST
सार
भाजपा नेता अनुज चौधरी के हत्यारों की तलाश में पंजाब और हिमाचल में पुलिस और एसओजी की टीम दबिश दे रही है। पुलिस हत्याकांड के खुलासे के करीब पहुंच गई है। साजिशकर्ता और शूटरों की पहचान हो चुकी है। संदिग्धों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
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BJP leader murder
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या की साजिश एक साल से रची जा रही थी। पुलिस का दावा है कि साजिशकर्ता और शूटरों की पहचान हो चुकी है। संदिग्धों से पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और एसओजी दिल्ली पंजाब और हिमाचल प्रदेश में दबिश दे रही है।
मझोला के नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ सोसायटी परिसर में बीते बृहस्पतिवार शाम छह बजे भाजपा नेता अनुज चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह दोस्त पुनीत चौधरी के साथ परिसर में टहल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाश आए और अनुज चौधरी को गोली मारकर भाग गए थे।
इस मामले में असमोली ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख हाजीबेड़ा निवासी संतोष देवी के पति प्रभाकर, उसके बेटे अनिकेत, संभल के भवालपुर निवासी अमित कुमार व पुष्पेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस की अब तक की जांच और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कई अहम सुराग मिले हैं। अनुज के कई लोगों से विवाद चल रहे थे।
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अनुज के दुश्मन एक हो गए थे और उन्होंने अनुज को ठिकाने लगाने की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि एक साल से अनुज की हत्या की साजिश रची जा रही थी। अनुज गनर और दोस्तों से घिरे रहते थे इसलिए आरोपी वारदात को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। सोसायटी से बाहर निकलने पर अनुज की गाड़ी के आगे और पीछे एक-एक गाड़ी चलती थी।
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मझोला के नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ सोसायटी परिसर में बीते बृहस्पतिवार शाम छह बजे भाजपा नेता अनुज चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह दोस्त पुनीत चौधरी के साथ परिसर में टहल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाश आए और अनुज चौधरी को गोली मारकर भाग गए थे।
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इस मामले में असमोली ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख हाजीबेड़ा निवासी संतोष देवी के पति प्रभाकर, उसके बेटे अनिकेत, संभल के भवालपुर निवासी अमित कुमार व पुष्पेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस की अब तक की जांच और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कई अहम सुराग मिले हैं। अनुज के कई लोगों से विवाद चल रहे थे।
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अनुज के दुश्मन एक हो गए थे और उन्होंने अनुज को ठिकाने लगाने की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि एक साल से अनुज की हत्या की साजिश रची जा रही थी। अनुज गनर और दोस्तों से घिरे रहते थे इसलिए आरोपी वारदात को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। सोसायटी से बाहर निकलने पर अनुज की गाड़ी के आगे और पीछे एक-एक गाड़ी चलती थी।
पुलिस और एसओजी की टीमें शूटरों की तलाश में दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल में दबिश दे रही हैं। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि हत्याकांड की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की पहचान हो चुकी है। उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
हत्या के बाद मुरादाबाद में ही मोबाइल छोड़ भागे शूटर
हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर मुरादाबाद में ही मोबाइल छोड़ गए थे। इस कारण पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही है। संदिग्धों से पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली है। शूटरों ने इस वारदात के लिए नए सिम और मोबाइल खरीदे थे। इसके अलावा शूटरों की संख्या भी तीन से अधिक थी।
हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर मुरादाबाद में ही मोबाइल छोड़ गए थे। इस कारण पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही है। संदिग्धों से पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली है। शूटरों ने इस वारदात के लिए नए सिम और मोबाइल खरीदे थे। इसके अलावा शूटरों की संख्या भी तीन से अधिक थी।
तीन शूटर सोसायटी में थे जबकि उनके कुछ साथी सोसायटी के बाहर गेट नंबर एक और दो के आसपास मौजूद थे। वारदात के बाद गेट पर शूटरों को रोका जाता या उन्हें भागने में कोई दिक्कत होती तो उन्हें कवर देने की पूरी तैयारी थी।
उनके भागने के लिए एक कार नया मुरादाबाद में खड़ी की गई थी। वारदात के बाद तीनों शूटर सिविल लाइंस क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने अपने मोबाइल यहीं छोड़ दिए थे और शहर से निकल गए थे। शूटरों के पास मोबाइल नहीं होने के कारण उन्हें पकड़ने में दिक्कत आ रही है।