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शत्रु संपत्ति मामले में आजम खान के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज

Fri, 09 Aug 2019 01:54 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर Published by: Abhishek Singh Updated Fri, 09 Aug 2019 01:54 AM IST
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BJP leader claims Azam Khan Remove from AMU due to unrestrained behavior
पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान

सपा के कद्दावर नेता और सांसद आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में उन पर 28 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। यतीमखाना और शत्रु संपत्ति के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की तैयारी रखी है।

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इस बीच भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की अनुशासन समिति की रिपोर्ट का हवाला देकर दावा किया है कि अमर्यादित आचरण के लिए आजम खां को एएमयू से निकाला गया था। आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम ने कहा कि वह ऐसे तुच्छ आरोपों का जवाब देना उचित नहीं समझते।
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आकाश सक्सेना ने एएमयू की अनुशासन समिति की छायाप्रति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजकर मांग है कि आजम खां की सदस्यता समाप्त की जाए। एएमयू की अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर आकाश सक्सेना का दावा है कि आजम खां को अमर्यादित आचरण के लिए 1973-74 में एएमयू से निष्कासित कर दिया गया था। जबकि वह रामपुर के लोगों को झूठी कहानी सुनाते हैं कि आपातकाल के आंदोलन में भाग लेने की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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आकाश का दावा है कि एमएयू के तत्कालीन वाइस चांसलर प्रोफेसर एएम खुसरो के नेतृत्व वाली नौ सदस्यीय कमेटी नेे 26 सितंबर 1975 को आजम खां को दोषी मानते हुए हमेशा के लिए यूनिवर्सिटी में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उस वक्त आजम खां एलएलएम के छात्र थे। उन्होंने आजम खां की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। 

लगभग 45 साल पुराने विवाद पर आजम खां का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं, उनके पुत्र और विधायक अब्दुल्ला आजम का कहना है कि आकाश सक्सेना के आरोपों का जवाब देना हम उचित नहीं समझते हैं। अनर्गल आरोप लगाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शत्रु संपत्ति मामले में आजम पर एक और मुकदमा

शहर कोतवाली में लोकसभा सांसद और जौहर विवि के चांसलर मोहम्मद आजम खां और तत्कालीन नगर पालिका ईओ समेत चार लोगों के खिलाफ शत्रु संपत्ति के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि तत्कालीन ईओ ने आजम खां और जौहर विवि ट्रस्ट को लाभ पहुंचाने के लिए कागजों में हेराफेरी कर गलत नोटिस जारी किया गया।

नायब तहसीलदार ने कोतवाली में दी तहरीर में में कहा है कि सींगनखेड़ा स्थित शत्रु संपत्ति को गलत तरीके से वक्फ अंकित कराकर नगर पालिका परिषद के तत्कालीन ईओ के हस्ताक्षर से मसूद खां वक्फ मुतवल्ली इमामुद्दीन कुरैशी को उक्त संपत्ति पर कब्जे जमाए होने का नोटिस जारी किया गया। जिस पर मसूद खां द्वारा रिट दाखिल की गई और नोटिस को चुनौती देकर उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया गया।

जबकि नगर पालिका परिषद को उक्त नोटिस जारी करने का कोई अधिकार नहीं था क्योंकि प्रश्नगत संपत्ति न तो नगर पालिका की संपत्ति थी और न ही नगर पालिका अवस्थित थी। जिससे प्रतीत होता है कि अप्रत्यक्ष रूप से जौहर विवि/जौहर ट्रस्ट को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत नगर पालिका परिषद द्वारा नोटिस जारी किया गया ताकि उक्त नोटिस को आधार बनाकर हाईकोर्ट से स्टे आर्डर प्राप्त किया जा सके।

तहरीर में कहा गया है कि पहले उक्त भूमि को शत्रु संपत्ति के रूप में लीज पर लेने की कार्रवाई कराई गई और जब जिलाधिकारी ने की आख्या पर तत्कालीन लीज निरस्त कर दी गई तो मसूद खां और तत्कालीन ईओ द्वारा सुनियोजित तरीके सो अप्रत्यक्ष रूप से ट्रस्ट/विवि के सहयोगी है कि सहायता से हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर स्टे आर्डर प्राप्त कर लिया और प्रश्नगत भूमि अपने कब्जे में कर ली।

मामले में इसके बाद एसडीएम सदर की ओर से नोटिस भी जारी किया। इसके बाद 9 सदस्यीय कमेटी ने जांच की। इसके साथ ही जांच में नगर पालिका के प्रेषण पंजिका में नोटिस संबंधी अनियमितता पाई गई हैं। जिसमें सप्ष्ट हुआ है कि प्रश्नगत नोटिस फर्जी रूप से तैयार कर मसूद खां मुतवल्ली वक्फ ईमामुद्दीन एवं जौहर विवि/जौहर ट्रस्ट को लाभ पहुंचखने के उद्देश्य से उनके मध्य दूरभिसंधि का परिणाम है।
जिस कारण वर्तमान में भी उक्त सरकारी संपत्ति पर जौहर विवि/जौहर ट्रस्ट का कब्जा है।

जिससे स्पष्ट है कि तत्कालीन ईओ नगर पालिका सैयद मोहम्मद तारिक और मसूद खां मुतवल्ली वक्फ इमामुद्दीन ने तत्कालीन रजिस्ट्रार जौहर विवि एवं चांसलर मो. अली जौहर विवि मोहम्मद आजम खां से हमसाज होकर उन्हें लाभ पहुंचाने की नीयत से  सरकारी कागजों में हेराफेरी कर नोटिस प्राप्त की गई।

जिस पर तत्कालीन ईओ नगर पालिका सैयद मोहम्मद तारिक, मसूद खां, रजिस्ट्रार मो. अली जौटर विवि और विवि के चांसलर मोहम्मद आजम खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। तहरीर के आधार पर आजम खां समेत चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 447, 467,468 और 471 के तहत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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