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Moradabad News: बैंक मैनेजर की हत्या में एक और दोषी को उम्रकैद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2024 05:50 AM IST
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Another convict gets life imprisonment for murder of manager
मुरादाबाद। आठ साल पहले शहर की पॉश कॉलोनी में हुई बैंक मैनेजर रेनू भटनागर की हत्या में बाल न्यायालय ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। घटना के समय आरोपी नाबालिग था। अब आरोपी बालिग हो चुका है। अदालत ने आदेश दिए हैं कि दोषी की सजा जिला कारागार में बिताई जाए। इस घटना में शामिल रहे उत्तम कश्यप को पहले ही जिला जज की अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
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इस वारदात को दस जून 2016 की सुबह साढ़े सात बजे सिविल लाइंस की दीनदयाल नगर फेस टू स्थित मकान नंबर डी 36 में अंजाम दिया गया था। घटना के समय प्रथमा बैंक की मैनेजर रेनू भटनागर चाय बनाने की तैयारी कर रही थीं। उनके पति एलआईसी से सेवानिवृत्त मैनेजर सुधीर भटनागर छत पर कुछ कार्य कर रहे थे। जबकि बेटा यथार्थ भटनागर सो रहा था। इसी दौरान दरवाजे की घंटी बजी थी। सुधीर भटनागर ने बताया कि रेनू दरवाज़ा खोलने के लिए गई थी। दरवाजे पर साईं मंदिर के पास पंक्चर जोड़ने वाली दुकान चलाने वाला उत्तम कश्यप और उसका एक अन्य युवक था। जिसने दरवाजा खुलते ही रेनू पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले कर दिए थे। रेनू के शोर मचाने पर बेटा यथार्थ अपनी मां को बचाने के लिए आया तो उस पर भी चाकू मार कर घायल कर दिया। शोर शराबा पर सुधीर भी नीचे आ गए थे। मां-बेटे खून से लथपथ हालत में गेट के पास ही फर्श पर पड़े थे। सुधीर भटनागर आगे आए तो बदमाशों ने उन पर भी हमला कर दिया था। तीनों को घायल अवस्था में निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। इस घटना से घायल रेनू भटनागर की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी उत्तम और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। उत्तम को जेल भेज दिया गया था, जबकि दूसरे नाबालिग आरोपी को राजकीय संप्रेक्षण गृह भेज दिया था। जिला जज की अदालत ने 18 अगस्त 2018 को कांशीराम नगर निवासी उत्तम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि दूसरे आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल दूसरी कोर्ट में भेज दी गई थी। नाबालिग अपचारी की पत्रावली बालक न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या एक केशव गोयल की अदालत में सुनवाई के लिए पेश की गई। अदालत ने अपचारी किशोर को हत्या का दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा के साथ उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही आदेश दिया है कि घटना में शामिल किशोर अब बालिग हो चुका है। ऐसी स्थिति में उसे बाल संप्रेषण ग्रह न भेज कर जिला कारागार में भेजा जाए, जहां उसकी सजा की अवधि पूरी की जाएगी।
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घटना के वक्त किशोर था आरोपी

अब से आठ साल पहले दीनदयाल नगर में हुई इस घटना के वक्त आरोपी उत्तम के साथ आया दूसरा साथी उस समय नाबालिग था। जिसकी आयु उस समय 17 साल की थी। घर में लूटपाट करने के इरादे से बदमाश आए थे। अपनी इस योजना में सफल नहीं होने आरोपियों ने हत्या को अंजाम दे डाला।
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घटना से 15 दिन पहले की थी रेकी
दोषी करार दिए आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि घटना से पंद्रह दिन पहले सुधीर भटनागर के घर में लगी पानी की टंकी की सफाई करने आए थे। तब उन्होंने पूरे घर की जानकारी ले ली थी और यह भी पता था कि सुधीर भटनागर एलआईसी में उनकी पत्नी बैंक में अधिकारी हैं। जिनके पास नगदी और जेवरात होंगे लेकिन घटना के बाद मोहल्ले के कई लोग एकत्र हो गए। जिस कारण से नगदी और जेवरात नहीं ले पाए थे।


घटना के दो दिन बाद हुई थी गिरफ्तारी
मुरादाबाद। जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद दोनों ही आरोपी शहर छोड़ कर भागने की फिराक में थे। जिसके चलते दोनों आरोपी घटना के दो दिन बाद छिपते हुए हरथला रेलवे-स्टेशन पहुंच गए थे और ट्रेन का इंतजार करने लगे थे, जिसकी सूचना पुलिस को लगी और पुलिस ने दोनों आरोपियों को रेलवे-स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


मुख्य आरोपी को फांसी की सजा दिलाने को हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे सुधीर भटनागर
मृतका रेनू भटनागर के पति सुधीर भटनागर ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने वाले उत्तम कश्यप को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुधीर भटनागर ने उसके फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है।



पिता-पुत्र की गवाही से मिली दोषियों को सजा
इस घटना में सुधीर भटनागर और उनका बेटा यथार्थ भी घायल हो गए थे। पिता पत्र ने कोर्ट में पेश बयान दिए थे। अदालत ने पिता-पुत्र के बयानों को आधार मानते हुए सजा सुनाई है।
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