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Moradabad News: रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव पर रोक से सदस्यों में रोष
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मंडी धनौरा। एक अगस्त को होने वाले रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव पर एसडीएम ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए रोक लगा दी है। प्रबंध समिति के चुनाव पर रोक लगाने से समिति के सदस्यों में भारी रोष है। सदस्यों ने एक बयान जारी कर प्रशासन पर राजनैतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। सदस्यों ने एसडीएम के आदेश के खिलाफ अदालत की शरण लेने की बात कही है। रविवार को दिन भर सोशल मीडिया पर चुनाव स्थगित करने का मुद्दा छाया रहा।
रामलीला प्रबंध समिति के वर्तमान अध्यक्ष अजय गोयल व सचिव अशोक कुमार ने एसडीएम को पत्र सौंपकर एक अगस्त से होने वाली रामलीला समिति की चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि चुनाव रजिस्ट्रार की बगैर अनुमति के हो रहे हैं। एसडीएम ने इस संबंध में रजिस्ट्रार से कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगा था। रजिस्ट्रार ने अपने पत्र में 2006 से समिति का नवीनीकरण नहीं होने की बात कही थी। लेकिन चुनाव को रोकने के संबंध में कोई बात नहीं कही। एसडीएम चंद्रकांता ने शनिवार की रात कानून व्यवस्था व कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए चुनाव पर रोक लगा दी। चुनाव पर रोक लगाने की जानकारी मिलते ही कार्यकारिणी व आजीवन सदस्यों में तीव्र प्रतिक्रिया हुई।
कार्यकारिणी के 12 व 25 आजीवन सदस्यों ने एक बयान जारी कर प्रशासन पर राजनैतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि समिति के वर्ष 2021 में हुए चुनाव भी रजिस्ट्रार की बगैर अनुमति के ही हुए थे। वर्तमान अध्यक्ष व सचिव 2021 में हुए चुनाव में निर्वाचित हुए थे। उन्होंने एसडीएम के फैसले के खिलाफ अदालत की शरण में जाने की बात कही है। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ पूरा करने के लिए राम के काम में विघ्न पैदा कर रहे हैं। उन्होंने राजनैतिक लोगों से धर्म के काम में हस्तक्षेप नहीं करने की अपील की है।
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पत्र पर अवनीश कुमार, बिंदू शर्मा, राजीव शर्मा, जगऔतार त्यागी, दिनेश पवार, सुनील त्यागी, अमित कुमार, शंकर सिंह, जागेश अग्रवाल, आमोद कुमार, मनोज कुमार, नवनीत वर्मा आदि के हस्ताक्षर हैं।
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रामलीला प्रबंध समिति के वर्तमान अध्यक्ष अजय गोयल व सचिव अशोक कुमार ने एसडीएम को पत्र सौंपकर एक अगस्त से होने वाली रामलीला समिति की चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि चुनाव रजिस्ट्रार की बगैर अनुमति के हो रहे हैं। एसडीएम ने इस संबंध में रजिस्ट्रार से कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगा था। रजिस्ट्रार ने अपने पत्र में 2006 से समिति का नवीनीकरण नहीं होने की बात कही थी। लेकिन चुनाव को रोकने के संबंध में कोई बात नहीं कही। एसडीएम चंद्रकांता ने शनिवार की रात कानून व्यवस्था व कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए चुनाव पर रोक लगा दी। चुनाव पर रोक लगाने की जानकारी मिलते ही कार्यकारिणी व आजीवन सदस्यों में तीव्र प्रतिक्रिया हुई।
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कार्यकारिणी के 12 व 25 आजीवन सदस्यों ने एक बयान जारी कर प्रशासन पर राजनैतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि समिति के वर्ष 2021 में हुए चुनाव भी रजिस्ट्रार की बगैर अनुमति के ही हुए थे। वर्तमान अध्यक्ष व सचिव 2021 में हुए चुनाव में निर्वाचित हुए थे। उन्होंने एसडीएम के फैसले के खिलाफ अदालत की शरण में जाने की बात कही है। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ पूरा करने के लिए राम के काम में विघ्न पैदा कर रहे हैं। उन्होंने राजनैतिक लोगों से धर्म के काम में हस्तक्षेप नहीं करने की अपील की है।
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पत्र पर अवनीश कुमार, बिंदू शर्मा, राजीव शर्मा, जगऔतार त्यागी, दिनेश पवार, सुनील त्यागी, अमित कुमार, शंकर सिंह, जागेश अग्रवाल, आमोद कुमार, मनोज कुमार, नवनीत वर्मा आदि के हस्ताक्षर हैं।