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आरटीओ बवाल की जड़ में निकले भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 13 May 2017 02:35 AM IST
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BJP
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आरटीओ बवाल पर कई दिन से पर्देदारी कर रही भाजपा ने एक वीडियो सामने आने के बाद आखिर कबूल कर लिया है कि फर्स्ट एड बॉक्स के ठेके पर कब्जे की जंग में शामिल राकेश शर्मा कोई और नहीं बल्कि भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष हैं।
आरटीओ बवाल में राकेश शर्मा समेत भाजपा के कई अहम ओहेददार शामिल थे। बजरंग दल पदाधिकारियों ने पुलिस अफसरों के सामने एक वीडियो रखते हुए साफ कर दिया है कि पुलिस सत्ता के दबाव से बाज नहीं आई तो सुबूत सीधे सीएम के सामने रखे जाएंगे।
घटना ने साफ कर दिया है कि पीएम और सीएम की लाख हिदायतों के बावजूद भाजपाइयों से सरकारी ठेकों का मोह छूट नहीं रहा है। भाजपाई भी सपा के नक्शे कदम पर हैं। प्रदेश में सत्ता बदलने के साथ ही पद और हैसियत के हिसाब से भाजपाइयों की नजरें सरकारी ठेकों, खनन और राशन के धंधे पर टिकी हैं।
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नौ मई को आरटीओ पर हुआ बवाल और फायरिंग भी इसी की परिणति थी। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही दावा किया था कि भाजपा नेता, विधायक, सांसद और उनके रिश्तेदार व परिजन सरकारी ठेकों, वसूली, खनन और जमीन के धंधों से दूर रहेंगे।
लेकिन मुरादाबाद के नेताओं पर इसका असर नहीं दिखता। अभी तक की पुलिस छानबीन में साफ हुआ है कि सपा सरकार में आरटीओ दफ्तर में फर्स्ट एड बॉक्स का ठेका सपा के एक मंत्री के रिश्तेदार फैजान के पास था।
सत्ता बदलने के बाद ये ठेका बजरंग दल के महानगर संयोजक विशाल द्रविड़ ने हथिया लिया। लेकिन मोटी कमाई वाले इस ठेके पर भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष राकेश शर्मा की नजरें भी टिकी थीं। लिहाजा सत्ता का दबाव डलवाकर राकेश ने ठेका आरटीओ अफसरों से अपने नाम करा लिया।
हालांकि औपचारिक रूप से इसका कोई ठेका नहीं होता है लेकिन आरआई उन्हीं वाहनों को ओके करते हैं जो उनके द्वारा चिन्हित व्यक्ति से फर्स्ट एड बॉक्स लेकर आता है। कमीशन में आरटीओ अधिकारियों की भी हिस्सेदारी होती है। इसी ठेके पर कब्जे को लेकर नौ मई को आरटीओ पर बवाल और फायरिंग हुई थी।
घटना में बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज की गई थीं और चार ‘बजरंगी’ जेल में बंद हैं। पहले दिन से ही भाजपा नेताओं के बवाल में शामिल होने की खबरें थीं लेकिन भाजपा पदाधिकारियों ने इसे खारिज कर कहा था कि बवाल और ठेके की जड़ में एक भी भाजपाई शामिल नहीं है।
हालांकि अब भाजपाइयाें ने कबूल कर लिया है कि ठेके के दूसरे दावेदार राकेश शर्मा भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष हैं। बजरंग दल पदाधिकारियों ने कप्तान को एक वीडियो सौंपा है जिसमें राकेश शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष सुमित शर्मा, अभिषेक अग्रवाल, संजीव चौधरी, शम्मी भटनागर समेत अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी का दावा करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
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आरटीओ बवाल में राकेश शर्मा समेत भाजपा के कई अहम ओहेददार शामिल थे। बजरंग दल पदाधिकारियों ने पुलिस अफसरों के सामने एक वीडियो रखते हुए साफ कर दिया है कि पुलिस सत्ता के दबाव से बाज नहीं आई तो सुबूत सीधे सीएम के सामने रखे जाएंगे।
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घटना ने साफ कर दिया है कि पीएम और सीएम की लाख हिदायतों के बावजूद भाजपाइयों से सरकारी ठेकों का मोह छूट नहीं रहा है। भाजपाई भी सपा के नक्शे कदम पर हैं। प्रदेश में सत्ता बदलने के साथ ही पद और हैसियत के हिसाब से भाजपाइयों की नजरें सरकारी ठेकों, खनन और राशन के धंधे पर टिकी हैं।
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नौ मई को आरटीओ पर हुआ बवाल और फायरिंग भी इसी की परिणति थी। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही दावा किया था कि भाजपा नेता, विधायक, सांसद और उनके रिश्तेदार व परिजन सरकारी ठेकों, वसूली, खनन और जमीन के धंधों से दूर रहेंगे।
लेकिन मुरादाबाद के नेताओं पर इसका असर नहीं दिखता। अभी तक की पुलिस छानबीन में साफ हुआ है कि सपा सरकार में आरटीओ दफ्तर में फर्स्ट एड बॉक्स का ठेका सपा के एक मंत्री के रिश्तेदार फैजान के पास था।
सत्ता बदलने के बाद ये ठेका बजरंग दल के महानगर संयोजक विशाल द्रविड़ ने हथिया लिया। लेकिन मोटी कमाई वाले इस ठेके पर भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष राकेश शर्मा की नजरें भी टिकी थीं। लिहाजा सत्ता का दबाव डलवाकर राकेश ने ठेका आरटीओ अफसरों से अपने नाम करा लिया।
हालांकि औपचारिक रूप से इसका कोई ठेका नहीं होता है लेकिन आरआई उन्हीं वाहनों को ओके करते हैं जो उनके द्वारा चिन्हित व्यक्ति से फर्स्ट एड बॉक्स लेकर आता है। कमीशन में आरटीओ अधिकारियों की भी हिस्सेदारी होती है। इसी ठेके पर कब्जे को लेकर नौ मई को आरटीओ पर बवाल और फायरिंग हुई थी।
घटना में बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज की गई थीं और चार ‘बजरंगी’ जेल में बंद हैं। पहले दिन से ही भाजपा नेताओं के बवाल में शामिल होने की खबरें थीं लेकिन भाजपा पदाधिकारियों ने इसे खारिज कर कहा था कि बवाल और ठेके की जड़ में एक भी भाजपाई शामिल नहीं है।
हालांकि अब भाजपाइयाें ने कबूल कर लिया है कि ठेके के दूसरे दावेदार राकेश शर्मा भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष हैं। बजरंग दल पदाधिकारियों ने कप्तान को एक वीडियो सौंपा है जिसमें राकेश शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष सुमित शर्मा, अभिषेक अग्रवाल, संजीव चौधरी, शम्मी भटनागर समेत अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी का दावा करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।