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पुलिस ज्यादती को बता आधार, सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी-00
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रामपुर। सपा नेता आजम खां ने रामपुर संसदीय सीट पर हुए उप चुनाव में कम मतदान का कारण पुलिस की ज्यादती को बताया है। उन्होंने कहा कि उप चुनाव दोबारा से होना चाहिए। हम इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि उपचुनाव में जीत को लेकर वह आश्वस्त भी हैं। अखिलेश यादव से रिश्तों में दूरी पर उन्होंने कहा कि कोई दूरी नहीं है, हां कुछ बातों की तकलीफ जरूर है।
बृहस्पतिवार को मतदान के दौरान आजम खां और उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम ने कम मतदान को लेकर पुलिस पर निशाना साधा था। शुक्रवार को आजम खां से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस के आतंक की वजह से मतदान प्रतिशत कम रहा। बोले, लोकतंत्र में क्या ये होगा कि दरोगा एक शरीफ वोटर को जिसका कोई क्रिमनल रिकॉर्ड न हो उसे ठोकरों से मारे, उसका गला दबाए, जब एक ही व्यक्ति के साथ इतना अन्याय होगा तो कौन घर से निकलकर आएगा।
उन्होंने कहा कि हम इस सबको लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने पर विचार कर रहे हैं। चुनाव परिणाम पर सपा विधायक ने कहा कि हम चुनाव जीत रहे हैं, अगर मतगणना में धांधली न हो। लेकिन, हम इस जीत को भी दरकिनार कर चाहते हैं कि उप-चुनाव दोबारा हो। कहा कि अधिकारियों ने लाठी बरसाईं, महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, एक घंट तक पोलिंग रोक दी गई। पुलिस के इस आतंक की वजह से मतदान प्रतिशत कम रहा। ये लोकतंत्र का कत्ल है। संवाद
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अखिलेश से नहीं कोई दूरी, कुछ बातों की तकलीफ जरूर है : आजम
रामपुर। अखिलेश यादव के लोकसभा उप-चुनाव प्रचार में रामपुर न आने और उनसे दूरी के सवाल पर कहा कि कोई नाराजगी या दूरी का इससे लेना देना नहीं है। हां कुछ बातों की तकलीफ जरुर है। कहा कि सेहत खराब होने के कारण सपा विधानमंडल की बैठक और शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सपा की बैठक में नहीं जा सका। दो आपरेशन हो गए हैं एक और होना है। जब जरुरी होगा तो लखनऊ बैठक में भी जाऊंगा। कहा कि अखिलेश यादव से कोई दूरी नहीं है हां कुछ तकलीफ जरुर है, कुछ बातों की तकलीफ है लेकिन, इसके लिए घर में तो आग नहीं लगा सकता। आगे की रणनीति पर कहा कि अब घर के रूठों को मनाना है और जो घर छोड़कर चले गए हैं उन्हें वापस घर लाना है। जगह-जगह छोटे-छोटे सम्मेलन कर कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा।
मंडलायुक्त पर भी साधा निशाना
रामपुर। आजम खां ने कहा कि मंडलायुक्त पर रामपुर की बर्बादी का दाग है। उन्हें ये बस्ती पसंद नहीं आती। बस्ती क्यों पसंद नहीं आती इस सवाल के जवाब पर कहा कि शायद यहां पर कुछ सड़कें और गलियां बन गईं, बच्चों के लिए स्कूल बन गए इसलिए पसंद न आती हो। कहा कि हमने चुनाव आयोग से मांग की है कि वो चाहे कितने ही अधिकारी भेज दें मतगणना के लिए लेकिन, मंडलायुक्त को न आने दें। आजम ने आरोप लगाया कि अगर मंडलायुक्त मतगणना में आएंगे तो बेइमानी कराएंगे क्योंकि विधानसभा चुनाव में भी वो सिर्फ दो सीटों पर गए और दोनों जगह सपा हार गई।
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बृहस्पतिवार को मतदान के दौरान आजम खां और उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम ने कम मतदान को लेकर पुलिस पर निशाना साधा था। शुक्रवार को आजम खां से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस के आतंक की वजह से मतदान प्रतिशत कम रहा। बोले, लोकतंत्र में क्या ये होगा कि दरोगा एक शरीफ वोटर को जिसका कोई क्रिमनल रिकॉर्ड न हो उसे ठोकरों से मारे, उसका गला दबाए, जब एक ही व्यक्ति के साथ इतना अन्याय होगा तो कौन घर से निकलकर आएगा।
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उन्होंने कहा कि हम इस सबको लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने पर विचार कर रहे हैं। चुनाव परिणाम पर सपा विधायक ने कहा कि हम चुनाव जीत रहे हैं, अगर मतगणना में धांधली न हो। लेकिन, हम इस जीत को भी दरकिनार कर चाहते हैं कि उप-चुनाव दोबारा हो। कहा कि अधिकारियों ने लाठी बरसाईं, महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, एक घंट तक पोलिंग रोक दी गई। पुलिस के इस आतंक की वजह से मतदान प्रतिशत कम रहा। ये लोकतंत्र का कत्ल है। संवाद
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अखिलेश से नहीं कोई दूरी, कुछ बातों की तकलीफ जरूर है : आजम
रामपुर। अखिलेश यादव के लोकसभा उप-चुनाव प्रचार में रामपुर न आने और उनसे दूरी के सवाल पर कहा कि कोई नाराजगी या दूरी का इससे लेना देना नहीं है। हां कुछ बातों की तकलीफ जरुर है। कहा कि सेहत खराब होने के कारण सपा विधानमंडल की बैठक और शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सपा की बैठक में नहीं जा सका। दो आपरेशन हो गए हैं एक और होना है। जब जरुरी होगा तो लखनऊ बैठक में भी जाऊंगा। कहा कि अखिलेश यादव से कोई दूरी नहीं है हां कुछ तकलीफ जरुर है, कुछ बातों की तकलीफ है लेकिन, इसके लिए घर में तो आग नहीं लगा सकता। आगे की रणनीति पर कहा कि अब घर के रूठों को मनाना है और जो घर छोड़कर चले गए हैं उन्हें वापस घर लाना है। जगह-जगह छोटे-छोटे सम्मेलन कर कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा।
मंडलायुक्त पर भी साधा निशाना
रामपुर। आजम खां ने कहा कि मंडलायुक्त पर रामपुर की बर्बादी का दाग है। उन्हें ये बस्ती पसंद नहीं आती। बस्ती क्यों पसंद नहीं आती इस सवाल के जवाब पर कहा कि शायद यहां पर कुछ सड़कें और गलियां बन गईं, बच्चों के लिए स्कूल बन गए इसलिए पसंद न आती हो। कहा कि हमने चुनाव आयोग से मांग की है कि वो चाहे कितने ही अधिकारी भेज दें मतगणना के लिए लेकिन, मंडलायुक्त को न आने दें। आजम ने आरोप लगाया कि अगर मंडलायुक्त मतगणना में आएंगे तो बेइमानी कराएंगे क्योंकि विधानसभा चुनाव में भी वो सिर्फ दो सीटों पर गए और दोनों जगह सपा हार गई।